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PMGKAY: 506497 करोड़ रुपए सब्सिडी घटा दी, 3909908 रुपए का मुफ्त राशन बांटा- इस बार सीधे पांच साल के लिए बढ़ी योजना

वित्त वर्ष 2020-21 में फूड सब्सिडी का बजट 541,330 करोड़ रुपये था। अगर अगले दो साल भी इतनी ही सब्‍स‍िडी दी जाती तो सब्सिडी की कुल रकम 1082660 करोड़ रुपए होती। लेक‍िन, 2021-22 और 2022-23 में दी गई कुल सब्‍स‍िडी की रकम महज 576163 करोड़ रुपए ही रही।
Written by: एक्सप्लेन डेस्क | Edited By: Ankit Raj
Updated: November 06, 2023 15:49 IST
pmgkay  506497 करोड़ रुपए सब्सिडी घटा दी  3909908 रुपए का मुफ्त राशन बांटा  इस बार सीधे पांच साल के लिए बढ़ी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PC-PTI)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर चुनावी मौसम के बीच में मुफ्त राशन योजना यानी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। कोरोना महामारी के दौरान शुरू किए गए इस योजना को अब तक आठ बार आगे बढ़ाया जा चुका है। आठ में से छह बार यह निर्णय चुनावों से ठीक पहले लिया गया है। आखिरी बार इसे गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले दिसंबर 2022 में दिसंबर 2023 तक के लिए बढ़ा दिया गया था।

लेकिन इससे भी दिलचस्प यह है कि केंद्र सरकार बजट में खाद्यान्‍न पर दी जाने वाली र‍ियायत (फूड सब्सिडी) को साल दर साल कम करती जा रही है। सरकार ने PMGKAY की शुरूआत कोविड के दौरान साल 2020 में की थी। तब से द‍िसंबर 2022 तक इस योजना पर 3.9 लाख करोड़ रुपए खर्च क‍िए हैं। लेक‍िन, इस दौरान सरकार ने फूड सब्‍स‍िडी कम करके इससे ज्‍यादा रकम बचा ली। कैसे,समझ‍िए यह गण‍ित

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वित्त वर्ष 2020-21 में फूड सब्सिडी का बजट 541,330 करोड़ रुपये था। अगर अगले दो साल भी इतनी ही सब्‍स‍िडी दी जाती तो सब्सिडी की कुल रकम 1082660 करोड़ रुपए होती। लेक‍िन, 2021-22 और 2022-23 में दी गई कुल सब्‍स‍िडी की रकम महज 576163 करोड़ रुपए ही रही। यान‍ी, सब्‍स‍िडी 506497 करोड़ रुपए घट गई। जबक‍ि, द‍िसंबर 2022 तक मुफ्त राशन योजना के ल‍िए सरकार ने 3909908 करोड़ रुपए जारी क‍िए।

दो टेबल में द‍िए आंकड़ों से यह बात और स्‍पष्‍ट होगी। फूड सब्‍स‍िडी पर सरकार का खर्च जानने के ल‍िए नीचे पहला टेबल देख‍िए:

मोदी सरकार के बजट में कुल फूड सब्‍स‍िडी का वर्षवार आंकड़ा (करोड़ में)

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वित्त वर्षरकम (करोड़ में)
2020-21541,330
2021-22288,969
2022-23287,194
2023-24 (BE)197,350
सोर्स- केंद्रीय बजट

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) के तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में PMGKAY की शुरुआत की गई थी। उससे पहले यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई NFSA के तहत Targeted Public Distribution System (TPDS) से सब्सिडी वाले खाद्यान्न दिए जाते थे। तब सरकार तीन रुपये किलो चावल, दो रुपये किलो गेहूं और एक रुपये किलो मोटे अनाज देती थी। अब PMGKAY और NFSA का विलय कर दिया गया है। इस योजना पर हुए सरकारी खर्च का ब्‍योरा नीचे टेबल नंबर दो में द‍िया गया है:

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PMGKAY के तहत आवंटन

यह योजना 2020 में शुरू की गई थी। सरकार ने इस योजना में अब तक 3.9 लाख करोड़ रुपये की लागत से अपने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट पूल से 1,118 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया है।

इस साल जनवरी में PMGKAY को NFSA में विलय कर दिया गया, जिससे एएवाई और पीएचएच दोनों परिवारों को मुफ्त राशन मिलने लगा। लेकिन महामारी के दौरान शुरू किए गए अतिरिक्त प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया।

सेंट्रल पूल में खाद्यान्नों के घटते भंडार के बीच अलग-अलग PMGKAY प्रावधानों को बंद करने से सरकार को हर महीने अनुमानित 15,000 करोड़ रुपये की बचत हुई। एनएफएसए के तहत सब्सिडी वाले खाद्यान्न बेचने से सरकार को एक साल में 13,900 करोड़ रुपये मिलते थे। इस अतिरिक्त व्यय के साथ, 2022-23 में कुल खाद्य सुरक्षा बिल बढ़कर लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपये हो गया।

इस वर्ष के बजट में सरकार ने सभी खाद्य सब्सिडी पर केवल 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। महामारी के दौरान, खाद्य सब्सिडी पर व्यय 5.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।

PMGKAY में क‍िन्‍हें और क‍ितना म‍िलता है मुफ्त अनाज?

PMGKAY, NFSA के तहत आने वाले दो प्रकार के राशन कार्ड धारकों को कवर करता है - अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और Priority Households (PHH)। NFSA में लगभग 20 करोड़ परिवार या कुल 81.35 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं, जो देश की आबादी का दो-तिहाई हिस्सा हैं। इसमें 50% शहरी और 75% ग्रामीण आबादी शामिल है।

अंत्योदय अन्न योजना के तहत परिवारों (चाहे परिवार में कितने भी सदस्य हों) को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है। वहीं PHH को परिवार के सदस्यों की संख्या (प्रत्येक सदस्य 5 किलोग्राम प्रति माह) के आधार पर खाद्यान्न मिलता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में एएवाई परिवारों की वार्षिक बचत 2,705 करोड़ रुपये और PHH परिवारों की वार्षिक बचत लगभग 11,142 करोड़ रुपये थी।

पीएम मोदी का ताजा ऐलान

पिछले दिनों एक चुनावी मंच से पीएम मोदी ने कहा, "PMGKAY के तहत पिछले तीन वर्षों से देश में गरीबों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। …मोदी की प्रतिबद्धता इसे अगले पांच साल तक बढ़ाने की है। अगले पांच साल तक मेरे देश के 80 करोड़ लोगों के घर का चूल्हा जलता रहेगा। यह मोदी की गारंटी है।"

इससे पहले कब-कब चुनावी मौसम में मुफ्त राशन योजना की समयसीमा बढ़ाई गई है, यह नीचे के टेबल से जान‍िए:

चुनावमुफ्त राशन की डेडलाइन
बिहार विधानसभा चुनाव (सितंबर-अक्टूबर 2020)जून 2020 में नवंबर 2020 तक के लिए
असम, बंगाल समेत पांच राज्यों में चुनाव (अप्रैल-मई 2021)नवंबर 2020 में जून 2021 तक के लिए
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में चुनाव (फरवरी 2022)दिसंबर 2021 में मार्च 2022 तक के लिए
कर्नाटक चुनाव को देखते हुए (मई 2023)सितंबर 2022 में दिसंबर 2022 तक के लिए
गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव (दिसंबर 2022)दिसंबर 2022 में दिसंबर 2023 तक के लिए
छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव (नवंबर 2023)दिसंबर 2023 से अगले पांच साल तक
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