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Lok Sabha Elections: 53 साल बाद 'रणभूमि' से दूर हुआ चौधरी परिवार, 1971 में चरण सिंह ने पहली बार आजमाई थी किस्मत

Lok Sabha Elections: यूपी वेस्ट में चौधरी परिवार के नाम से फेमस जयंत चौधरी का परिवार व उनके पूर्वज लगातार चुनाव में अपनी किस्मत आजमाते रहे हैं लेकिन यह पहली बार है कि वो 24 के चुनाव में खुद के लिए वोट नहीं मांगेंगे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
Updated: March 05, 2024 14:00 IST
lok sabha elections  53 साल बाद  रणभूमि  से दूर हुआ चौधरी परिवार  1971 में चरण सिंह ने पहली बार आजमाई थी किस्मत
अजीत सिंह के निधन के बाद पहले लोकसभा चुनाव से चौधरी परिवार दूर है (File Photo - Express)
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लोकसभा चुनाव 2024 से पहले पाला बदलकर NDA में शामिल होने वाले जयंत चौधरी ने अपने हिस्से में आई दोनों लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। राष्ट्रीय लोकदल ने बागपत लोकसभा सीट से पार्टी के सीनियर कार्यकर्ता डॉ. राजकुमार सांगवान को टिकट दिया है जबकि बिजनौर लोकसभा सीट से अपने विधायक चंदन चौहान पर भरोसा जताया है। चंदन चौहान गुर्जर बिरादरी से आते हैं।

इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि जयंत बागपत लोकसभा सीट से खुद चुनाव लड़ सकते हैं या अपनी पत्नी चारू को प्रत्याशी घोषित कर सकते हैं लेकिन जब रालोद प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हुई तो सभी हैरान रह गए। पिछले 53 सालों में यह पहली बार है जब चौधरी परिवार का एक भी सदस्य लोकसभा चुनाव में किस्मत नहीं आजमा रहा है।

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बागपत लोकसभा सीट को रालोद की परंपरागत सीट माना जाता है। पिछले चुनाव में जयंत चौधरी ने यहां से किस्मत आजमाई थी, 2014 में उनके पिता अजित सिंह यहां से चुनाव लड़े थे। इसी वजह से यह माना जा रहा था कि चौधरी परिवार इस सीट को अपने पास बरकरार रखेगा लेकिन जयंत चौधरी ने डॉ. राजकुमार सांगवान को प्रत्याशी बनाकर अपनी बिरादरी में पॉजिटिव मैसेज देने की कोशिश की है।

आइए आपको बताते हैं कब-कब कहां-कहां से लोकसभा चुनाव लड़ा चौधरी परिवार और क्या रहा परिणाम

कब - कब चुनाव लड़ा चौधरी परिवार और क्या रहा परिणाम
साललोकसभा सीटप्रत्याशीपरिणाम
2019मुजफ्फरनगरअजीत सिंहहार
बागपतजयंत चौधरीहार
2014बागपतअजीत सिंहहार
मथुराजयंंत चौधरीहार
2009बागपतअजीत सिंहजीत
मथुुराजयंत चौधरीजीत
2004बागपतअजीत सिंंहजीत
1999बागपतअजीत सिंहजीत
1998बागपतअजीत सिंहहार
1996बागपतअजीत सिंहजीत
1991बागपतअजीत सिंहजीत
1989बागपतअजीत सिंहजीत
1984बागपतचरण सिंहजीत
1980बागपतचरण सिंंहजीत
1977बागपतचरण सिंहजीत
1971बागपतचरण सिंहहार

कब-कब चुनाव हारा चौधरी परिवार?

चौधरी परिवार के लिए बीते दो लोकसभा चुनाव बेहद खराब रहे। अजित सिंह और जयंत चौधरी 2019 में सपा-बसपा से गठबंधन के बाद भी क्रमश: मुजफ्फरनगर और बागपत सीट हार गए। इससे पहले दोनों बाप-बेटे कांग्रेस के साथ होने के बाद भी 2014 में बागपत और मथुरा सीट हारे। 2009 के लोकसभा चुनाव में रालोद बीजेपी के साथ थी, जब अजित चौधरी बागपत लोकसभा से और जयंत चौधरी मथुरा लोकसभा सीट जीतकर संसद पहुंचे थे। जयंत चौधरी के दादा चौधरी चरण सिंह साल 1971 का लोकसभा चुनाव हारे थे। उनके पिता 1998 में बीजेपी के सोमपाल शास्त्री से चुनाव हारे थे।

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