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Lok Sabha Elections: विपक्ष के बड़े मंच पर दिखी महिला नेताओं की ताकत, 'अत्याचार' के खिलाफ बड़े संघर्ष का ऐलान

सागरिका घोष ने कहा, आज भी हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। केवल बंगाल में चुनाव प्रचार शुरू होने की वजह से ममता बनर्जी यहां नहीं आ सकीं। ये लड़ाई सिर्फ दिल्ली की नहीं बल्कि, पूरे देश की लड़ाई है।
Written by: पंकज रोह‍िला
नई दिल्ली | Updated: April 01, 2024 10:35 IST
lok sabha elections  विपक्ष के बड़े मंच पर दिखी महिला नेताओं की ताकत   अत्याचार  के खिलाफ बड़े संघर्ष का ऐलान
31 मार्च 2024 को दिल्ली के रामलीला मैदान पर विपक्षी गठबंधन की सभा में सोनिया गांधी, कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल। (PTI)
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रामलीला मैदान में सजे मंच से विपक्षी गठबंधन ने महिला शक्ति का एक बड़ा चेहरा दिखाने की कोशिश की। इस मंच पर जहां यूपीए गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी मौजूद थीं, वहीं इस समय जेल में बंद नेताओं की पत्नियां भी नजर आईं। इस मैदान में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, आप नेता आतिशी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता वृंदा करात, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती समेत अन्य महिला नेता नजर आईं। इन महिला नेताओं ने सीधे तौर पर भाजपा व उसके सहयोगी दलों पर तीखे हमले किए और मंच से शक्ति प्रदर्शन की भी कोशिश की। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरठ रैली में एक ही ऐसा बड़ी महिला नेता के तौर पर अनुप्रिया पटेल नजर आईं।

रैली कई महिला नेताओं के लिए राजनीति में आने का पहला मौका था

विपक्षी गठबंधन की रैली का सबसे बड़ा मुद्दा लोकतंत्र और संविधान को बचाने के साथ देश के दो राज्यों के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व हेमंत सोरेन के मुद्दे को उठाना था। इस आवाज को महिला नेताओं ने बुलंद किया। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई विपक्षी गठबंधन की यह रैली कई महिला नेताओं के लिए राजनीति में प्रवेश पहला मौका बनीं। इस मंच पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जगह उनकी पत्नी पहुंचीं। वहीं आप नेता संजय सिंह की पत्नी अनिता सिंह ने कहा कि भाजपा दो सौ सीट भी नहीं जीत पाएगी। सत्येंद्र जैन की पत्नी किरण भी रामलीला मैदान पहुंचीं।

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कल्पना सोरेन, सुनीता केजरीवाल पहली बार इतने बड़े मंच पर पहुंची

झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के लिए इतने बड़े मंच पर बोलने का यह पहला अवसर था। कल्पना सोरेन ने मंच से विपक्षी गठबंधन से एकजुटता का आह्वान किया। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी के अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है। हाल यह है कि न कोई वकील, न कोई दलील और न कोई कार्रवाई हो रही है, बल्कि आपको सीधा जेल में भेज दिया जा रहा है।

शायद कलयुग का अमृतकाल इसी को कहते हैं कि आप बिना पूछे, बिना किसी कार्रवाई को लोगों को जेल में डाल देते हो। मुफ्ती ने कहा कि मैं उमर खालिद, सिद्दीक कप्पन या मुहम्मद जुबैर की बात नहीं कर रही हूं, बल्कि आपके चुने हुए नेताओं की बात कर रही हूं, जिन्हें आप चुनकर विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री या मंत्री बनाते बनाते हैं। इन नेताओं को भ्रष्टाचार के फर्जी आरोप लगाकर बिना किसी वकालत और कानूनी कार्रवाई के जेल में डाला जा रहा है।

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वहीं तृणमूल नेता सागरिका घोष भी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के संदेश के साथ मंच पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि आज भी हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। बंगाल में चुनाव प्रचार शुरू होने की वजह से ममता बनर्जी यहां नहीं आ सकीं। ये लड़ाई सिर्फ दिल्ली की नहीं बल्कि, पूरे देश की लड़ाई है। यह लड़ाई तानाशाही और प्रधानमंत्री मोदी की झूठी गारंटी और शून्य वारंटी के खिलाफ लड़ाई है। वरिष्ठ आप नेता आतिशी ने मंच पर महिलाओं के हुंकार भरी। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में यहां इकट्ठा हुए हैं। आज दिल्ली की जनता में रोष है। देश के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा, परिवार के लिए मुफ्त इलाज, बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा दी।

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