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यूपी, बंगाल, दिल्ली और पंजाब छोड़िए... कांग्रेस के लिए झारखंड में भी सीट शेयरिंग आसान नहीं, JMM ने इशारों-इशारों में कही बड़ी बात

झारखंड मुक्ति मोर्चा लोकसभा चुनाव २०२४ में कांग्रेस पार्टी को ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं लग रही है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
Updated: January 08, 2024 18:00 IST
यूपी  बंगाल  दिल्ली और पंजाब छोड़िए    कांग्रेस के लिए झारखंड में भी सीट शेयरिंग आसान नहीं  jmm ने इशारों इशारों में कही बड़ी बात
अब जेएमएम बढ़ाएगी कांग्रेस की टेंशन! (Twitter Image)
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लोकसभा चुनाव 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर करने के लिए तमाम विपक्षी दलों ने मिलकर इंडिया गठबंधन बनाया है लेकिन इस गठबंधन में सीट शेयरिंग तमाम दलों के बीच टकराव की वजह बनती दिखाई दे रही है। यूपी और बंगाल जैसे बड़े राज्यों में जहां कांग्रेस कमजोर है, वहां तो उसके लिए सीट शेयरिंग कठिन होती जा रही है दूसरी तरफ झारखंड जैसे छोटे राज्य में भी जेएमएम जैसी छोटी पार्टियां उसे आंख दिखाने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

सीट शेयरिंग के सवाल पर जेएमएम की नेता महुआ मांझी ने न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कांग्रेस को यह इशारा कर दिया कि वो उन्हें ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं हैं। महुआ मांझी ने कहा कि पिछली बार कांग्रेस, राजद और हम सब मिलकर लड़े थे, सीट शेयरिंग उसी हिसाब से हुआ था।लोकसभा में कांग्रेस पार्टी को ज्यादा सीटें मिली थीं, विधानसभा में जेएमएम को ज्यादा सीटें मिली थीं।

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उन्होंने आगे कहा कि इस बार इंडिया गठबंधन की जो मीटिंग दिल्ली में हुई है, उसमें यही बोला गया है बड़े नेताओं की तरफ से कि जिस क्षेत्र में जो ज्यादा मजबूत होगा, जिसकी पकड़ ज्यादा होगी, वहां उस राज्य में बात करके, जो कमेटी होगी, वह तय करेगी कि किसे कौनसी सीट दी जाए।इंडिया गठबंधन का उद्देश्य है ज्यादा से ज्यादा सीट जीतना, जिस पार्टी का कैंडिडेट ज्यादा मजबूत होगा, उसे ही सीट दी जाएगी। इसपर क्योंकि अभी स्थानीय लेवल पर कमेटी नहीं बनी है, स्थानीय कमेटी अगर मसले को यहीं सुलट लेगी तो फिर सेंट्रल कमेटी के पास नहीं जाएगा। इसपर बहुत जल्द फैसला होगा।

2019 में कितनी कितनी सीटों पर लड़े थे चुनाव

साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य की ग्यारह सीटों पर जबकि एक सीट पर उसकी सहयोगी एजेएसयू को जीत मिली थी। विपक्षी दलों को राज्य में सिर्फ दो सीटें हासिल हुई थीं। इनमें एक सीट पर कांग्रेस जबकि एक सीट पर जेएमएम जीती थी। साल 2019 में कांग्रेस झारखंड की नौ लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थी जबकि जेएमएम ने चार सीटों पर ताल ठोकी थी। एक सीट पर राजद ने चुनाव लड़ा था।

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बात अगर राज्य में हुए पिछले चुनाव की करें तो झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 43 सीटों पर, कांग्रेस पार्टी ने 31 सीटों पर और राजद ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था। चुनाव में जेएमएम सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। जेएमएम को तीस सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस पार्टी सोलह जबकि लालू यादव की पार्टी को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा था।

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