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देश के वो दिग्गज नेता, जो लोकसभा सांसद न होने के बावजूद बन गए प्रधानमंत्री

Lok Sabha Chunav 2024: देश में सबसे ज्यादा लंबे समय तक राज्यसभा सदस्य रहते हुए पीएम बने रहने का रिकॉर्ड पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के नाम है।
Written by: Krishna Bajpai
नई दिल्ली | Updated: May 09, 2024 17:29 IST
देश के वो दिग्गज नेता  जो लोकसभा सांसद न होने के बावजूद बन गए प्रधानमंत्री
Lok Sabha Chunav: लोकसभा सांसद न होने के बावजूद PM बने दिग्गज (सोर्स - PTI/File)
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Lok Sabha Chunav: देश 18वीं लोकसभा के लिए अपने सांसदों को चुनने की प्रक्रिया में है। तीन चरणों की वोटिंग के बाद एक तरफ जहां विपक्षी दल अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, तो दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने तक के दावे करने लगे हैं। सत्ताधारी गठबंधन एनडीए (NDA) 400 सीटों तक के दावे कर रहा है, लेकिन इस देश ने वो दौर भी देखा है जबकि लोकसभा सदस्य न होने के बावजूद कोई नेता प्रधानमंत्री बना हो। इस लिस्ट में कई दिग्गज नेता भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री बनने की एक बड़ी शर्त यह है कि कि पीएम पद का दावेदार संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य हो और इसी के चलते कई ऐसे दिग्गज नेता हुए जो कि लोकसभा के सदस्य नहीं थे, लेकिन वो राज्यसभा के रास्ते देश के प्रधानमंत्री बन गए थे। कांग्रेस नेता और पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के नाम रिकॉर्ड हैं कि वे दस साल तक राज्यसभा सदस्य रहते हुए ही प्रधानमंत्री पद पर काबिज रहे थे।

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कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी के नाम है रिकॉर्ड

देश की पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता इंदिरा गांधी के नाम रिकॉर्ड है कि वह पहली ऐसी नेता थीं, जो कि लोकसभा सांसद न होने के बावजूद देश की प्रधानमंत्री बनी थीं। साल 1966 में पूर्व पीएम लालबहादुर शास्त्री का अचानक निधन हो गया था, तब इंदिरा राज्यसभा सांसद थीं और उन्होंने पीएम पद की शपथ ली थी। हालांकि 1967 में वह चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच गईं थीं।

HD देवगौड़ा भी रहे थे राज्यसभा से प्रधानमंत्री

देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा दूसरे प्रधानमंत्री थे, जो कि राज्यसभा के सदस्य थे। उन्होंने 1996 के लोकसभा चुनावों के बाद संयुक्त मोर्चा की पहली सरकार का नेतृत्व किया था। देवेगौड़ा करीब एक साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। इसके बाद जब संयुक्त मोर्चा के घटक दलों के बीच नेतृत्व को लेकर आपसी सहमति नहीं रही तो, देवेगौड़ा के नाम पर सभी ने हामी भरी थी।

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देवेगौड़ा पीएम बनने के बाद राज्यसभा के सदस्य बने थे, क्योंकि उससे पहले वह कर्नाटक के सीएम थे। खास बात यह है कि उस दौरान पश्चिम बंगाल के पूर्व पीएम ज्योति बसु को भी पीएम बनाने पर सहमति बन गई थी, मगर वामदलों ने ही इस प्रस्ताव को नकारते हुए ज्योति बसु के पीएम बनने पर ब्रेक लगा दिया था।

इंद्र कुमार गुजराल बने थे राज्यसभा से आने वाले तीसरे पीएम

एचडी देवेगौड़ा की सरकार गिरने के बाद संयुक्त मोर्चा की दूसरी सरकार के प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल (Indra Kumar Gujaral) बनाए गए थे। वह पीएम बनने से पहले राज्यसभा से सांसद थे और देवगौड़ा की ही सरकार में मंत्री भी थे। गुजराल ने जब पीएम की कुर्सी संभाली थी तब वह राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

डॉ मनमोहन सिंह के नाम है सबसे बड़ा रिकॉर्ड

गुजराल के बाद राज्यसभा से प्रधानमंत्री बनने वाले चौथे नेता पूर्व पीएम डॉक्टर मनमोहन सिंह थे। वे दस साल तक राज्यसभा सांसद रहे थे। राज्यसभा सदस्य रहते हुए पीएम बनने का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम था। उन्होंने 2004 में यूपीए सरकार की कमान संभाली थी और वे 2014 तक पीएम रहे थे। दिलचस्प बात यह रही कि 15 वीं लोकसभा यानी 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा था, लेकिन वो खुद चुनाव नहीं लड़े थे।

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