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Hormonal Imbalance: गंभीर बीमारियों से लेकर फर्टिलिटी में परेशानी का कारण बन सकता है हार्मोनल असंतुलन, इन 5 सिंपल तरीकों से करें बचाव

कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि खानपान में प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही, पनीर, सेब का सिरका आदि को शामिल कर हार्मोनल असंतुलन की स्थिति से राहत पाई जा सकती है।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: April 01, 2024 14:13 IST
hormonal imbalance  गंभीर बीमारियों से लेकर फर्टिलिटी में परेशानी का कारण बन सकता है हार्मोनल असंतुलन  इन 5 सिंपल तरीकों से करें बचाव
इलेक्ट्रोलाइट्स हार्मोनल संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा को सही बनाए रखने के लिए हाइड्रेटेड रहें। (P.C- Freepik)
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ह्यूमन बॉडी में 230 तरह के हार्मोन्स पाए जाते हैं। ये न्यूरोकेमिकल्स होते हैं, जो एमिनो एसिड से बने होते हैं और शरीर में एक मैसेंजर की तरह काम करते हैं। आसान भाषा में समझें, तो 230 तरह के हार्मोन्स सीधे ग्रंथियों से निकलकर खून के माध्यम से हमारे अंगों, त्वचा , मांसपेशियों और अन्य ऊतकों तक पहुंचाकर पाचन, प्रजनन, बॉडी की ग्रोथ जैसे कई फंक्शन्स के लिए संकेत देते हैं। ऐसे में शरीर में हार्मोन्स की कम या ज्यादा मात्रा इन फंक्शन्स में बाधा बनकर कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है।

इसी कड़ी में यहां हम आपको 5 ऐसे आसान तरीके बता रहे हैं, जो बॉडी में हार्मोन्स की मात्रा को उचित बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में-

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प्रोबायोटिक फूड

कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि खानपान में प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही, पनीर, सेब का सिरका आदि को शामिल कर हार्मोनल असंतुलन की स्थिति से राहत पाई जा सकती है। दरअसल, प्रोबायोटिक्स गट हेल्थ को बढ़ावा देते हैं, वहीं अच्छी गट हेल्थ और हार्मोन्स के संतुलन में सीधा संबंध देखा जाता है।

दरअसल, गट हेल्थ बेहतर रहने पर आपका पाचन भी बेहतर ढंग से हो पाता है। इससे आप भोजन से अच्छी मात्रा में पोषक तत्वों का अवषोशण कर पाते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन बना रहता है।

खाने के बाद जरूर करें ये काम

हर बार भोजन के बाद केवल 10 मिनट वॉक करने से भी शरीर में हार्मोन की मात्रा संतुलित बनी रहती है। दरअसल, खाने के बाद वॉक करने से भोजन का पाचन जल्दी हो जाता है, साथ ही इससे भोजन के बाद बल्ड शुगर की मात्रा एकदम से बढ़ती नहीं है। वहीं, हार्मोनल बैंलेस के लिए शुगल लेवल का सही बने रहना सबसे अधिक जरूरी माना जाता है। ऐसे में हर मील के बाद कम से कम 10 मिनट तक वॉक जरूर करें। इससे आपकी ओवरऑल हेल्थ बेहतर रहेगी।

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इलेक्ट्रोलाइट्स

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रोलाइट्स हार्मोनल संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा को सही बनाए रखने के लिए हाइड्रेटेड रहें। उचित जलयोजन आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का स्वस्थ स्तर बनाए रखने में मदद कर सकता है। इससे अलग खानपान में पोटेशियम, मैग्नीशियम और सोडियम से भरपूर चीजों को शामिल करने से भी इलेक्ट्रोलाइट्स का मात्रा सही रहती है।

प्रोटीन

बेहतर हार्मोनल संतुलन के लिए अपनी डाइट में रोज कम से कम 30 ग्राम प्रोटीन को जरूर शामिल करें। प्रोटीन हार्मोन प्रोडक्शन और टिश्यू रिपेयर में योगदान करता है। ऐसे में अपनी डाइट में प्रोटीन से भरपूर खाद पद्दार्थ जैसे अंडे, पनीर, दालें, लीन मीट आदि को शामिल करें। इससे आपको बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

डाइटरी सप्लीमेंट

इन सब से अलग शरीर में कुछ खास विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होने पर भी हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ने लगता है। ऐसे में आप हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद इन विटामिन्स और मिनरल्स की कमी को दूर करने के लिए सप्लीमेंट्स का सहारा ले सकते हैं। खासकर विटामिन डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम आदि हार्मोन्स के संतुलन को बनाए रखने के लिए जरूरी माने जाते हैं, आुप इन सप्लीमेंट्स को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स से सलाह ले सकते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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