scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की एंट्री शुरू, पढ़ाई को लेकर टेंशन में पेरेंट्स

स्कूलों में सुरक्षाबलों के ठहरने का विरोध हो रहा है क्योंकि इससे छात्रों की पढ़ाई होती रहती है।
Written by: जनसत्ता ब्यूरो
कोलकाता | Updated: March 01, 2024 22:48 IST
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की एंट्री शुरू  पढ़ाई को लेकर टेंशन में पेरेंट्स
चुनाव से पहले बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों को भेजा जा रहा है। (सोर्स - PTI)
Advertisement

लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत गर्म हो रही है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। चुनाव आयोग ने अभी आचार संहिता लागू नहीं की है लेकिन पश्चिम बंगाल में इससे पहले ही सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। राज्य में 100 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की एंट्री हो रही है। खास बात यह है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में सुरक्षा बलों के रहने का इंतजाम किया गया है। इस मामले में माध्यमिक शिक्षा परिषद का कहना है कि उन्हें इस बारे में किसी तरह की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।

Advertisement

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के ही उत्तर कोलकाता में केंद्रीय सुरक्षा बलों के रहने के लिए बेथुन स्कूल का चुनाव किया गया है। पुलिस ने इसको लेकर स्कूल को नोटिस भी दिया है। केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों के रहने तक स्कूल के बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा, इस बारे में अभिभावकों की ओर से चिंता जताई जा रही है। इस मामले में स्कूल मैनैजमेंट का कहना है कि इस बारे में बाद में सूचित किया जाएगा।

Advertisement

इस मामले में सूत्रों ने बताया है कि राज्य के कई स्कूलों में इस तरह पुलिस थानों से स्कूलों में पत्र भेजे गए हैं, जिसमें बताया गया है कि सुरक्षा बलों को जवान स्कूलों में ठहरेंगे। महानगर में इस सूची में जादवपुर के तीन स्कूल और उत्तरपाड़ा का एक स्कूल शामिल है।

अधिकारियों को नहीं है स्पष्ट जानकारी

माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने कहा कि इस बारे में सुना तो है लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। मार्च के पहले हफ्ते से ही अगर इस तरह सरकारी स्कूलों को लिया जाएगा, तब पढ़ाई को लेकर समस्या हो सकती है।

Advertisement

अधिकारियों ने बताया है कि सुरक्षा बलों के रहने पर पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी, इस बारे में मेरे साथ किसी तरह का विमर्श नहीं हुआ है। मालूम हो कि राज्य में फिलहाल कुल मिलाकर 100 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान आ रहे हैं, इसमें पहले चरण में कोलकाता में सात कंपनियां आई हैं। दूसरे चरण में तीन कंपनियां आएंगी।

Advertisement

एपीडीआर की ओर से स्कूलों में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को रखने का विरोध किया गया है। इस बारे में एक बयान जारी करके कहा गया है कि इससे लंबे समय के लिए स्कूल-कालेज की पढ़ाई पर बुरा असर है।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो