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EVM-VVPAT Controversy: ईवीएम-वीवीपैट मिलान की सारी याचिकाएं खारिज, विपक्षी दलों को सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

Lok Sabha Chunav 2024: सुप्रीम कोर्ट में चुनावी प्रक्रिया और वोटों की काउंटिंग को लेकर लंबे वक्त से सुनवाई जारी थी। आज कोर्ट ने सारे तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया है।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: April 26, 2024 12:59 IST
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EVM VVPAT पर आज फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट (सोर्स - PTI/File)

Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर आज दूसरे चरण की वोटिंग सुबह सात बजे से शुरु हो गई है। दूसरी ओर आज चुनाव आयोग (Election Commission of India) और देश की चुनावी प्रक्रिया के लिए भी आज का दिन अहम है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों की मांग वाली वीवीपैट मिलान वाली याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में ईवीएम और वीवीपैट (EVM VVPAT Controversy) के शत प्रतिशत मिलान को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने मामले की सुनवाई पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से भी अहम सवाल किए थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में चुनाव के दौरान ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों के शत प्रतिशत मिलान को लेकर याचिका दायर की गई थी।

कोर्ट ने 18 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था लेकिन चुनाव आयोग से उसने बीते बुधवार को कुछ सवाल पूछे थे, जिसके बाद अब आज कोर्ट इस याचिका पर अपना अहम फैसला सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को भेजा था नोटिस

गौरतलब है कि वर्तमान में वीवीपैट वेरिफिकेशन के तहत लोकसभा क्षेत्र की प्रत्येक विधानसभा के सिर्फ पांच मतदान केंद्रों के ईवीएम वोटों का वीवीपैट से मिलान किया जाता है। इसके चलते इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में सिर्फ पांच रैंडम रूप से चयनित ईवीएम को वेरिफिकेशन करने के बाद सभी की गिनती की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस भेज दिया था।

बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम किसी अन्य संवैधानिक अथॉरिटी के कामकाज को कंट्रोल नहीं कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने हमारे संदेह दूर किए हैं, हम विचार प्रक्रिया को नहीं बदल सकते हैं। हम संदेह के आदार पर कोई आदेश नहीं जारी कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की कार्यप्रणाली को लेकर चुनाव आयोग से कुछ सवाल भी पूछे थे जो कि निम्न प्रकार हैं।

  • कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट में क्या कोई माइक्रो कंट्रोलर स्थापित हैं?
  • माइक्रो कंट्रोलर क्या एक ही बार प्रोग्राम करने के योग्य हैं?
  • EVM में सिंबल लेडिंग यूनिट्स कितने उपलब्ध हैं?
  • चुनाव याचिकाओं की सीमा 30 दिन है और इसलिए ईवीएम में डाटा 45 दिनों के स्टोर किया जाता है लेकिन एक्ट में इसे सुरक्षित रखने की सीमा 45 दिन हैं, क्या स्टोरेज का टाइम बढ़ाना पड़ सकता है?
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