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कॉमेडियन श्याम रंगीला वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी को देंगे टक्कर, बताई चुनाव लड़ने की बड़ी वजह

रंगीला बताते हैं कि वह मोदी के कट्टर प्रशंसक हुआ करते थे। वह कहते हैं, ''मैं 2016-17 तक भी भक्त था, लेकिन फिर मुझ पर प्रतिबंध लगा दिए गए।'' उन्होंने दावा किया कि उन्हें वह काम नहीं करने दिया गया जो वह करना चाहते थे।
Written by: HAMZA KHAN | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: May 01, 2024 16:12 IST
कॉमेडियन श्याम रंगीला वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी को देंगे टक्कर  बताई चुनाव लड़ने की बड़ी वजह
श्याम रंगीला ने कहा कि कभी वह मोदी के कट्टर प्रशंसक हुआ करते थे। (Photo: X/@ShyamRangeela)
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लोकसभा चुनाव में वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ कॉमेडियन श्याम रंगीला भी मैदान में उतरेंगे। उन्होंने टेलीविजन शो में दिखने के अपने सपने को फिलहाल छोड़कर राजनीति से कॉमेडी की दुनिया में प्रवेश करने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करके नाम कमाने वाले राजस्थान के 29 वर्षीय श्याम रंगीला ने ऐलान किया है कि वह वाराणसी से पीएम के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह "लोकतंत्र कायम रहे" की प्रतियोगिता सुनिश्चित करना केवल प्रतीकात्मक नहीं है। वह "पूरे मन से" चुनाव लड़ेंगे और अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए इस सप्ताह के अंत में वाराणसी पहुंचेंगे।

रंगीला ने कहा- सूरत और इंदौर की तरह वह पर्चा वापस नहीं लेंगे

उन्होंने कहा, “सूरत या इंदौर के विपरीत, जहां कांग्रेस उम्मीदवारों के अपने नामांकन पत्र वापस लेने के बाद इन निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों के लिए वॉकओवर मिल गया, हम कम से कम ये कहने के लिए वहां खड़े होंगे कि हम यहां पर लोकतंत्र खतरे में नहीं आने देंगे, लोगों को वोट के लिए यहां विकल्प मिलेगा।” रंगीला ने कहा, “वाराणसी में भले ही हर कोई अपना नामांकन पर्चा वापस ले ले, मेरा पर्चा तब भी वहीं रहेगा।”

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उन्होंने कहा, उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) आदि की चिंता नहीं है। “अगर मेरे खातों की जांच की जाए, तो उन्हें कुछ नहीं मिलेगा… मैं असली फकीर हूं, जो झोला उठा कर चल दूंगा जी।” दिसंबर 2016 के भाषण में पीएम मोदी ने खुद को फकीर बताया था।

श्याम बोले- ''मुझे टीवी शो के ऑफर मिलते थे, स्क्रिप्ट को मंजूरी नहीं

रंगीला बताते हैं कि वह मोदी के कट्टर प्रशंसक हुआ करते थे। वह कहते हैं, ''मैं 2016-17 तक भी भक्त था, लेकिन फिर मुझ पर प्रतिबंध लगा दिए गए।'' उन्होंने दावा किया कि उन्हें वह काम नहीं करने दिया गया जो वह करना चाहते थे। वह कहते हैं, ''मुझे टीवी शो के ऑफर मिलते थे… लेकिन एक बार जब मैं पहुंचता तो मुझे पता चलता कि मेरे अभिनय या स्क्रिप्ट को मंजूरी नहीं मिल रही है और मुझे एक के बाद एक शो से हटा दिया जाता है।''

वह कहते हैं, “जब ऐसा बार-बार होता है, तो आपको एहसास होता है कि कॉमेडी में राजनीति है… जब लोग राजनीति के जरिए कॉमेडी कर रहे हैं, तब मैं कॉमेडी के माध्यम से राजनीति करूंगा… ताकि लोगों को एहसास हो कि मैं सिर्फ खोखले वादे नहीं कर रहा हूं।”

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2022 में रंगीला ने पहली बार राजनीति में कदम रखा और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए, लेकिन राजस्थान में पार्टी फ्लॉप हो गई। एक निर्दलीय के तौर पर उनका कहना है कि वह अपने मालिक खुद हैं। रंगीला का कहना है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए वाराणसी को चुना क्योंकि "पूरे देश की निगाहें वहीं टिकी हुई हैं।" "वहां मोदी जी और उन्हें चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई भावना नहीं है।" लोग उन्हें क्यों वोट देंगे, इस पर रंगीला कहते हैं, "अगर लोग मोदी जी के प्यार में पड़ सकते हैं", तो वे उन्हें भी वोट दे सकते हैं।

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