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'14 दिन से मुझे अपमानित किया जा रहा है, मेरी पार्टी खत्म की गई...', मंच पर ही रोने लगे पप्पू यादव

नामांकन के बाद जनता को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने पूछा, 'आरजेडी को आखिर मुझसे इतनी नफरत क्यो है?'
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: April 05, 2024 16:47 IST
 14 दिन से मुझे अपमानित किया जा रहा है  मेरी पार्टी खत्म की गई      मंच पर ही रोने लगे पप्पू यादव
गुरुवार 4 अप्रैल 2024 को बिहार के पूर्णिया में अपना नामांकन करने से पहले बाइक से रोड शो करते पप्पू यादव। (फोटो- पीटीआई)
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लोकसभा चुनाव 2024 में अधिकतर दल अलग-अलग गठबंधनों से जुड़े हैं। इस दौरान कई दलों को अपने उम्मीदवारों को बदलने पड़े हैं। सबसे चर्चित मामला बिहार का पप्पू यादव का मामला है। पप्पू यादव को टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ही मैदान में उतर गए और गुरुवार को पूर्णिया से अपना नामांकन भी कर दिया। पप्पू यादव चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं। यह सीट गठबंधन में आरजेडी के पास चली गई है। हालांकि पप्पू यादव यहां से पहले भी चुनाव लड़े है और जीते भी हैं। अब कांग्रेस पार्टी उनसे नाम वापस लेने की मांग कर रही है। कांग्रेस की इस मांग और आरजेडी के दबाव के बीच उनका एक वीडियो जारी हुआ है। इस वीडियो में भावुक हुए पप्पू यादव लोगों के सामने भाषण देते हुए रोने लगते हैं।

जनता से कही अपने मन की बात

पप्पू यादव गुरुवार को पूर्णिया में अपने नामांकन के बाद कार्यकर्ताओं और आम लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने मन की बात जनता के सामने कहते-कहते रोने लगे। उन्होंने आरजेडी नेता लालू यादव के बारे में कहा, "पिछले 14 दिन से मुझे अपमानित किया जा रहा है। मेरी पार्टी खत्म की गई, इतनी नफरत क्यों है मुझसे, कौन सी दुश्मनी थी मुझसे? क्या किया था मैंने? मैंने कहा था लालू को हम आपके बेटे को सीएम बनाएंगे, साथ में लड़ेंगे।" इतना सब बोलने के बाद पप्पू यादव रोने लगे। उनकी आंखों से आंसू निकलते देख जनता भी भावुक हो गई।

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2024 Lok Sabha Election Bihar | Pappu Yadav Congress
कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद पप्पू यादव (PC- X)

इस बीच पप्पू यादव ने कहा है कि उनके कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं से अच्छे संबंध हैं। सभी का सम्मान करते हैं, लेकिन वे अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे। उन्होंने साफ कर दिया है कि पूर्णिया की जनता का आदेश है कि वे यहां से चुनाव मैदान में उतरें। वे जनता के आदेशों का पालन कर रहे हैं।

उधर, निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, बिहार में सबसे अधिक 21 उम्मीदवारों ने भागलपुर के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। उसके बाद कटिहार में 20, बांका में 19, किशनगंज में 15 और पूर्णिया में 11 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया है। किशनगंज में मौजूदा कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं जबकि जदयू ने 2019 के उपविजेता मुजाहिद आलम को टिकट दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि भागलपुर से जदयू सांसद अजय मंडल के फिर से मैदान में उतरने से कांग्रेस के अजीत शर्मा से चुनौती मिल सकती है, जिन्होंने आखिरी दिन अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।

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