scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

बाहरी प्रत्याशियों के लिए मुफीद रही है मिर्जापुर लोकसभा सीट, फूलन देवी और ददुआ के भाई रह चुके हैं यहां के सांसद

Mirzapur Lok Sabha Elections: मिर्जापुर में इस बार मुकाबला अनुप्रिया पटेल और रमेश बिंद के बीच है। पढ़िए जनसत्ता संवाददाता राजेंद्र तिवारी की रिपोर्ट।
Written by: जनसत्ता ब्यूरो
May 21, 2024 20:58 IST
बाहरी प्रत्याशियों के लिए मुफीद रही है मिर्जापुर लोकसभा सीट  फूलन देवी और ददुआ के भाई रह चुके हैं यहां के सांसद
मिर्जापुर से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रही हैं अनुप्रिया पटेल। सपा के रमेश बिंद से है मुकाबला। (X Image)
Advertisement

Mirzapur Lok Sabha Seat: मिर्जापुर लोकसभा सीट पर लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में एक जून को वोट डाले जाएंगे। एनडीए के घटक दल अपना दल एस की अनुप्रिया पटेल लगातार तीसरी बार इस सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वह यहां से पिछले दो लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। इस बार अनुप्रिया पटेला का मुकाबला भदोही से बीजेपी के टिकट पर सांसद बने रमेश बिंद से है। वह सपा के सिंबल पर चनाव लड़ रहे हैं। मिर्जापुर लोकसभा सीट पर बीएसपी ने ब्राह्मण समुदाय से आने वाले मनीष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है।

उत्तर प्रदेश की यह सीट बाहरी प्रत्याशियों के लिए मुफीद रही है। पिछले चालीस वर्षों से बाहरी प्रत्याशी इस सीट का संसद में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 1984 में कांग्रेस के उमाकांत मिश्र के बाद स्थानीय किसी उम्मीदवार को सफलता नही मिली।

Advertisement

फूलन देवी मिर्जापुर से जीत चुकी हैं सांसद का चुनाव

इससे पहले दस्यु सुंदरी फूलन देवी का मिर्जापुर से चुनाव जीतना भी कम चर्चा में नही रहा था। इस सीट से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के रूप में दो बार (1996 व 1999) फूलन देवी ने जीत दर्ज कर चर्चा का विषय बन गई थी। उनकी बहन मुन्नी देवी फूलन देवी के विरासत संभालने के लिए यहां से चुनाव लड़ा लेकिन जनता ने नकार दिया।

लोकसभा चुनाव 2009 में दस्यु ददुआ के भाई बालकुमार पटेल भी सपा उम्मीदवार के रूप में विजयी हो चुके हैं। दस्यु सुंदरी सीमा परिहार ने भी यहां चुनावी भाग्य आजमाया था। हालांकि जनता ने उन्हें प्रतिनिधित्व का अवसर नहीं दिया। सीमा को हार का सामना करना पड़ा था।

इस सीट पर बलिया जिले के निवासी बीरेंद्र सिंह मस्त ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में दो बार (1991 व 1998) जीत दर्ज कर चुके हैं। फूलन देवी ने मस्त को ही हराया था। वीरेंद्र सिंह ने 1998 फूलन को हराकर बदला लिया। अगले चुनाव में फिर फूलन देवी ने वीरेंद्र सिंह मस्त को हरा दिया। इसी बीच फूलन की हत्या हो गई। फिर वीरेंद्र सिंह और फूलन आमने-सामने नहीं आ सके।

Advertisement

फूलन देवी और ददुआ के भाई बालकुमार पटेल से मिर्जापुर सीट चर्चा में रही तो सोनभद्र जिले से यहां आकर 2004 में बसपा से सांसद बने नरेंद्र सिंह कुशवाहा घूस कांड़ में फंस कर अपनी सदस्यता गंवा बैठे थे। उन दिनों घूस कांड काफी चर्चाओं में रहा था। मिर्जापुर लोकसभा सीट पर मुकाबला सपा और अपना दल के बीच ही प्रतीत हो रहा है। यहां सपा उम्मीदवार द्वारा बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा उछाला जा रहा है। देखना है कि यह मुद्दा कितना असर करता है।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 टी20 tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो