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Gurugram: खट्टर सरकार ने अपनाया योगी मॉडल, गैंगस्टर सूबे सिंह गुर्जर के मकान पर चला बुलडोजर

निगम के अधिकारियों ने बताया कि मकान के निर्माण के लिए विभाग से किसी भी प्रकार की कोई स्वीकृति नहीं ली गई थी।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
Updated: September 24, 2022 10:38 IST
gurugram  खट्टर सरकार ने अपनाया योगी मॉडल  गैंगस्टर सूबे सिंह गुर्जर के मकान पर चला बुलडोजर
गैंगस्टर सूबे सिंह गुर्जर के मकान पर चला बुलडोजर (फोटो सोर्स: @Ani)
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हरियाणा के मानेसर स्थित गांव बार गुर्जर में कुख्यात गैंगस्टर सूबे गुर्जर के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने उसके अवैध मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। सूबे गुर्जर एक गैंगस्टर और अपराधी है जिस पर गुरुग्राम, मेवात सहित अन्य जिलों में और दिल्ली में 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्तमान में सूबे गुर्जर भोंडसी जेल में बंद है।

जब नगर निगम कार्रवाई कर रहा था उस समय करीब 200 पुलिस कर्मी वहां पर तैनात थे। इसके साथ ही मानेसर के एसीपी सुरेश कुमार मौके पर तैनात थे। यह कार्रवाई करीब सात घंटे तक चली। बुलडोजर कार्रवाई शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई थी और दिन में दो बजे तक चली।

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प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह मकान कृषि भूमि पर अवैध रूप से बना हुआ था। मकान करीब साढ़े तीन हजार वर्ग गज में बना हुआ था। मकान के निर्माण के लिए विभाग से कोई स्वीकृति या लाइसेंस नहीं लिया गया था। प्रशासन ने बताया कि हमने कार्रवाई से पहले नोटिस दिया था और सारी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है।

जब प्रशासन सुबह बुलडोजर लेकर कार्यवाही करने के लिए पहुंचा था, उस दौरान मकान की तीसरी मंजिल पर दिया जल रहा था। यह दिया पूजा घर में जल रहा था और इसे देखते ही कार्यवाही करने वाली टीम रुक गई। टीम ने तब तक इंतजार किया जब तक दिया बुझ नहीं गया। दिया बुझने के बाद ही मकान के उस हिस्से को तोड़ा गया।

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वहीं प्रशासन की बुलडोजर कार्यवाही पर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल सूबे सिंह गुर्जर के परिवार के सदस्यों ने कहा कि वह इस कार्यवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में जाएंगे, क्योंकि इस प्रॉपर्टी में कुल 15 हिस्सेदार हैं। यह मकान अकेले सूबे सिंह गुर्जर का नहीं था, इसमें 15 लोगों की जमीन है और अगर कार्यवाही करनी थी तो वह केवल सूबे सिंह गुर्जर की प्रॉपर्टी पर ही करनी थी, अन्य लोगों की प्रॉपर्टी पर नहीं। वहीं परिवार के एक सदस्य ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि मकान 10 साल पहले बनाया गया था और उस दौरान कोई निगम नहीं था।

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