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'जागते ही चाय या कॉफी कभी न पीएं', बॉलीवुड की मशहूर डाइटिशियन ने क्यों कही ये बात

मशहूर न्यूट्रीनिस्ट ऋजुता दिवेकर ने पेंगुईन से प्रकाशित अपनी किताब में विस्तार से बताया है कि जागते ही चाय या कॉफी पीने के क्या-क्या नुकसान होते हैं।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Ankit Raj
Updated: October 17, 2023 11:54 IST
 जागते ही चाय या कॉफी कभी न पीएं   बॉलीवुड की मशहूर डाइटिशियन ने क्यों कही ये बात
बेड टी या कॉपी को उचित डाइट के चार सिद्धांतों के खिलाफ माना जाता है। (Photo Credit- freepik)
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भारत में दिन की शुरुआत बेड टी या कॉफी से करना एक आम बात है। देश में बेड टी पर लोगों की निर्भरता को इस बात से समझा जा सकता है कि साल 2019 में आसनसोल से टीएमसी उम्मीदवार मुनमुन सेन ने यह कह दिया था कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में होने वाली हिंसा का पता इसलिए नहीं चला क्योंकि वह बेड टी न मिलने की वजह से उठ नहीं पायी थीं।

ऐसे ही इंडिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर कैंची से सिर्फ इसलिए वार कर दिया था क्योंकि उसने बिस्तर पर चाय देने से मना कर दिया था। अब इसे आदत कहें या लत, लोगों का एक बड़ा वर्ग पूरी तरह से अपनी बेड टी पर निर्भर है। यह प्रथा भोग और आलस्य को तो बढ़ावा दे ही रहा है, साथ ही एक अस्वास्थ्यकर आदत भी बनती जा रही है।

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बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी अदाकाराओं की न्यूट्रीनिस्ट रहीं ऋजुता दिवेकर अपनी किताब 'Don'T Lose Your Mind, Lose Your Weight' में बेड टी या कॉपी को सही डाइट के चार सिद्धांतों के विरुद्ध मानती हैं। वह स्पष्ट लिखती हैं कि जागते ही चाय या कॉफी कभी न पीएं।

दिवेकर की बातों की अहम‍ियत इससे भी समझी जा सकती है कि उनके लिए मशहूर अभिनेत्री करीना कपूर लिखती हैं, 'ऋजुता ने सिर्फ मेरा शरीर नहीं बदला, बल्कि मेरे सोचने का तरीका भी बदल दिया।'

क्यों जागते ही चाय-कॉपी पीने का मन करता है?

दिवेकर इसे एक्सप्लेन करते हुए बताती हैं, रात में सोते हुए हमारे बॉडी के ब्लड शुगर का लेवल गिर जाता है। ब्लड शुगर का स्तर गिरने के कारण ही नवजात शिशु रात में भी उठ जाते हैं, और दूध ढूंढने लगते हैं। ब्लड शुगर के गिरे होने की वजह से ही सुबह उठते हुए शरीर में बहुत चुस्ती-स्फूर्ति नहीं रहती। ऐसे में शरीर के ब्लड शुगर को नॉर्मल लेवल पर लाने के लिए चाय या कॉपी की तलब सामान्य है। लेकिन यहीं पर सावधान हो जाने की जरूरत है।

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दिवेकर कहती हैं, रात के समय शुगर लेवल नीचे आना हमारे काबू में नहीं होता, क्योंकि हम सो रहे होते हैं। लेकिन जाग जाने के बाद चीजें हमारे काबू में होती हैं। इसलिए अपने शरीर के Adipose Tissue को बचाने के लिए हमें खाना चाहिए। कुछ ऐसा खाना चाहिए, जो हमारे शरीर के ब्लड शुगर लेवल को मंद, लेकिन नियमित गति से बढ़ाए। इससे इंसुलिन सक्रिय हो जाते हैं और खून में ब्लड शुगर के स्तर के बढ़ने के साथ बहने लगते हैं। ऐसा होने से कोशिकाओं को पोषण मिलता है।

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बेड टी के नुकसान?

सुबह उठते ही चाय-कॉफी पीने से ब्लड शुगर तो अचानक बढ़ जाता है लेकिन कोशिकाओं को वह पोषण नहीं मिल पाता, जिसकी जरूरत होती है। उठते ही चाय या कॉफी पीने का बुरा असर भूख पर भी पड़ता है।

चाय-कॉफी जैसी कैफीन वाली कोई भी चीज जगा देने का भ्रम पैदा करती है। पर अफसोस, हम जिसे जागने की अनुभूति समझते हैं, वह तनाव है जो धड़कन और सांस के तेज होने से पैदा हुआ होता है। इसलिए शरीर के पूरे तंत्र को शांत रखने के लिए इसे भोजन देना जरूरी है, जो दिल और फेफड़ों के साथ पेट के लिए भी सुखद हो।

कई और नुकसान

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है क‍ि सुबह के समय वैसे भी हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस समय चाय पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

सुबह चाय पीने से भी मुंह के बैक्टीरिया शुगर को ब्रेकडाउन कर देते हैं। इससे मुंह में एसिड का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दांतों को नुकसान होता है। खाली पेट चाय पीने से Metabolism भी बाधित हो सकता है।

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