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अपनी शर्त पर सीट शेयरिंग, परिवार को सेफ सीट, OBC पर फोकस… जानिए पहली लिस्ट में अखिलेश यादव ने कैसे साधा समीकरण

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहली लिस्ट से कांग्रेस को भी संदेश दे दिया है कि वह अपनी ही शर्तों पर सीट शेयरिंग करेंगे।
Written by: niteshdubey
नई दिल्ली | Updated: January 30, 2024 21:33 IST
अपनी शर्त पर सीट शेयरिंग  परिवार को सेफ सीट  obc पर फोकस… जानिए पहली लिस्ट में अखिलेश यादव ने कैसे साधा समीकरण
डिंपल यादव मैनपुरी और धर्मेंद्र यादव बदायूं से सपा उम्मीदवार (पीटीआई फोटो)
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लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने 16 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तीन यादव प्रत्याशियों को उतारा गया है और यह तीनों यादव परिवार के हैं। सपा की पहली लिस्ट में डिंपल यादव को मैनपुरी से, अक्षय यादव को फिरोजाबाद से और धर्मेंद्र यादव को बदायूं से उम्मीदवार बनाया गया है।

सपा की शर्त पर सीट शेयरिंग

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा की पहली लिस्ट से कांग्रेस को भी संदेश दे दिया है कि वह अपनी ही शर्तों पर सीट शेयरिंग करेंगे। कुछ दिन पहले ही अखिलेश यादव ने ट्वीट कर बताया था कि कांग्रेस के लिए 11 सीटें छोड़ी जाएंगी जबकि आरएलडी के लिए 7 सीटें। हालांकि कांग्रेस ने इसे केवल एक पक्षीय फैसला बताया था। लेकिन अखिलेश यादव ने पहली लिस्ट जारी करके संदेश दे दिया है कि यूपी में सीट शेयरिंग अब सपा के ही शर्त पर होगी।

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OBC पर फोकस

समाजवादी पार्टी की पहली लिस्ट में पीडीए का ध्यान रखा गया है। सपा की ओर से 11 ओबीसी उम्मीदवारों को उतारा गया है। इसके अलावा एक मुस्लिम, एक दलित और एक ठाकुर उम्मीदवार का भी नाम लिस्ट में शामिल है। साथ ही दो खत्री उम्मीदवारों का नाम भी शामिल है। इस लिस्ट से साफ है कि समाजवादी पार्टी ओबीसी समुदाय को रिझाने का प्रयास कर रही है। 11 ओबीसी उम्मीदवारों में चार कुर्मी, 3 यादव, 2 शाक्य, एक निषाद और 1 पाल हैं। यादव उम्मीदवार मुलायम सिंह यादव के परिवार के हैं।

परिवार को सेफ सीट

सपा की पहली लिस्ट से एक बात और निकल कर सामने आई है कि परिवार को सेफ सीट से उतारा गया है। डिंपल यादव को मैनपुरी से, अक्षय यादव को फिरोजाबाद से और धर्मेंद्र यादव को बदायूं से उम्मीदवार बनाया गया है। डिंपल यादव अखिलेश यादव की पत्नी हैं और मैनपुरी से सांसद हैं। इसके पहले वह कन्नौज से सांसद थीं लेकिन 2019 के चुनाव में उन्हें भाजपा के सुब्रत पाठक ने हरा दिया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि अखिलेश यादव एक बार फिर से उन्हें कन्नौज से उम्मीदवार बनाएंगे लेकिन उन्हें मैनपुरी जैसी सेफ सीट से उतारा गया है।

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धर्मेंद्र यादव बदायूं से सांसद थे लेकिन 2019 में वह भाजपा के उम्मीदवार से हार गए। उसके बाद आजमगढ़ में उपचुनाव हुआ और सपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ ने धर्मेंद्र यादव को आजमगढ़ से हरा दिया और सपा की अपने ही घर में करारी हार हुई। अब आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने धर्मेंद्र यादव को एक बार फिर से सेफ सीट बदायूं से उतारा है।

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अक्षय यादव को सपा ने फिरोजाबाद से उम्मीदवार बनाया है। 2014 में अक्षय यादव यहीं से सांसद बने थे। अक्षय यादव रामगोपाल यादव के बेटे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में अक्षय यादव फिरोजाबाद से हार गए थे और उनकी हार का सबसे बड़ा कारण उनके ही चाचा शिवपाल सिंह यादव बने थे। लेकिन अब शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के साथ हैं। ऐसे में अक्षय यादव के लिए फिरोजाबाद सेफ सीट मानी जा रही है। इससे एक संदेश जा रहा है कि अखिलेश के लिए परिवार सबसे पहले है।

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