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24 के चुनाव से पहले BJP ने नीतीश को क्यों लिया साथ? पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव नतीजों में छिपी है वजह

एनडीए ने 2019 लोकसभा चुनाव में 54.34% का वोट शेयर हासिल किया था और चुनावों में जीत हासिल की थी।
Written by: ईएनएस | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: March 24, 2024 14:45 IST
24 के चुनाव से पहले bjp ने नीतीश को क्यों लिया साथ  पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव नतीजों में छिपी है वजह
बिहार में बीजेपी और जेडीयू एक साथ है। (PTI PHOTO)
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बिहार में अब फिर से एनडीए की सरकार है। नीतीश कुमार के साथ आने से बीजेपी को 2019 लोकसभा चुनाव वाला प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद है। 2019 लोकसभा चुनाव में एनडीए को 40 में से 39 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में है। बीजेपी 17 और जेडीयू 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जबकि पिछले चुनाव में दोनों दलों ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

एनडीए ने 2019 लोकसभा चुनाव में 54.34% का वोट शेयर हासिल किया था और चुनावों में जीत हासिल की थी। बीजेपी और एलजेपी ने उन सभी सीटों पर जीत हासिल की थी, जिन पर उन्होंने चुनाव लड़ा था, जबकि जेडीयू केवल 1 सीट पर हारी थी। वहीं विपक्षी गठबंधन जिसमे कांग्रेस, हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (सेक्युलर), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और आरजेडी शामिल थी, उन्होंने कुल मिलाकर 31.23% वोट हासिल किए लेकिन सिर्फ 1 सीट जीती।

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2019 की तुलना में 2024 में गठबंधन स्पष्ट रूप से अलग नहीं है। एनडीए में अब भाजपा और जेडीयू के अलावा एचएएम (एस), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाह की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) भी शामिल है। आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों सहित इंडिया गठबंधन ने अभी तक अपने सीट समझौते की घोषणा नहीं की है।

2014 लोकसभा चुनाव

2014 में जेडीयू ने अपने दम पर 38 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन 16.04% वोट शेयर के साथ सिर्फ 2 सीटें जीतीं। एनडीए में उस समय भाजपा, एलजेपी और एक अन्य क्षेत्रीय पार्टी शामिल थी, उसने 39.41% वोट शेयर के साथ 31 सीटें जीतीं थीं। 30.24% वोटों के बावजूद आरजेडी-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सिर्फ 7 सीटें हासिल कर सका था।

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वहीं 2019 के लोकसभा चुनावों में बिहार में एनडीए की जीत के ठीक एक साल बाद उसे बिहार में विपक्ष से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। 2020 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी, जेडीयू और HAM और वीआईपी के दो छोटे दलों सहित एनडीए ने 125 सीटें और 37.26% वोट शेयर हासिल किया। इससे गठबंधन को बहुमत से कुछ ज्यादा सीटें ही मिली। परिणाम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि भाजपा सीटों और वोट शेयर दोनों में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। उसने 74 सीटें (110 सीटों पर लड़ी) और 19.46% वोट शेयर हासिल किया। जद (यू), भाजपा और आरजेडी के बाद तीसरे स्थान पर रही। उसने चुनाव लड़ी 115 सीटों में से 43 सीटें जीतीं और 15.39% वोट हासिल किए। हालांकि सीएम नीतीश कुमार ही बने।

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2019 के आम चुनावों में दूसरी बार हार झेलने वाली कांग्रेस के लिए एक शानदार प्रदर्शन में, राजद और वाम दलों के साथ उसके गठबंधन ने एनडीए को डरा दिया, 110 सीटें और 37.23% वोट जीते (एनडीए से केवल 0.03% कम) वोट टैली)। विशेष रूप से राजद ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया और 144 सीटों पर चुनाव लड़कर 75 सीटों और 23.11% वोट शेयर के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

अगर हम 2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजे को लोकसभा में कन्वर्ट करें तो हमें पता चलेगा कि एनडीए 10 लोकसभा सीटों पर आरजेडी गठबंधन से पीछे है।

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