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CineGram: 'सीता और गीता' में हेमा मालिनी नहीं, मुमताज पर दांव लगाना चाहते थे मेकर्स, 'ड्रीम गर्ल' के टैलेंट पर नहीं था भरोसा

आपको 80 के दशक की फिल्म 'सीता और गीता' तो याद होगी? इसमें धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने लीड रोल प्ले किया था। लेकिन आपको पता है कि मेकर्स को हेमा मालिनी के टैलेंट पर भरोसा नहीं था और वो उन्हें नहीं कास्ट करना चाहते थे? चलिए बताते हैं इस किस्से के बारे में।
Written by: एंटरटेनमेंट डेस्‍क | Edited By: Rahul Yadav
नई दिल्ली | July 10, 2024 13:53 IST
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'सीता और गीता' के लिए हेमा मालिनी नहीं थीं पहली पसंद। (Photo- Jansatta)
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रमेश सिप्पी की फिल्म 'सीता और गीता' सिनेमा जगत की कल्ट फिल्मों में शुमार है। इसे 70 -80 के दशक में रिलीज किया गया था। फिल्म में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने लीड रोल प्ले किया था। इसमें हेमा ने सीता और गीता नाम की लड़की का डबल रोल निभाया था। उन्होंने अपने किरदार और एक्टिंग से सभी को काफी इंप्रेस किया था। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था। लेकिन, इस बात को बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि ड्रीम गर्ल इस फिल्म के लिए मेकर्स की पहली पसंद नहीं थीं। इसकी वजह थी कि मेकर्स को उनके टैलेंट पर भरोसा नहीं था। इसलिए वो मुमताज को कास्ट करना चाहते थे। चलिए बताते हैं इस किस्से के बारे में…

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दरअसल, 1972 में रिलीज हुई फिल्म 'सीता और गीता' की कहानी को सलीम-जावेद की हिट जोड़ी ने लिखा था और उन्हें हेमा मालिनी की काबिलियत पर जरा भी भरोसा नहीं था कि वो सीता और गीता के रोल को बेहतरीन तरीके से प्ले कर सकती हैं। इसका खुलासा खुद 'शोले' बनाने वाले रमेश सिप्पी ने किया था। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि सलीम-जावेद 'सीता और गीता' के लिए हेमा मालिनी को नहीं बल्कि मुमताज को साइन करना चाहते थे। फिल्म की कहानी जुड़वां लड़कियों की थीं, जो बचपन में ही एक-दूसरे से बिछड़ जाती हैं। दोनों की परवरिश अलग माहौल में होती है।

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रमेश सिप्पी ने सुझाया था हेमा मालिनी का नाम

रमेश सिप्पी ने अपने इंटरव्यू में आगे बताया कि उन्होंने हेमा मालिनी के साथ 'अंदाज' में काम किया था। उनका मानना है कि वो एकदम डूबकर काम करती थीं। इसलिए उन लोगों को पसंद किया जाता है, जो फिल्म का हिस्सा बनना चाहते हैं। रमेश ने बताया कि जब उन्होंने 'सीता और गीता' पर काम करना शुरू किया तो ऐसा लगा कि शायद से मुमताज इसके लिए सही चुनाव होंगीं। लेकिन बहुत सारी कमिटमेंट होने की वजह से वो और भी इंतजार नहीं कर सकते थे। फिर रमेश सिप्पी ने जब इस फिल्म के लिए हेमा मालिनी का नाम सलीम-जावेद को सुझाया तो उन्हें उनके टैलेंट पर भरोसा नहीं था।

सलीम-जावेद ने उठाए सवाल

रमेश सिप्पी ने बताया कि सलीम-जावेद ने उनसे कहा था कि क्या वो श्योर हैं? क्या उनकी पर्सनैलिटी ऐसी है कि वो गीता के किरदार को निभा सकती हैं? डायरेक्टर ने उन्हें कहा कि सीता का किरदार तो फिर भी ठीक है। लेकिन क्या उनकी पर्सनैलिटी में ये किरदार निभाने लायक बात है? हालांकि, बाद में बात बन गई और हेमा मालिनी को कास्ट किया गया फिर उन्होंने अपनी एक्टिंग का दम दिखाया और सबके दिलों पर राज करने लगीं। फिल्म में धर्मेंद्र और संजीव कुमार भी थे।

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