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Lok Sabha Elections: 'कोई बताए, आखिर क्या है मेरा गुनाह…' पप्पू यादव चुनाव लड़ने पर अड़े, पार्टी विलय करने पर भी टिकट नहीं मिला

उन्होंने आरजेडी प्रमुख से पूर्णिया सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने का आग्रह करते हुए इसपर दोबारा विचार करने को कहा है। इसका जवाब नहीं मिलने पर पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया हमेशा कांग्रेस की सीट रही है, फिर उन्हें क्यों मधेपुरा या सुपौल से चुनावी मैदान में उतरने के लिए कहा जा रहा है।
Written by: जनसत्ता
नई दिल्ली | Updated: April 03, 2024 14:11 IST
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पप्पू यादव हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। (सोर्स - PTI/File)
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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में अपनी पार्टी का विलय करने वाले पांच बार सांसद रह चुके पप्पू यादव पूर्णिया सीट किसी भी सूरत में छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। पप्पू यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखकर विपक्षी गठबंधन के माथे पर शिकन पैदा कर दी है। उन्होंने लिखा है ‘साथियों, अगले 24 दिन 24 घंटे, जुट जाएं मैदान में पूर्णिया के सम्मान में, जीतेंगे 24 का चुनाव। उन्होंने दूसरे सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई मुझे ये बता दे कि मेरा गुनाह क्या है।

पूर्णिया सीट पर दूसरे चरण में चुनाव होना है

बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे के बाद सहयोगी दलों ने प्रत्याशियों के नाम तय कर उन्हें चुनावी मैदान में उतारने की शुरुआत कर दी है। पूर्णिया सीट पर दूसरे चरण में चुनाव होना है, जिसके लिए चार अप्रैल को पप्पू याादव नामांकन करेंगे। मोबाइल पर बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने हमेशा पूर्णिया से ही लड़ने की मांग की है। इसी शर्त पर कांग्रेस में अपनी पार्टी का विलय भी किया। बावजूद इसके हाल ही में जनता दल (एकी) को छोड़ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में शामिल हुई बीमा भारती को पूर्णिया से प्रत्याशी बनाया गया है। पहले भी पप्पू यादव कह चुके हैं कि दुनिया छोड़ देंगे, लेकिन पूर्णिया नहीं।

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उन्होंने आरजेडी प्रमुख से पूर्णिया सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने का आग्रह करते हुए इसपर दोबारा विचार करने को कहा है। इसका जवाब नहीं मिलने पर पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया हमेशा कांग्रेस की सीट रही है, फिर उन्हें क्यों मधेपुरा या सुपौल से चुनावी मैदान में उतरने के लिए कहा जा रहा है।

आखिर मेरा गुनाह क्या है जो मुझे मधेपुरा या सुपौल सीट से उन्हें प्रत्याशी बनाने की कोशिश की जा रही है। बकौल पप्पू यादव, प्रियंका गांधी के कहने पर उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय किया। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि अभी भी दूसरे चरण के लिए नामांकन में कुछ घंटे बचे हैं और यह तय है कि मैं पूर्णिया से ही तयशुदा तारीख (चार अप्रैल) को नामांकन भरूंगा। उनका इशारा था कि अगर उन्हें गठबंधन ने मौका नहीं दिया तो निर्दलीय भी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

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पूर्णिया संसदीय क्षेत्र में वर्तमान में करीब 14 लाख मतदाता हैं, जिनमें सर्वाधिक करीब 35 फीसद मुसलिम मतदाता हैं। इसके अलावा शेष 65 फीसद मतदाता यादव, गंगोता, सवर्ण समेत दूसरे बिरादर के मतदाता हैं। पप्पू यादव ने कहा कि पिछले करीब आठ महीने से प्रणाम पूर्णिया अभियान के तहत गांवों गांवों में जाकर अब तक 6.5 लाख लोगों से संपर्क कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता का उन्हें पूर्ण समर्थन है और पहले भी पूर्णिया से तीन बार समेत कुल पांच बार सांसद रह चुके हैं। पूर्णिया के सम्मान में पप्पू यादव अब किसी भी सूरत में इस सीट को नहीं छोड़ेंगे।

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