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Ayurvedic Herb for Diabetes: डायबिटीज के मरीज लंच और डिनर के बाद खा लें ये आयुर्वेदिक पाउडर, नहीं बढ़ेगा शुगर लेवल, इंसुलिन का काम भी होगा बेहतर

आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियों का जिक्र किया गया है, जो मधुमेह की स्थिति पर काबू पाने में मददगार हो सकती हैं। यहां हम आपको एक ऐसी है आयुर्वेदिक हर्ब के बारे में बता रहे हैं।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: March 30, 2024 06:58 IST
ayurvedic herb for diabetes  डायबिटीज के मरीज लंच और डिनर के बाद खा लें ये आयुर्वेदिक पाउडर  नहीं बढ़ेगा शुगर लेवल  इंसुलिन का काम भी होगा बेहतर
आयुर्वेद से अलग कई हेल्थ रिपोर्ट्स भी बताती हैं कि ये हर्ब मधुमेह की स्थिति में सुधार करने में मददगार साबित हो सकती है। (P.C- Freepik)
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हमारे देश भारत में डायबिटीज महामारी की तरह फैल रही है। एक आंकड़े के मुताबिक, इस समय देश में मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ितों की संख्या 10 करोड़ से अधिक है। किसी भी व्यक्ति को डायबिटीज का सामना तब करना पड़ता है, जब पैंक्रियाज में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है या इंसुलिन बनता तो है लेकिन ठीक ढंग से काम नहीं करता है। ऐसे में खून में खाने से बढ़ने वाला शुगर का लेवल जरूरत से अधिक होता चला जाता है। इसी स्थिति को डायबिटीज कहते हैं।

बता दें कि डायबिटीज का फिलहाल कोई सटीक इलाज नहीं है। हालांकि, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अच्छा लाइफस्टाइल और सही डाइट अपनाकर इस गंभीर बीमारी को काफी हद तक काबू में जरूर किया जा सकता है। इससे अलग आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियों का जिक्र किया गया है, जो मधुमेह की स्थिति पर काबू पाने में मददगार हो सकती हैं। यहां हम आपको एक ऐसी है आयुर्वेदिक हर्ब के बारे में बता रहे हैं।

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डायबिटीज रोगियों के लिए औषधि है ये आयुर्वेदिक हर्ब

दरअसल, हम यहां मंजिष्ठा की बात कर रहे हैं। इसका वैज्ञानिक नाम रूबिया कॉर्डिफोलिया एल है। आयुर्वेद से अलग कई हेल्थ रिपोर्ट्स भी बताती हैं कि ये हर्ब मधुमेह की स्थिति में सुधार करने में मददगार साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे-

कैसे पहुंचाती है फायदा?

विज्ञान के मुताबिक, मंजिष्ठा में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होता है, जिसके चलते ये भोजन के बाद शरीर में शुगर की मात्रा को अधिक बढ़ने नहीं देती है। इसके अलावा इस आयुर्वेदिक हर्ब में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं जो मधुमेह संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में असर दिखाते हैं।

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वहीं, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मंजिष्ठा अपनी उष्ना (गर्म) प्रकृति के कारण अमा (अनुचित पाचन के कारण शरीर में जमा टॉक्सिन) को कम कर मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में मदद करती है, जिससे खाने के बाद शरीर में शुगर की मात्रा एकदम से बढ़ती नहीं है। इसके अलावा, मंजिष्ठ इंसुलिन के कार्य को भी ठीक करने में मददगार मानी जाती है, जिससे भी रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

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कैसे करें सेवन?

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं नियमित तौर पर लंच और डिनर के बाद एक गिलास गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच मंजिष्ठा पाउडर का सेवन फायदेमंद हो सकता है। डायबिटीज रोगी इस तरीके को अपनाकर अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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