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हार्ट अटैक का कारण बन सकता है हाई ब्लड प्रेशर, अचानक बीपी बढ़ने पर खा लें ये फल, इन बातों को ध्यान में रखकर टल जाएगा दिल की बीमारी का खतरा

अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं, तो लो सोडियम डाइट पर अधिक जोर दें। लो सोडियम डाइट और कुछ नहीं, बल्कि डाइट में सोडियम लेने की एक सही मात्रा है।
Written by: हेल्थ डेस्क
नई दिल्ली | March 17, 2024 14:38 IST
हार्ट अटैक का कारण बन सकता है हाई ब्लड प्रेशर  अचानक बीपी बढ़ने पर खा लें ये फल  इन बातों को ध्यान में रखकर टल जाएगा दिल की बीमारी का खतरा
हाल ही की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केवल ज्यादा नमक ही नहीं, बल्कि ज्यादा मात्रा में सफेद चीनी और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन भी हाई बीपी की परेशानी को बढ़ा सकता है। (P.C- Freepik)
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हाई ब्लड प्रेशर एक 'साइलेंट किलर' स्थिति है। जब ब्लड वेसेल्स में बहने वाले खून का बल बहुत अधिक होता है, तब उस स्थिति को हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपका ब्लड प्रेशर 90/60 mmHg से ज्यादा और 120/80 mmHg से कम है, तो आपकी स्थिति स्वस्थ मानी जाती है। अगर रक्तचाप 120/80 mmHg और 140/90 mmHg के बीच है, तो इस स्थिति को भी सामान्य ही माना जाता है। हालांकि, अगर आपका ब्लड प्रेशर 130/80 mmHg या इससे ज्यादा है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाएगा।

वहीं, लंबे समय तक हाई बीपी की स्थिति दिल से जुड़ी गंभीर परेशानियों के खतरे को बढ़ा सकती है। बता दें कि अगर समय रहते ब्लड प्रेशर को कंट्रोल न किया जाए, तो ये हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और दिल से जुड़ी अन्य जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। साथ ही ये किडनी को भी बुरी तरह प्रभावित करता है और इसके चलते आपकी आंखों की रोशनी भी कमजोर पड़ने लगती है। ऐसे में बीपी के मरीजों के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इसी कड़ी में यहां हम आपको 5 आसान तरीके बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप स्थिति को अधिक गंभीर होने से रोक सकते हैं।

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हाई बीपी के पेशेंट्स इस तरह रखें सेहत का ख्याल

​सोडियम का सेवन कम करें

कई शोध के नतीजे बताते हैं कि अतिरिक्त सोडियम के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। सोडियम के अधिक सेवन से खून में पानी की मात्रा ज्यादा होने लगती है, जिससे हृदय को काम करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ऐसा होने पर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और बढ़ा हुआ बीपी से हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति का कारण बनता है।

ऐसे में अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं, तो लो सोडियम डाइट पर अधिक जोर दें। लो सोडियम डाइट और कुछ नहीं, बल्कि डाइट में सोडियम लेने की एक सही मात्रा है। आसान भाषा में समझें, तो सोडियम का सेवन इस तरह से करना कि ये शरीर की जरूरतों को भी पूरा कर सके और इसके सेवन से बॉडी पार्ट्स को नुकसान भी ना पहुंचे।

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केला खाएं

अगर आपका बीपी समय-समय पर बढ़ जाता है, तो ऐसे में आप एक केले का सेवन कर सकते हैं। केला हाई बीपी की स्थिति में कुछ हद तक राहत पाने में मददगार हो सकता है। दरअसल, केले में पोटैशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है वहीं, उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए पोटैशियम बेहद फायदेमंद है। पोटैशियम आपके रक्तचाप पर सोडियम के प्रभाव को रोकता है और रक्त वाहिकाओं पर दबाव को कम करता है। ऐसे में केले का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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इससे अलग आप पत्तेदार सब्जियां खा सकते हैं, टमाटर, आलू और शकरकंद खा सकते हैं। इन सब से अलग खरबूजे, एवोकाडो, संतरे, खुबान, नट्स एंड सीड्स आदि में भी पोटैशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो भी हाई बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है।

शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं

शारीरिक गतिविधि खासकर नियमित एक्सरसाइज हाई बीपी की स्थिति पर काबू पाने में मददगार हो सकती है। कई शोध के नतीजे बताते हैं कि रोज केवल 30 से 45 मिनट तक की गई एक्सरसाइज आपके दिल की सेहत को बेहतर बनाती है, जिससे रक्त को अधिक कुशलता से पंप करने में मदद मिलती है और धमनियों पर दबाव कम होता है। यहां तक ​​कि रोजाना 40 मिनट तक पैदल चलना भी आपको स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त है। ऐसे में जानलेवा स्थिति से बचने के लिए शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं।

रिफाइंड कार्ब्स से बनाएं दूरी

हाल ही की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केवल ज्यादा नमक ही नहीं, बल्कि ज्यादा मात्रा में सफेद चीनी और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन भी हाई बीपी की परेशानी को बढ़ा सकता है। ब्रेड और सफेद चीनी जैसे खाद्य पदार्थ आपके रक्तप्रवाह में तेजी से शर्करा में परिवर्तित हो जाते हैं और समस्याएं पैदा कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, तो रिफाइंड कार्ब्स के अधिक सेवन से बचें।

शराब और स्मोकिंग की लत हो सकती है जानलेवा

इन सब से अलग सिगरेट और शराब दोनों ही उच्च रक्तचाप में योगदान कर सकती हैं। कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि दुनिया भर में उच्च रक्तचाप के 16 प्रतिशत मामलों में शराब का योगदान है। शराब और निकोटीन दोनों अस्थायी रूप से रक्तचाप के स्तर को बढ़ा सकते हैं और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में शराब और स्मोकिंग की आदतों से भी दूरी बना लें।

इस तरह कुछ आसान बातों को ध्यान में रखकर आप खुद को गंभीर खतरे से दूर रख सकते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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