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सिनेमा देखने के तरीके में आए बदलाव ने हमें खुद को बदलने पर मजबूर किया: जाह्नवी कपूर

मध्यम श्रेणी की फिल्मों को उचित सम्मान दिलाने के लिए उन्हें निर्माताओं द्वारा प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: May 31, 2024 14:59 IST
सिनेमा देखने के तरीके में आए बदलाव ने हमें खुद को बदलने पर मजबूर किया  जाह्नवी कपूर
जाह्नवी कपूर। फोटो -(इंडियन एक्सप्रेस)।
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अभिनेत्री जान्हवी कपूर का कहना है कि महामारी ने सिनेमा जगत के लोगों को अपने तौर-तरीके बदलने पर मजबूर किया है। उनका मानना है कि मध्यम श्रेणी की फिल्मों को निर्माताओं और दर्शकों से अधिक समर्थन की जरूरत है। आगामी फिल्म मिस्टर एंड मिसेज माही में काम कर रहीं 27 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि वे ऐसी भूमिकाएं निभाने की चाह रखती हैं जो किसी कहानी पर आधारित हों।

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जान्हवी ने साक्षात्कार में कहा, महामारी के बाद दर्शकों द्वारा सिनेमा देखने के तरीके में आए बदलाव ने हमें थोड़ा बदलाव करने पर मजबूर किया है। यह सही समय है।अभिनेत्री के अनुसार, मध्यम श्रेणी की फिल्मों को उचित सम्मान दिलाने के लिए उन्हें निर्माताओं द्वारा प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है।

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मिस्टर एंड मिसेज माही में जान्हवी डाक्टर की भूमिका निभा रही हैं। वे बाद में क्रिकेटर बन जाती है। ऐसा तब होता है जब उनके पति महेंद्र (राजकुमार राव) उनमें क्रिकेट प्रतिभा को पहचान लेते हैं और उसे अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं तथा उनके प्रशिक्षक बन जाते हैं।

शरण शर्मा, जिन्होंने जान्हवी को गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल में निर्देशित किया था, इस फिल्म का भी निर्देशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, एक कलाकार के रूप में आप मिस्टर एंड मिसेज माही जैसी फिल्में करने या कहानियां बताने के लिए लालायित रहते हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि लोग इसे पसंद करेंगे और इसका आनंद लेंगे तथा हम ऐसी और फिल्में बना पाएंगे।

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यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपनी फिल्मों के बाक्स आॅफिस प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं, जाह्नवी ने कहा कि हर फिल्म को अंतत: दर्शक मिल ही जाते हैं। आखिरकार, एक फिल्म के साथ जो होना होता है वह हमेशा होता है और हो सकता है कि वह आपकी उम्मीद के मुताबिक न हो, लेकिन वही होगा जिसकी एक फिल्म हकदार है। हर फिल्म की एक नियति होती है।

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कभी-कभी आपको फिल्म से वह नहीं मिलता जिसकी आप उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा, मैं कई बार ऐसी परिस्थितियों में रही हूं, जहां मैंने अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में रख दिए और सोचा कि इस फिल्म के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन कभी-कभी आपको यह एहसास नहीं होता कि आपको इससे क्या चाहिए।

दिवंगत स्टार श्रीदेवी और निर्माता बोनी कपूर की बेटी अभिनेत्री ने कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें हिंदी सिनेमा में अच्छा काम करने का अवसर मिला, लेकिन उनका प्रयास हमेशा अच्छी फिल्में करने और अपनी पृष्ठभूमि के लोगों के बारे में बनी धारणा से लड़ने का रहा है।

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