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क्या Reading Glasses लगाने से वास्तव में आंख हो जाती है कमजोर? एक्सपर्ट से जानें बेहतरीन फायदे और इस्तेमाल करने का सही तरीका

कई लोगों का मानना है कि पढ़ने वाला चश्मा लगाने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। एक्सपर्ट से जानें इस बात पर कितनी है सच्चाई
Written by: Shivani Singh
नई दिल्ली | Updated: May 08, 2024 17:55 IST
क्या reading glasses लगाने से वास्तव में आंख हो जाती है कमजोर  एक्सपर्ट से जानें बेहतरीन फायदे और इस्तेमाल करने का सही तरीका
एक्सपर्ट से जानें आंखों के चश्मे संबंधी कुछ फैक्ट्स (PC-Freepik)
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खराब लाइफस्टाइल और खानपान पर ठीक ढंग से ध्यान न देने के कारण स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं उत्पन्न होती है। इसमें से आंखों की रोशनी कमजोर होना सबसे बड़ी समस्या है। लगातार मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि में काम करने के कारण आंखों संबंधी कई समस्याएं उत्पन्न होती जा रही है। इसीलिए कम उम्र में ही चश्मा लग जाता है। किसी को पास की नजर, तो किसी की दूर की नजर कमजोर हो रही है। हर कोई आंखों में चश्मा लगा रहा है। ऐसे में ही कई लोग ऐसे है, जो कुछ पढ़ते समय आंखों में चश्मा लगा लेते हैं, जिससे उन्हें आंखों पर ज्यादा जोर न देने पड़े। पढ़ने का चश्मा इस्तेमाल करने के बारे में कई गलतफहमियां हैं। एक आम मिथक ये है कि चश्मा लगाने से आंखें कमजोर हो जाती हैं। लेकिन असलियत में ऐसा नहीं है। आइए आई-क्यू सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल के फाउंडर और सीएमडी डॉ अजय शर्मा से जानते हैं इस मिथक के बारे में और पढ़ने के चश्मे के फायदों और सही इस्तेमाल के बारे में..

मिथक: पढ़ने का चश्मा (Reading glasses) लगाने से नजर कमजोर हो जाती है

ये मिथक इस गलतफहमी पर आधारित है कि चश्मा लगाने से आंखों की खुद फोकस करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। कुछ लोगों को लगता है कि चश्मा लगाने से आंख कमजोर पड़ जाती हैं और फोकस नहीं कर पातीं, जिसकी वजह से आगे चलकर हमेशा चश्मा लगाने की आदत पड़ जाती है। लेकिन, ये सोच आंखों की सेहत और देखने की क्रिया को बहुत ही आसान तरीके से समझना है।

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फैक्ट: असलियत में चश्मा लगाने से फायदा होता है

आई-क्यू सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल के फाउंडर और सीएमडी डॉ अजय शर्मा के अनुसार, पढ़ने का चश्मा उम्र बढ़ने के साथ आने वाली समस्या प्रेस्बायोपिया (presbyopia) को दूर करने के लिए बनाया गया है। प्रेस्बायोपिया में पास की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं। ये चश्मा चीजों को बड़ा करके दिखाता है, जिससे आसानी से पढ़ने में या पास की चीजों को देखने में परेशानी नहीं होती। अगर आप सही तरह से चश्मा लगाते हैं, तो इससे आंखें कमजोर नहीं होतीं, बल्कि चीजें साफ दिखाई देती हैं और आंखें कम थकती हैं।

सही नंबर का चश्मा लगाने के फायदे

आंखों को मिलता है आराम

पास की चीजों को देखने के लिए जोर लगाने से आंखें थक जाती हैं। पढ़ने का चश्मा आंखों के इस तनाव और थकान को कम करता है, खासकर जब आप लंबे समय तक पास की चीजों को देखने वाले काम करते हैं।

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काम करने की क्षमता बढ़ती है

पास की चीजें साफ दिखने से आपका काम करने का तरीका भी बेहतर हो जाता है. आप बिना किसी दिक्कत के पढ़ाई कर सकते हैं, कंप्यूटर पर काम कर सकते हैं और पास की चीजों को अच्छे से देखकर दूसरे काम भी ज्यादा बेहतर तरीके और सटीकता के साथ कर सकते हैं।

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आंखों की सेहत अच्छी रहती है

छोटे अक्षरों को पढ़ने में परेशानी होने पर आप बिना चश्मे के आंखों पर जोर लगाते हैं। इससे आंखों में खिंचाव, सिरदर्द और आंखें टेढ़ी करके देखने की आदत पड़ सकती है। ये आदतें आपकी आंखों की मौजूदा समस्याओं को और बढ़ा सकती हैं. पढ़ने का चश्मा लगाने से इन परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है और आंखों की सेहत अच्छी रहती है।

कमर और कंधों में दर्द नहीं होता

छोटे अक्षरों को देखने के लिए बिना चश्मे के आंखों पर जोर लगाने की वजह से आपका पोस्चर खराब हो सकता है और यह आदत बन जाती है। इस आदत से आपकी गर्दन और कंधों में दर्द हो सकता है। पढ़ने का चश्मा लगाने से आसानी से पढ़ने और पास की चीजों को देखने में मदद मिलती है, जिससे आप सही पोश्चर में बैठ पाते हैं और कमर-कंधों में दर्द की समस्या नहीं होती।

चश्मे से ज्यादा फायदा उठाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

पढ़ने के चश्मे से सबसे ज्यादा फायदा उठाने और किसी भी तरह की समस्या से बचने के लिए आपको नीचे बताए उपायों पर काम करना चाहिए।

डॉक्टर से जांच करवाएं

अपनी आंखों की जांच किसी अच्छे आई स्पेशलिस्ट (ophthalmologist) या ऑप्टोमेट्रिस्ट (optometrist) से करवाएं। ताकि वो बता सकें कि आपको किस नंबर का चश्मा लगाना चाहिए.

चश्मा सही तरह से इस्तेमाल करें

डॉक्टर द्वारा बताए गए नंबर का चश्मा ही लगाएं। खासकर जब आप पास की चीजों को देखने वाले काम कर रहे हों।

आंखों को आराम दें

डॉ अजय शर्मा का कहना है कि आंखों को थकान से बचाने के लिए 20-20-20 नियम का पालन करें। हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें और 20 फीट दूर किसी चीज को देखें।

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