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10 साल के बेटे की मौत से टूटकर बिखर गए थे शेखर सुमन, ज्योतिषियों के काटने लगे थे चक्कर, फिर भविष्यवाणी के बाद मंदिर में दिखा मरा हुआ बेटा

शेखर सुमन ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने अपने 10 साल के बेटे को खोया तो वह जिंदा नहीं रहना चाहते थे।
Written by: एंटरटेनमेंट डेस्‍क | Edited By: Sneha Patsariya
नई दिल्ली | Updated: April 26, 2024 09:20 IST
10 साल के बेटे की मौत से टूटकर बिखर गए थे शेखर सुमन  ज्योतिषियों के काटने लगे थे चक्कर  फिर भविष्यवाणी के बाद मंदिर में दिखा मरा हुआ बेटा
शेखर सुमन (image: shekhar/instagram)
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एक्टर शेखर सुमन इन दिनों संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरामंडी' के कारण सुर्खियों में हैं। वह इसके प्रमोशन के लिए इंटरव्यू भी दे रहे हैं। इस दौरान वह काम के अलावा पर्सनल लाइफ को लेकर भी खुलकर बात कर रहे हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में एक्टर ने अपने बेटे को खोने का दर्द बयां किया है। उन्होंने बताया कि उस नन्हीं जान को खोने के दौरान उनकी क्या हालत हो गई थी। उनके अंदर जीने की इच्छा खत्म हो गई थी। वह जमीन पर सिर पटक कर रोते थे।

बेटे को खोने के बाद सिर पटक कर रोते थे शेखर सुमन

शेखर सुमन ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में कहा,  "मैं जिंदगी में सिर्फ दो बार रोया हूं।  एक जब मैंने अपने 10 साल के बेटे आयुष को खोया था। मैंने अपने कलेजे का टुकड़ा खो दिया था। वो मुझे बहुत ज्यादा प्यारा था। मैं जमीन पर सिर पटक कर रोता था। मैं पूरी तरह तबाह और बर्बाद हो गया था। फिर उसके बाद मुझे जीने की इच्छा भी नहीं थी। दुनिया एक मुखौटा थी, जहां मैं घर चलाने के लिए हंसता था।"

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ज्योतिषि ने की थी भविष्वाणी

एक्टर ने आगे कहा, "आयुष के जाने के बाद उन्होंने कई ज्योतिषियों को अपना हाथ दिखाया था कि ऐसा उनके साथ क्यों हुआ तो उन लोगों ने कहा कि आप ही नहीं है दुनिया में, ऐसा कई लोगों के साथ हो चुका है। लेकिन ये सांत्वना देने वाली बात होती है, जिसके साथ ऐसी घटना होती है, वो ही उसका दर्द महसूस कर सकता है। एक दिन किसी ने कहा कि एक दिन वो आपके सामने आएगा। एक बार आएगा और दर्शन देगा। कहीं ना कहीं, हमने उनकी बातों पर विश्वास कर लिया कि ऐसा होगा और उसी दिशा में हम सोचने लगे।"

पत्नी को दिखा था मरा हुआ बेटा

एक्टर ने आगे बताया, "साल 2009 में वह बिहार में चुनावी रैली में शामिल हुए थे और उनकी पत्नी काशी विश्वनाथ गई थीं। शेखर सुमन ने कहा कि मेरी पत्नी अलका बाबा विश्वनाथ के मंदिर गई थीं। मैं पटना में कैम्पेनिंग कर रहा था, भाषण दे रहा था। अक्सर मैं बीच में फोन नहीं उठाता था। लेकिन उस दिन पता नहीं दिमाग में क्या आया, मैंने फोन उठा लिया और कहा हेलो.. उधर से अलका मुस्कुराईं और बोलीं कि तुमको पता है कि क्या हुआ?  मैंने उनसे कोई दूसरा सवाल नहीं किया कि सब ठीक है या कोई बात हुई, सीधा पूछा कि तुम आयुष से मिली क्या? तो अलका ने कहा कि तुमको कैसे पता?"

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इतने में मेरा क्या होगा

हीरामंडी एक्टर ने आगे बताया, "पत्नी ने मुझे बताया कि आधे सेकेंड के लिए मैं उससे मिली। मैं गाड़ी में बैठी थी एक आवाज आई कि कुछ पैसे मिलेंगे? और मैंने 10 रुपये का नोट निकालकर दिया और मैं कुछ करने में बिजी हो गई और तभी वहां से आवाज आई कि इससे मेरा क्या होगा? ये आयुष बोलता था, जब वह बीमार था और उसे कई सारी चीजें खाने से मनाही थी। फिर जब अलका ने उस दौरान ये सुना और उसने देखा तो आयुष ही था। फिर जब वो और पैसे निकालने के लिए झुकी और मुड़ी तब तक वो गायब हो गया था।"

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