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बदले हालात में मंडी से कंगना पर दांव खेल सकती है भाजपा

भाजपा के लिए मंडी व कांगड़ा जिले की सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करना टेढ़ी खीर बन गया है।
Written by: बीरबल शर्मा | Edited By: Bishwa Nath Jha
Updated: March 20, 2024 12:53 IST
बदले हालात में मंडी से कंगना पर दांव खेल सकती है भाजपा
कंगना रनौत। फोटो -(इंडियन एक्सप्रेस)।
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राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग के बाद छह कांग्रेस विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब लोकसभा चुनाव के लिए भी उम्मीदवारों को लेकर भाजपा कांग्रेस में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस प्रदेश की चारों सीटों जबकि भाजपा के लिए मंडी व कांगड़ा जिले की सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करना टेढ़ी खीर बन गया है। दोनों ही दलों के लिए विधायकों पर दांव लगाना जोखिम बन गया है क्योंकि कांग्रेस के पास 34 ही विधायक अब शेष हैं, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष भी शामिल हैं।

भाजपा के पास अपने 25 विधायक हैं जबकि तीन निर्दलीय और छह बागी जिनकी सीटें पर खाली घोषित हो चुकी हैं व चुनाव आयोग भी इनके क्षेत्रों में उपचुनाव करवाने की घोषणा कर चुका है, को मिलाकर भी 34 ही बनते हैं। ऐसे में कोई भी दल विधायक को चुनाव में नहीं उतारना चाहता व नए उम्मीदवार तलाशे जा रहे हैं। मंडी से पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा था।

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जय राम ठाकुर सराज से विधायक हैं और अब नए समीकरणों के कारण पार्टी ने दूसरे उम्मीदवारों पर नजरें टिका दी थी। ऐसे में कोई बड़ा चेहरा सामने न होने के कारण फिर से सिने तारिका कंगना रनौत का नाम सामने आया है। पहले भी मंडी से उनके नाम की चर्चा चलती रही है, मगर बीच में यह बंद हो गई थी।

पार्टी किसी भी क्षण इस बारे में निर्णय ले सकती है। प्रदेश स्तर के नेतृत्व का यही कहना है कि पार्टी उम्मीदवार का निर्णय संसदीय बोर्ड करेगा और दिल्ली से ही होगा। सोमवार को कंगना रनौत का नाम फिर से अचानक चर्चा में आ गया। कंगना रनौत कुछ सालों से अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में खुल कर बोल रही हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र की ही रहने वाली हैं।

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उनका पैतृक गांव मंडी जिले के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के भांबला में है जबकि उन्होंने कुल्लू जिले के मनाली में भी अपना घर बना रखा है। ऐसे में उनके नाम की चर्चा को काफी बल मिल रहा है। यदि भाजपा ने उनको मंडी से उतार दिया तो यह उसके लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकता है। बहरहाल उसके नाम को लेकर पार्टी का कोई पदाधिकारी बोल नहीं रहा क्योंकि यह निर्णय दिल्ली से ही लिया जाना है। निचले स्तर पर इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

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