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जिंदा हैं Poonam Pandey, सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूक करने के लिए फैलाई थी मौत की खबर, क्या इस बीमारी से बचा जा सकता है?

सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्विक्स गर्भाशय का सबसे निचला भाग होता है, जिसे गर्भाशय ग्रीवा भी कहा जाता है।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: February 03, 2024 13:46 IST
जिंदा हैं poonam pandey  सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूक करने के लिए फैलाई थी मौत की खबर  क्या इस बीमारी से बचा जा सकता है
हाल ही में पूनम पांडे के इंस्टाग्राम हैंडल से दो और वीडिया शेयर किए गए हैं, जिसमें खुद पूनम अपनी मौत की खबर को झूठा बताती नजर आ रही हैं। (P.C-@poonampandeyreal/Instagram)
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बीते दिन बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस और मॉडल पूनम पांडे (Poonam Pandey) के निधन की बेहद शॉकिंग खबर सामने आई थी। एक्ट्रेस के ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर की गई एक पोस्ट में बताया गया कि पूनम पांडे का सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) की वजह से निधन हो गया है। 32 साल की उम्र में एक्ट्रेस के निधन की खबर ने सभी को शॉक्ड कर दिया था। फैंस के साथ-साथ बॉलीवुड सेलेब्स तक इस खबर से सकते में थे। इस बीच हाल ही में पूनम पांडे के इंस्टाग्राम हैंडल से दो और वीडिया शेयर किए गए हैं, जिसमें खुद पूनम अपनी मौत की खबर को झूठा बताती नजर आ रही हैं।

वीडियो में पूनम पांडे बता रही हैं कि उन्होंने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए अपनी झूठी मौत की जानकारी दी थी। वहीं, अब अदाकारा की इस पोस्ट के बाद एक बार फिर सर्वाइकल कैंसर को लेकर कई सवाल लोगों के मन में उठने लगे हैं। यहां हम आपको इस गंभीर बीमारी को लेकर ऐसे ही कुछ अहम सवालों के जवाब दे रहे हैं।

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इससे पहले जान लेते हैं कि आखिर सर्वाइकल कैंसर है क्या?

सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्विक्स गर्भाशय का सबसे निचला भाग होता है, जिसे गर्भाशय ग्रीवा भी कहा जाता है। वहीं, जब गर्भाशय ग्रीवा में कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है।

कैसे होता है सर्वाइकल कैंसर?

ये गंभीर बीमारी ह्यूमन पेपिलोमावायरस (Human Papillomavirus) के कारण होती है। शरीर में ये वायरस असुरक्षित वेजाइनल, एनल और ओरल यौन संबंध बनाने के दौरान फैल सकता है। हेंल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर कोई अपने जीवन में कभी न कभी HPV वायरस के संपर्क में आता है लेकिन हमारी बॉडी इससे लड़कर वायरस को खत्म कर देती है। हालांकि, व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर होने पर ये वायरस सर्विक्स एरिया की कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में तब्दील कर देता है।

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क्या एक बार चपेट में आने से इस बीमारी से बचा जा सकता है?

बता दें कि सर्वाइकल कैंसर का इलाज संभव है। हालांकि, शरीर में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) के प्रवेश करने और इससे कैंसर सैल्स बनने में लंबा वक्त लगता है। ऐसे में इस गंभीर स्थिति के लक्षण नजर आने में भी लंबा समय लग सकता है।

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सर्वाइकल कैंसर होने पर कैसे लक्षण नजर आते हैं?

  • यौन संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग
  • मेनोपॉज होने के बाद भी ब्लीडिंग
  • पीरियड्स के समय से अलग भी बिना वजह योनि से ब्लीडिंग
  • योनि से असामान्य रूप से पानी जैसा लिक्विड बहना
  • मल-मूत्र के दौरान तेज दर्द होना
  • वजन अचानक कम हो जाना
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द बने रहना
  • बिना वजह अक्सर थकान महसूस करना

सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए क्या करें?

सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए असुरक्षित और अनेक यौन संबंध बनाने से बचना सबसे अधिक जरूरी है। साथ ही HPV के खिलाफ वैक्सीनेशन भी जरूर कराएं। इन सब के अलावा इम्यूनिटी को मजबूत करना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए हेल्दी डाइट के साथ-साथ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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