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पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए पेन किलर लेना कितना सही है? क्या इससे प्रेग्नेंसी पर असर पड़ सकता है, एक्सपर्ट्स से जानें जवाब

पीरियड्स के दौरान ज्यादातर महिलाएं पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द से भी परेशान रहती हैं। इस तरह के दर्द को आम भाषा में पीरियड क्रैम्प्स कहते हैं। कई महिलाओं में तो ये दर्द इतना अधिक होता है कि वे 3 दिनों तक बिस्तर से उठ तक नहीं पाती हैं।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | March 29, 2024 17:03 IST
पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए पेन किलर लेना कितना सही है  क्या इससे प्रेग्नेंसी पर असर पड़ सकता है  एक्सपर्ट्स से जानें जवाब
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. तानया बताती हैं, 'पेन किलर गर्भाशय के सिकुड़ने के एक्शन को कुछ हद तक कम करने में मदद करती हैं, जिससे दर्द का एहसास भी कम होने लगता है।'(P.C- Freepik)
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पीरियड्स या माहवारी एक सामान्य प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जिससे एक उम्र के बाद हर महिला को गुजरना पड़ता है। वहीं, इस दौरान महिलाओं को तमाम तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। जैसे पीरियड्स के समय कुछ महिलाओं को समय-समय पर मूड स्विंग्स परेशान करते हैं, कुछ को इस दौरान भूख का अधिक एहसास होता है, तो कुछ को लंबे समय तक भूख ही नहीं लगती है। इस स्थिति में कमजोरी शरीर को जकड़ लेती है और महिलाओं को समय-समय पर चक्कर आना या थकान का अनुभव होता है।

वहीं, इन तमाम परेशानियों से अलग पीरियड्स के दौरान ज्यादातर महिलाएं पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द से भी परेशान रहती हैं। इस तरह के दर्द को आम भाषा में पीरियड क्रैम्प्स कहते हैं। कई महिलाओं में तो ये दर्द इतना अधिक होता है कि वे 3 दिनों तक बिस्तर से उठ तक नहीं पाती हैं। ऐसे में राहत पाने के लिए वे अक्सर पेन किलर का सहारा लेती हैं। हालांकि, इस दौरान ज्यादातर महिलाओं के मन में ये सवाल होता है कि क्या पीरियड्स के दौरान पेन किलर लेना सेफ है? या क्या इससे प्रेग्नेंसी पर कोई असर पड़ सकता है? आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं इन सवालों का जवाब-

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

मामले को लेकर इंडियन एक्सप्रेस संग हुई एक खास बातचीत के दौरान मैक्स अस्पताल की एसोसिएट डायरेक्टर-ऑब्स्ट्रेटिक और गाइनेकोलॉजी, डॉ. सुमन लाल बताती हैं, 'माहवारी के दौरान पेन किलर लेना पूरी तरह सुरक्षित है, साथ ही इससे प्रेग्नेंसी पर कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, किसी भी दवा को एक सीमीत मात्रा में लेना बेहद जरूरी है।'

कितनी गोलियां हैं सही?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. सुमन बताती हैं, 'दर्द होने पर आप हर 12 घंटे में एक पेन किलर ले सकती हैं। लेकिन किसी भी दवा को लेने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें। खुद से कोई भी पेन किलर लेने से बचें।'

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वहीं, डॉ. सुमन से सहमति जताते हुए एक अन्य गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. तानया बताती हैं, 'पीरियड्स के दौरान महिलाओं में प्रोस्टाग्लैंडिन (Prostaglandins) नामक एक कंपाउंड ज्यादा हो जाता है, जो यूटेराइन लाइनिंग को गिरने के लिए प्रेरित करता है। वहीं, इस परत और खून को बाहर निकालने के लिए गर्भाशय सिकुड़ता है और इसी के चलते महिलाओं को तेज दर्द का एहसास होता है।'

डॉ. तानया आगे बताती हैं, 'पेन किलर गर्भाशय के सिकुड़ने के एक्शन को कुछ हद तक कम करने में मदद करती हैं, जिससे दर्द का एहसास भी कम होने लगता है। ऐसे में पेन किलर लेना सुरक्षित है लेकिन जरूरत से अधिक इनके सेवन से बचें।'

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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