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'थोड़े से दबाव में बिखर गए नीतीश कुमार', राहुल गांधी बोले- सामाजिक न्याय देने की जिम्मेदारी हमारी, यहां आपकी कोई जरूरत नहीं

Nitish Kumar News: राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मंगलवार को बिहार के पूर्णिया में थी। इस दौरान उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पर जबरदस्त प्रहार किया।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
Updated: January 30, 2024 17:28 IST
 थोड़े से दबाव में बिखर गए नीतीश कुमार   राहुल गांधी बोले  सामाजिक न्याय देने की जिम्मेदारी हमारी  यहां आपकी कोई जरूरत नहीं
राहुल गांधी ने नीतीश कुमार पर कसा तंज
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बिहार के सीएम नीतीश कुमार के यू-टर्न के बाद कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया आ गई है। उन्होंने पूर्णिया में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री थोड़े से दबाव में बिखर गए। इस दौरान उन्होंने चुटकुला सुनाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज भी कसा।

राहुल गांधी ने पूर्णिया रैली में कहा कि आपके सीएम राज्यपाल के यहां शपथग्रहण के लिए गए, वहां शपथ ली। वहां बीजेपी के नेता और राज्यपाल बैठे थे। शपथ के बाद वे वापस सीएम हाउस की तरफ चले जाते हैं। लौटते समय गाड़ी में पता चलता है कि वो अपना शॉल राज्यपाल के घर में छोड़ आए तो वो ड्राइवर से कहते हैं कि वापस चलो, शॉल उठाना है। गवर्नर के घर वापस पहुंचते हैं तो वो नीतीश कुमार को देखकर कहते कि भाई इतनी जल्दी वापस आ गए। ये हालत है बिहार की।

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कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष आगे कहते हैं कि थोड़ा सा दबाव पड़ता है और यू-टर्न ले लेते हैं। दबाव क्यों पड़ा क्योंकि बिहार में हमारे गठबंधन ने एक बात जनता के सामने रखी है। इस यात्रा में हम पांच न्याय की बात कर रहे हैं। इनमें से एक न्याय- समाजिक न्याय कह  दीजिए या हिस्सेदारी कह दीजिए।  

जातिगत जनगणना की बात फिर लोगों के सामने रखी

राहुल गांधी ने पूर्णिया रैली के दौरान कहा कि हिंदुस्तान का एक एक्स-रे हो जाए कि इस देश में किसकी कितनी आबादी है। लोगों की गिनती हो जाए। जनरल जातियों के कितने लोग हैं, उसमें से अमीर कितने हैं। इसी तरह और जातियों का भी पता चला। ये भी पता चले इन जातियों में कितने किसान हैं, कितने मजदूर हैं और क्या-क्या कर रहे हैं। सामाजिक न्याय का यही मतलब है और इसका पहला कदम देश का एक्स-रे करना है।

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'नीतीश जी कहां फंसे?'

उन्होंने आगे कहा, "मैंने नीतीश से साफ कह दिया कि देखिए आपको जाति जनगणना बिहार में करनी पड़ेगी, हम आपको छूट नहीं देंगे। राजद ने और हमने ये काम नीतीश जी पर दबाव डालकर किया। इसके बाद दूसरी तरफ से प्रेशर आया। बीजेपी नहीं चाहती है कि इस देश का एक्स-रे हो। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। पता चल जाएगा कि कितने दलित हैं, आदिवासी हैं, गरीब है। बीजेपी ये नहीं चाहती। नीतीश कुमार बीच में फंस गए। बीजेपी ने उन्हें बीच में निकलने का रास्ता दे दिया। वो उस रास्ते पर निकल गए। सामाजिक न्याय देने की जिम्मेदारी हमारे बिहार में हमारे गठबंधन की है, नीतीश कुमार की यहां कोई जरूरत नहीं है। यहां हम अपना काम कर लेंगे।"

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