scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

पश्चिमी दिल्ली: जातीय समीकरण साधे बगैर जीत की राह मुश्किल

दिल्ली में इंडिया गठबंधन की सीट साझेदारी के तहत कांग्रेस से वर्ष 2009 में पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए महाबल मिश्रा को आप ने प्रत्याशी के तौर पर चुनावी समर में उतारा है। कांग्रेस के साथ उन्हें पूर्वांचली नेता होने की वजह से एक बड़े वर्ग का समर्थन हैं। इसके साथ ही वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा प्रत्याशी को घेरने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: May 16, 2024 13:21 IST
पश्चिमी दिल्ली  जातीय समीकरण साधे बगैर जीत की राह मुश्किल
कमलजीत सहरावत। महाबल मिश्रा। फोटो -(इंडियन एक्सप्रेस)।
Advertisement

सर्वेश कुमार

राष्ट्रीय राजधानी की पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प नजर आ रहा है। पूर्व सांसद व आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी महाबल मिश्रा इस सीट पर चौथी बार चुनावी रण में उतरे हैं। उनका मुकाबला भाजपा की उम्मीदवार कमलजीत सहरावत से है, जो पार्टी की प्रदेश इकाई और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में कई अहम पदों पर रह चुकी हैं। इस सीट पर करीब 35 फीसद पूर्वांचली मतदाता हैं, जिन्हें साधने में दोनों प्रत्याशी जुटे हैं। विकास के मुद्दे और जातीय समीकरण को साधे बगैर किसी भी प्रत्याशी के लिए यहां जीत की राह आसान नहीं होगी।

Advertisement

दिल्ली में इंडिया गठबंधन की सीट साझेदारी के तहत कांग्रेस से वर्ष 2009 में पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए महाबल मिश्रा को आप ने प्रत्याशी के तौर पर चुनावी समर में उतारा है। कांग्रेस के साथ उन्हें पूर्वांचली नेता होने की वजह से एक बड़े वर्ग का समर्थन हैं। इसके साथ ही वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा प्रत्याशी को घेरने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, इस सीट से भाजपा की प्रत्याशी कमलजीत सहरावत वर्ष 2008 में मटियाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक के चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुकी हैं। उन्हें प्रवेश वर्मा की जगह प्रत्याशी बनाया गया है। यह उनके लिए पहला संसदीय चुनाव है और वह सभी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में जोर-शोर से प्रचार में जुटी हैं।

Advertisement

पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की सभी 10 विधानसभा सीट पर वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। इनमें नजफगढ़, मटियाला, उत्तम नगर, द्वारका, राजौरी गार्डन, हरि नगर, मादीपुर, जनकपुरी, तिलक नगर और विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के प्रवेश वर्मा ने कांग्रेस के महाबल मिश्रा को पांच लाख से अधिक मतों से हराया था।

Advertisement

राजनीतिक विशेषज्ञ राबिन शर्मा के मुताबिक क्षेत्र में सर्वाधिक करीब 35 फीसद मतदाता पूर्वांचली हैं। प्रत्याशियों की जीत-हार में उनकी अहम भूमिका रहेगी। आप के प्रत्याशी का नारा है ‘काम किया है, काम करेंगे, जन-जन का सम्मान करेंगे’। उनका कहना है कि पश्चिमी दिल्ली में मेट्रो का विस्तार सहित क्षेत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक नए परिसर के निर्माण के लिए कदम बढ़ाएंगे। भाजपा प्रत्याशी कमलजीत सहरावत भी द्वारका एकसप्रेस-वे की तर्ज पर बेहतर संपर्क और दिल्ली विकास प्राधिकरण व ग्राम सभा की जमीन पर खेल सुविधाएं व सामुदायिक हाल विकसित करने के वादे के साथ चुनाव मैदान में उतरी हैं।

25 लाख से अधिक मतदाताओं में पूर्वांचल के सर्वाधिक

पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में कुल 25.66 लाख मतदाता हैं। इनमें 12.06 लाख महिलाएं, 13.60 लाख पुरुष और 125 ट्रांसजेंडर हैं। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में शहरी आबादी के साथ-साथ हरियाणा की सीमा से लगते ग्रामीण क्षेत्र और बस्तियों में रहने वाली आबादी भी शामिल है। इस क्षेत्र में सर्वाधिक नौ लाख से अधिक पूर्वांचली मतदाता हैँ, जबकि जाट मतदाताओं की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। इसके अलावा यहां पंजाबी, ब्राह्मण, वैश्य और मुसलिम के मतदाता भी हैं।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो