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UP: तीन हफ्तों में मोदी-योगी ने की 45 रैली, राहुल कर पाए सिर्फ 1, ऐसे ही टक्कर देगी कांग्रेस?

एक आंकड़ा बताता है कि 26 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 38 रैलियां और प्रभुत सम्मेलन संपन्न किए हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी सात जनसभा और दो बड़े रोड शो 26 अप्रैल तक कर लिए हैं।
Written by: Maulshree Seth | Edited By: Sudhanshu Maheshwari
Updated: April 28, 2024 11:37 IST
up  तीन हफ्तों में मोदी योगी ने की 45 रैली  राहुल कर पाए सिर्फ 1  ऐसे ही टक्कर देगी कांग्रेस
रैली करने के मामले में नंबर 1 हैं मोदी-योगी
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देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में दो चरणों के अंदर में अभी तक 16 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है, पश्चिम यूपी की सीटों पर हुए मतदान के बाद इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसा देखा गया है कि उत्तर प्रदेश में इस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, उनकी तुलना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्यादा रैलियां कर ली हैं, इसके साथ-साथ कई रोड शो भी भारी भीड़ के साथ संपन्न किए हैं।

ये ट्रेंड हैरान कर देने वाला इसलिए है क्योंकि यूपी से राज्य की सबसे ज्यादा 80 सीटें निकलती है। ये वो राज्य है जहां से तय होने वाला है कि आगामी चुनाव में किसकी जीत होगी, किसे सरकार बनाने का मौका मिलेगा। लेकिन इस समय इंडिया गठबंधन का प्रचार और खासकर कांग्रेस का प्रचार काफी फीका दिखाई दे रहा है, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दूसरे राज्यों में जरूर सक्रिय और व्यस्त दिखाई दे रहे हैं, लेकिन यूपी की सारी जिम्मेदारी उन्होंने अपनी स्टेट यूनिट को दे दी है।

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एक आंकड़ा बताता है कि 26 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 38 रैलियां और प्रभुत सम्मेलन संपन्न किए हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी सात जनसभा और दो बड़े रोड शो 26 अप्रैल तक कर लिए हैं। वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो प्रियंका गांधी ने सिर्फ सहारनपुर में अभी तक एक रोड शो किया है, वही राहुल गांधी ने इसी समय अखिलेश यादव के साथ अमरोहा में एक संयुक्त रैली को अंजाम दिया। अब कांग्रेस के लिए ये ट्रेंड ज्यादा चिंताजनक इसलिए है क्योंकि पिछले कई चुनावों में ऐसा देखा गया है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूती देने का काम गांधी परिवार ही करता है।

सबसे ज्यादा जमीन पर सक्रिय खुद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी रहते हैं, लेकिन जब सबसे बड़ा रण शुरू हो चुका है, 2024 के नतीजे 4 जून को आने वाले हैं, अभी तक यूपी में भाई-बहन की तरफ से संयुक्त प्रचार ज्यादा नहीं किया गया है। इसके ऊपर क्योंकि अभी तक रायबरेली और अमेठी पर सस्पेंस बना हुआ है, इसने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मॉरेल को थोड़ा कम कर दिया है। वैसे सपा प्रमुख अखिलेश यादव तो उत्तर प्रदेश से ही आते हैं, उनकी राजनीति का केंद्र भी यूपी ही है, लेकिन फिर भी बीजेपी की तुलना में उनकी रैलियां और प्रचार भी काफी कम दिखाई पड़ता है।

12 अप्रैल से सियासी शंखनाद करने वाले अखिलेश ने अभी तक आठ जनसभा को संबोधित किया है, इसमें बिजनौर, मेरठ, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, गौतम बुध नगर और एटा सीट को कवर किया गया है। वही योगी आदित्यनाथ की बात करें तो उन्होंने अपनी कुछ रैलियों के जरिए ही ज्यादा सीटों तक बीजेपी की पहुंच बना दी है। पिछले दो हफ्ते में ही योगी आदित्यनाथ ने मथुरा, बागपत, अलीगढ़, सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, रामपुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, कैराना, मुरादाबाद, पीलीभीत और गौतम बुध नगर में प्रचार किया है।

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