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Lok Sabha Elections: यूपी में पहले चरण में कहां-कहां वोटिंग? जानिए किस-किस के बीच मुकाबला, पिछले चुनाव में सिर्फ तीन सीटों पर BJP को मिली थी जीत

Lok Sabha Elections: उत्तर प्रदेश में पहले चरण में आठ लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी। पिछले चुनाव में इन आठ में सिर्फ तीन बीजेपी के हाथ लगी थीं।
Written by: Yashveer Singh
Updated: April 01, 2024 14:58 IST
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पहले चरण में यूपी की आठ सीटों पर मतदान (PTI)
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Lok Sabha Elections Uttar Pradesh: अप्रैल के महीने की शुरुआत के साथ मौसम और गर्म होने लगा है... अप्रैल के महीने में लोकसभा चुनाव के लिए दो चरण का मतदान भी होना है, ऐसे में देश के कई हिस्सों में सियासी पारा भी बढ़ा हुआ है। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को होना है। पहले चरण में देश में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होनी है। इनमें से यूपी की 8 लोकसभा सीटें हैं।

यूपी की जिन 8 लोकसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान होगा, उनमें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, नगीना, रामपुर और पीलीभीत शामिल हैं। इन सीटों में से कैराना और मुजफ्फरनगर को छोड़कर सभी उत्तराखंड की सीमा से सटी हुई हैं जबकि पीलीभीत लोकसभा सीट की सीमा नेपाल से भी लगती है।

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यूपी की जिन आठ लोकसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान हो रहा है, उन सभी सीटों पर मुस्लिम मतदाता काफी अच्छी तादाद में हैं और माना जाता है कि मुस्लिम वोटरों का ही रुख इन सभी सीटों पर विजेता तय करते हैं। पहले चरण की इन आठ लोकसभा सीटों की खास बात ये है कि इनमें से किसी भी सीट पर ओवैसी की पार्टी AIMIM ने प्रत्याशी नहीं उतारा है।

किस-किस के बीच मुकाबला?

लोकसभा सीटबीजेपी - रालोद प्रत्याशीसपा - कांग्रेस प्रत्याशीबसपा प्रत्याशी
1सहारनपुरराघव लखनपालइमरान मसूदमाजिद अली
2कैरानाप्रदीप चौधरीइकरा हसनश्रीपाल सिंह
3मुजफ्फरनगरसंजीव बालियानहरेंद्र मलिकधारा सिंह प्रजापति
4बिजनौरचंदन चौहानदीपक सैनीविजेंद्र सिंह
5नगीनाओम कुमारमनोज कुमारसुरेंद्र पाल सिंह
6मुरादाबादसर्वेश सिंहरुचि वीराइरफान सैफी
7रामपुरधनश्याम सिंह लोधीमोहबुल्ला नदवीजीशान खां
8पीलीभीतजितिन प्रसादभगवत सरन गंगवारअनीस अहमद

सहारनपुर लोकसभा सीट

मुस्लिम बाहुल्य इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने इमरान मसूद को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस को यह सीट सपा से गठबंधन के तहत मिली है। बीजेपी ने यहां राघव लखनपाल पर भरोसा जताया है जबकि बसपा ने माजिद अली को चुनाव मैदान में उतारा है।

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साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के राघव लखनपाल ने कांग्रेस के इमरान मसूद को साठ हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी। बसपा के जगदीश राणा इस सीट पर तीसरे स्थान पर रहे थे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के तहत यह सीट बसपा को मिली थी, तब बसपा के हाजी फजलुर्रहमान ने बीजेपी के राघव लखनपाल को करीबी मुकाबले में 22 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में इमरान मसूद तीसरे स्थान पर रहे थे।

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कैराना लोकसभा सीट

कैराना लोकसभा सीट पर बीजेपी ने अपने वर्तमान सांसद प्रदीप चौधरी को ही चुनाव मैदान में उतारा है। यहां उनका मुकाबला सपा प्रत्याशी इकरा हसन से है जबकि बसपा की तरफ से श्रीपाल सिंह चुनाव मैदान में हैं। कैराना लोकसभा सीट की गिनती भी मुस्लिम बाहुल्य लोकसभा सीटों में होती है।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कैराना लोकसभा सीट पर बीजेपी के हुकुम सिंह ने जीत दर्ज की थी। हुकुम सिंह ने करीब साढ़े तीन लाख वोटों के अंतर से सपा के नाहिद हसन को चुनाव मैदान में मात दी थी। बसपा के कुंवर हसन तीसरे स्थान पर रहे थे। साल 2019 में कैराना लोकसभा सीट पर बीजेपी के प्रदीप कुमार ने सपा की तब्स्सुम बेगम को 90 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।

मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट

मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर बीजेपी ने लगातार तीसरी बार संजीव बालियान को चुनाव मैदान में उतारा है। मुरादाबाद में इस बार संजीव बालियान का मुकाबला सपा के हरेंद्र मलिक, बसपा के दारा सिंह प्रजापति से है।

2019 के लोकसभा चुनाव में संजीव बालियान ने इस सीट पर सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी अजीत सिंह को छह हजार वोटों से हराया था। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में संजीव बालियान ने बसपा के कादिर राणा को चार लाख से अधिक वोटों से हराया था। तब सपा के वीरेंद्र सिंह और कांग्रेस के पंकज अग्रवाल चौथे नंबर पर रहे थे।

बिजनौर लोकसभा सीट

इस बार बीजेपी और रालोद का गठबंधन है। गठबंधन के तहत बिजनौर लोकसभा सीट रालोद को मिली है। रालोद ने यहां से अपने विधायक चंदन चौहान को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर चंदन चौहान के सामने सपा के दीपक सैनी और बसपा के विजेंद्र सिंह हैं।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कुंवर भारतेंद्र ने सपा के शहनवाज राणा को दो लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। तब बसपा के मलूक नागर तीसरे और रालोद की जया प्रदा नहाटा चौथे नंबर पर रही थीं। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी मलूक नागर (सपा-बसपा-रालोद गठबंधन) ने बीजेपी के भारतेंद्र सिंह को करीब 70 हजार वोटों से मात दी थी।

नगीना लोकसभा सीट

नगीना लोकसभा सीट इस बार बीजेपी ने ओम कुमार को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर इस बार भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (असपा) ने भी ताल ठोक दी है। बसपा ने इस सुरेंद्र पाल सिंह जबकि सपा ने मनोज कुमार को प्रत्याशी बनाया है।

साल 2014 में नगीना लोकसभा सीट पर बीजेपी के यशवंत सिंह ने सपा के यशवीर सिंह को 90 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। तब बसपा के गिरिश चंद्र तीसरे स्थान पर रहे थे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के गिरीश चंद्र (सपा-बसपा गठबंधन) ने बीजेपी के यशवंत सिंह को डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से हराया था।

मुरादाबाद लोकसभा सीट

मुरादाबाद लोकसभा सीट पर बीजेपी ने लगातार तीसरी बार सर्वेश सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। यहां उनका मुकाबला सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा और बसपा के इरफान सैफी से है। रुचि वीरा को सपा ने आखिरी समय में एसटी हसन का टिकट काटकर प्रत्याशी बनाया। रुचि वीरा को आजम खान की पैरवी पर प्रत्याशी बनाया गया है।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद में सपा के एसटी हसन ने जीत दर्ज की थी। तब एसटी हसन (सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी) ने सर्वेश सिंह को करीबी एक लाख वोटों से मात दी थी। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ को सिर्फ 59000 वोट नसीब हुए थे। साल 2014 में सर्वेश सिंह ने यहां सपा के एसटी हसन को 87 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी। तीसरे नंबर पर रहे बसपा के हाजी मोहम्मद याकूब को 1,60,945 वोट मिले थे।

रामपुर लोकसभा सीट

रामपुर को सपा नेता आजम खान का गढ़ कहा जाता है। आजम खान का परिवार इस समय जेल में है। सपा ने यहां मोहबुल्ला नदवी को प्रत्याशी बनाया है जबकि बसपा ने जीशान खां को टिकट दिया है। बीजेपी ने इस सीट पर धनश्याम सिंह लोधी को चुनावी रण में उतारा है। घनश्याम सिंह लोधी रामपुर के मौजूदा सांसद हैं, उन्होंने उपचुनाव में जीत दर्ज की थी।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में रामपुर में बीजेपी के नेपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। नेपाल सिंह ने करीबी मुकाबले में सपा के नसीर अहमद खान को 23 हजार वोटों से मात दी थी। तब रामपुर सीट पर तीसरे नंबर पर कांग्रेस के नवाब काजिम अली खां और चौथे नंबर पर बसपा के अकबर हुसैन रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर में आजम खान ने बीजेपी की जयाप्रदा नहाटा को एक लाख दस हजार वोटों से हराया था। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के संजय कपूर रहे।

पीलीभीत लोकसभा सीट

पीलीभीत लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला पिछले चुनावों से अलग है। इस बार यहां पर मेनका गांधी और वरुण गांधी प्रत्याशी नहीं हैं। बीजेपी ने यहां से योगी सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद को चुनाव मैदान में उतारा है। जितिन प्रसाद को सपा के भगवत सरन गंगवार और बसपा के अनीस अहमद टक्कर दे रहे हैं।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से वरुण गांधी जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने सपा के हेमराज वर्मा को ढाई लाख से ज्यादा वोटों से मात दी थी। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से मेनका गांधी बीजेपी की प्रत्याशी थीं। उन्होंने सपा के बुद्धसेन वर्मा को तीन लाख से ज्यादा वोटों से मात दी थी। बसपा के अनीस  अहमद खान तब तीसरे नबंर पर रहे थे।

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