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'उसकी मौत के एक रात पहले ही…', सुशांत सिंह राजपूत की बहन को इस वजह हुआ था भाई के मर्डर का शक; बोलीं- मैंने उसे मैसेज कर बोला….

सुशांत सिंह राजपूत की बहन कीर्ति ने हाल ही में कहा कि अगर वह भाई को अपने पास बुला लेतीं तो शायद आज वो जिंदा होते।
Written by: एंटरटेनमेंट डेस्‍क | Edited By: Sneha Patsariya
नई दिल्ली | February 29, 2024 12:52 IST
 उसकी मौत के एक रात पहले ही…   सुशांत सिंह राजपूत की बहन को इस वजह हुआ था भाई के मर्डर का शक  बोलीं  मैंने उसे मैसेज कर बोला…
सुशांत सिंह राजपूत (image: image: kriti/instagram)
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दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून 2020 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। एक्टर की मौत को 4 साल होने वाले हैं, लेकिन उनके फैंस आज भी उन्हें याद करते है। एक्टर की बहन श्वेता कीर्ति अकसर उन्हें याद करती हैं और सोशल मीडिया पर उनके लिए पोस्ट शेयर करती रहती हैं।

अब हाल ही में श्वेता कीर्ति ने बताया है कि उन्हें अपने भाई की मौत से चार दिन पहले ही अनहोनी का एहसास हो गया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया है कि आखिर उन्हें क्यों लगता है कि उनके भाई सुशांत का मर्डर हुआ है।

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श्वेता को पहले ही हो गया था एहसास

श्वेता कीर्ति ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में बताया कि "चार दिन पहले ही मैंने सुशांत को मैसेज किया था कि भाई कैलिफोर्निया आ जाओ। हम साथ में घूमने जाएंगे। यहां आ जाओ। मेरे साथ रहो। मुझे पता नहीं कैसे पर पता था कि अगर उसे सुरक्षित रखना है तो अपने आस-पास रखना होगा। सुशांत ने मुझसे कहा था कि दीदी बहुत मन कर रहा है आने का लेकिन उस टाइम कोरोना का वक्त चल रहा था इसलिए वह आ नहीं सका। अगर आ जाता तो शायद बच जाता।"

एक्टर की बहन ने आगे कहा कि "मुझे आज भी अफसोस होता है कि काश में थोड़ा जोर देती। काश कुछ तो किया होता, जब मुझे पहले से ही इस अनहोनी का अहसास हो गया था। तो मैंने कुछ किया क्यों नहीं काश किया होता तो आज सुशांत जिंदा होता।"

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इस वजह से हुआ मर्डर का शक

श्वेता ने आगे बताया कि मुझे लगता है कि "सुशांत अपनी जान नहीं ले सकता। पहले लगा ही नहीं था कि मर्डर है। हैरानी तब हुई जब पता चला कि वहां कोई सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा था। और सुशांत ने जिस बेड से फांसी लगाई वहां कोई स्टूल नहीं था। बेड और पंखे के बीच ज्यादा ऊंचाई नहीं थी कि स्टूल की जरूरत पड़े। लेकिन अगर उनके हाथ पंखे तक पहुंच गए होंगे  और उन्होंने फांसी लगाई होगी तो बॉडी की ऑटोमेटिक प्रॉसेस की तरह पैर बेड पर लग जाने चाहिए थे। क्योंकि जब दम घुटेगा तो पैर बेड पर रखोगे। अगर पैर रखे होते तो जान बच जाती। हम अभी भी समझ नहीं पा रहे हैं कि जान कैसे गई।"

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