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7 mg/dL से ज्यादा बढ़ गया है यूरिक एसिड तो खाली पेट पानी में उबालकर पिएं ये मसाला, जल्द बॉडी से फ्लशआउट हो जाएंगे टॉक्सिन

यूरिक एसिड दरअसल कोई बीमारी नहीं है, ये एक प्रकार का टॉक्सिन है, जो प्यूरीन नामक रयासन के टूटने पर शरीर में बनता है। प्यूरीन कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | January 26, 2024 12:17 IST
7 mg dl से ज्यादा बढ़ गया है यूरिक एसिड तो खाली पेट पानी में उबालकर पिएं ये मसाला  जल्द बॉडी से फ्लशआउट हो जाएंगे टॉक्सिन
वयस्क महिलाओं में 2.5 से 6 mg/dL और वयस्क पुरुषों में 3.5 से 7 mg/dL तक यूरिक एसिड का लेवल नॉर्मल होता है। इससे अधिक होने पर ये जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होना शुरू हो जाता है। (P.C- Freepik)
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खानपान में गड़बड़ी और उसपर शारीरिक स्थिरता के चलते आज के समय में लोग जल्दी-जल्दी गंभीर परेशानियों की चपेट में आ रहे हैं। इन्हीं में से एक है यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या, जिसके चलते ना केवल पीड़ित को जोड़ों में तेज दर्द, अकड़न और सूजन का सामना करना पड़ता है, बल्कि लंबे समय पर ये आपकी किडनी पर भी बेहद खराब असर डालता है।

यूरिक एसिड दरअसल कोई बीमारी नहीं है, ये एक प्रकार का टॉक्सिन है, जो प्यूरीन नामक रयासन के टूटने पर शरीर में बनता है। प्यूरीन कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर कर पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर कर देती हैं, लेकिन 7 mg/dL से ज्यादा मात्रा में होने पर किडनी भी इसे फिल्टर करने में असमर्थ हो जाती हैं। दरअसल, वयस्क महिलाओं में 2.5 से 6 mg/dL और वयस्क पुरुषों में 3.5 से 7 mg/dL तक यूरिक एसिड का लेवल नॉर्मल होता है। इससे अधिक होने पर ये जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होना शुरू हो जाता है।

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वहीं, यूरिक एसिड के ये क्रिस्टल हड्डियों के बीच में गैप को बढ़ा देते हैं, जिससे हड्डियां बेहद कमजोर होने लगती हैं और इसी के चलते पीड़ित को जोड़ों में तेज दर्द, अकड़न, सूजन या गाउट जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। अधिक परेशानी की बात यह है कि आज के बदलते लाइफस्टाइल के चलते कम उम्र में भी यूरिक एसिड की समस्या लोगों को घेर रही है। ऐसे में अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। यहां हम आपको एक ऐसे खास नुस्खे के बारे में बता रहे हैं, जो शरीर में जमा यूरिक एसिड के क्रिस्टल को बॉडी से फ्लशआउट करने में असरदार हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे-

यूरिक एसिड पर असरदार है ये नुस्खा

कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि पानी में काली मिर्च उबालकर और हल्का गुनगुना रह जाने पर इसका सेवन करने से यूरिक एडिक की समस्या और इसके चलते जोड़ों में होने वाले दर्द से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

कैसे है असरदार?

पबमेड पर छपी एक रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, खाली पेट गर्म या गुनगुने पानी का सेवन शरीर में प्यूरिन को जमने से रोकता है, साथ ही ये शरीर में प्यूरिन पचाने की गति को भी तेज करता है। वहीं, जैसा की ऊपर जिक्र किया गया है, यूरिक एसिड के लिए प्यूरीन सबसे अधिक जिम्मेदार होता है, ऐसे में गर्म पानी पीना आपको फायदा पहुंचा सकता है।

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वहीं, बात काली मिर्च की करें, तो इसमें डाइयूरेटिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से यूरिक एसिड के टॉक्सिन को बाहर निकालने में असरदार हैं। काली मिर्च के सेवन से शरीर में गर्माहट पैदा होने लगती है, जिससे बल्ड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर से अधिक पसीना निकलता है, साथ ही पेशाब भी अधिक आता है, इससे भी यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण यूरिक एसिड में होने वाले दर्द और सूजन को कम करने का काम करते हैं। ऐसे में खाली पेट 2-3 काली मिर्च को एक गिलास पानी में उबालकर इसका सेवन करने से आपको यूरिक एसिड से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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