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कम उम्र में ही दिखने लगा है धुंधला? आंखों की रोशनी कमजोर होने से बचाने के लिए अपना लें ये आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेद में नेत्र तर्पण एक प्रमुख और प्रभावी चिकित्सा प्रक्रिया है, जो आंखों की सेहत को बेहतर बनाने में मददगार मानी जाती है। इस प्रक्रिया में औषधीय घी या तेल से आंखों को पोषण दिया जाता है।
Written by: हेल्थ डेस्क
नई दिल्ली | May 22, 2024 13:40 IST
कम उम्र में ही दिखने लगा है धुंधला  आंखों की रोशनी कमजोर होने से बचाने के लिए अपना लें ये आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेद के मुताबिक, सौंफ खाना आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। (P.C- Freepik)
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आज के समय में लोग टीवी, मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताने लगे हैं। यही वजह है कि आज कम उम्र में भी लोग धुंधला दिखाई देने या आंखों की रोशनी कमजोर पड़ने लगने की शिकायत अधिक करते हैं। इसके अलावा लोगों का बदलता लाइफस्टाइल, खराब खानपान की आदतें और प्रदूषण के संपर्क में ज्यादा रहने का असर भी आई-साइट पर पड़ता है। इतना ही नहीं, इन तमाम कारणों के चलते आज छोटे बच्चों की आंखों पर भी नजर का चश्मा दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में यहां हम आपको कुछ खास आयुर्वेदिक उपचार बता रहे हैं, जो आंखों की थकान को दूर करने और आंखों की रोशनी को बढ़ावा देने के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में-

तर्पण थेरेपी

आयुर्वेद में नेत्र तर्पण एक प्रमुख और प्रभावी चिकित्सा प्रक्रिया है, जो आंखों की सेहत को बेहतर बनाने में मददगार मानी जाती है। इस प्रक्रिया में औषधीय घी या तेल से आंखों को पोषण दिया जाता है। इसके लिए सबसे पहले उड़द दाल और आटे को मिक्स कर एक पेस्ट तैयार किया जाता है। फिर इस पेस्ट से आंखों के चारों ओर एक रिंग बनाई जाती है, फिर इस रिंग के अंदर हल्का गुनगुना औषधीय घी या तेल डाला जाता है। इससे आंखों के सूखेपन और जलन को कम करने में मदद मिलती है, आंखों की थकान दूर होती है, साथ ही दृष्टि में भी सुधार होता है।

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आंखों की सफाई

आयुर्वेद के मुताबिक, आंखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत गर्म या बहुत ठंडे पानी का उपयोग करने से बचें। इससे अलग दिन में एक बार हल्के गुनगुने पानी के साथ आंखों को धोने की आदत डालें। नियमित सफाई से धूल, प्रदूषक और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद मिलती है, जिससे दृष्टि साफ होती है।

त्रिफला और आंवले का सेवन

त्रिफला आयुर्वेद की तीन सबसे शक्तिशाली जड़ी बूटियों 'विभीतकी', 'हरीतकी' और 'आंवला' से मिलकर बनता है। वहीं, ये तीनों ही आंखों से संबंधित विकारों को रोकने और दृष्टि को सुधारने में मदद करती हैं। दूसरी ओर आंवले के जूस को भी आयुर्वेद में आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए लाभकारी माना गया है।

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सौंफ

इन सब से अलग आयुर्वेद के मुताबिक, सौंफ खाना आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, साथ ही इससे आंखों की रोशनी में भी सुधार हो सकता है। सौंफ में ऐसे कई शक्तिशाली और शीतलन गुणों मौजूद होते हैं, जो आंखों का तनाव दूर करने और आंखों की रोशनी में सुधार करने में मदद करते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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