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तीसरे चरण में यादव परिवार के तीन सदस्यों की 'अग्नि परीक्षा', एक का पहला लोकसभा चुनाव, दो को पिछली बार मिली थी हार

Lok Sabha Chunav: यूपी में तीसरे चरण में अखिलेश यादव के परिवार से जुड़े तीन सदस्यों की किस्मत EVM में बंद हो जाएगी।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
Updated: April 26, 2024 16:12 IST
तीसरे चरण में यादव परिवार के तीन सदस्यों की  अग्नि परीक्षा   एक का पहला लोकसभा चुनाव  दो को पिछली बार मिली थी हार
सपा ने मैनपुरी, बदांयू और फिरोजाबाद लोकसभा सीटें जीतने के लिए पूरा दम लगाया हुआ है। (Image - Twitter / samajwadiparty)
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Firozabad Mainpuri Badaun Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे चरण का मतदान 7 मई को होगा। इस चरण में यूपी की दस लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इन सीटों में संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदांयू, आंवला और बरेली शामिल है। वैसे तो बीजेपी, सपा-कांग्रेस व बसपा ने इन सभी सीटों पर एड़ी चोटी का जोर लगाया हुआ है लेकिन तीसरे चरण में यूपी की तीन लोकसभा सीटें बेहद खास हैं।

जी हां, हम बात कर रहे हैं बदांयू लोकसभा, फिरोजाबाद लोकसभा और मैनपुरी लोकसभा सीट की। इन तीनों सीटों पर सपा ने मुलायम सिंह यादव के कुनबे के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। बदांयू लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी को पिछले दो चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। इस बार यहां से सपा ने शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव को प्रत्याशी बनाया है। यह आदित्य यादव का पहला लोकसभा चुनाव है।

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बात अगर फिरोजाबाद लोकसभा सीट की करें तो यहां भी सपा को पिछली बार हार का सामना करना पड़ा था। इस सीट पर सपा ने लगातार तीसरी बार अक्षय यादव को चुनाव मैदान में उतारा है। अक्षय यादव इस सीट पर साल 2014 में चुनाव जीतने में सफल सफल रहे थे लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें बीजेपी ने डॉ. चंद्रसेन जादौन में मात दी थी।

मैनपुरी लोकसभा सीट एकमात्र ऐसी लोकसभा सीट है, जहां सपा ने पिछली बार बीजेपी प्रत्याशी को मात दी थी। मैनपुरी को समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। यहां पिछले चुनाव में पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव डिंपल ने जीत दर्ज की। वह यहां की मौजूदा सांसद हैं और इस बार भी सपा ने डिंपल को मैनपुरी से प्रत्याशी बनाया है। डिंपल यादव साल 2019 में कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ीं थीं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

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एक नजर तीनों लोकसभा सीटों पर

बदांयू लोकसभा सीट - यहां साल 1996 से साल 2014 तक समाजवादी पार्टी के ही प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। साल 2019 में यहां लंबे अंतराल के बाद कमल खिला। बदांयू में बीजेपी की संघमित्रा मौर्य ने सपा के धर्मेंद्र यादव को मात दी। धर्मेंद्र यादव साल 2009 और साल 2014 में यहां से सांसद चुने गए। इस बार सपा ने धर्मेंद्र को आजमगढ़ लोकसबा सीट से प्रत्याशी बनाया है जबकि शिवपाल सिंह के बेटे आदित्य यादव यहां से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

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बदांयू में आदित्य यादव का मुकाबला बीजेपी के दुर्विजय सिंह शाक्य औऱ बसपा के मुस्लिम खां से है। बात अगर बदायूं के जातीय आंकड़े की करें तो यहां पर सबसे ज्यादा संख्या यादव और मुस्लिम मतदाताओं की है। बदांयू में 4.2 लाख यादव, और 3.8 लाख मुस्लिम वोट बताए जाते हैं। इसके अलावा इस सीट पर मौर्य वोटर्स की संख्या 2 लाख, दलित वोटर्स की संख्या 2.5 लाख, राजूपत मतदाता करीब 1.30 लाख, वैश्य वोटर 1.40 लाख, ब्राह्मण 1.60 लाख, लोधी राजपूत 75 हजार, कश्यप 55 हजार, साहू और पाल मतदाताओं की संख्या पचास-पचास हजार बताई जाती है। यहां अगर मुस्लिम और यादव वोटर्स सपा पर जाता है तो बीजेपी के लिए यहां लगातार दूसरी जीत दर्ज करना मुश्किल हो जाएगा।

पार्टीलोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी
सपाआदित्य यादव
भाजपादुर्विजय सिंह शाक्य
बसपामुस्लिम खां

फिरोजाबाद लोकसभा सीट- यादव और मुस्लिम वोटर्स की अच्छी संख्या की वजह से इस सीट को भी सपा का गढ़ माना जाता है, हालांकि पिछले चुनाव में यहां साइकिल पंक्चर हो गई थी और कमल खिला था। इसकी एक वजह शिवपाल सिंह यादव का यहां से चुनाव लड़ना भी थी। फिरोजाबाद लोकसभा सीट से बीजेपी ने इस बार ठाकुर विश्वदीप सिंह को प्रत्याशी बनाया है जबकि बसपा के टिकट पर चौधरी बशीर चुनाव लड़ रहे हैं।

बात अगर फिरोजाबाद के जातीय आंकड़ों की करें, इस लोकसभा सीट पर कुल 18.86 लाख वोटर हैं। इनमें से सबसे ज्यादा संख्या यादव मतदाताओं की है। एक अनुमान के मुताबिक, फिरोजाबाद में करीब चार लाख यादव और ढाई लाख मुस्लिम वोटर हैं। इसके अलावा यहां लोधी और निषाद वोटर्स की संख्या ढाई से तीन लाख के आसपास है। फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर डेढ़ लाख से अधिक राजपूत वोटर, करीब एक लाख वैश्य, इतने ही ब्राह्मण वोट हैं।यहां बेघल वोटर्स की संख्या भी काफी अच्छी बताई जाती है।

पार्टीलोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी
सपाअक्षय यादव
भाजपाठाकुर विश्वदीप सिंह
बसपाचौधरी बशीर

मैनपुरी लोकसभा सीट- मैनपुरी लोकसभा सीट पर आजतक बीजेपी जीत नहीं दर्ज कर पाई है। इसे सपा का ऐसा किला कहा जाता है, जहां जीतना विपक्षियों के लिए आसान नहीं। मैनपुरी लोकसभा सीट पर डिंपल यादव का मुकाबला बीजेपी के ठाकुर जयवीर सिंह से है। जयवीर सिंह योगी सरकार मे ंपर्यटन मंत्री हैं और मैनपुरी से विधायक हैं। इसके अलावा इस सीट पर बसपा ने शिव प्रसाद यादव को चुनाव मैदान में उतारा है। मैनपुरी लोकसभा सीट पर यादव मतदाताओं की संख्या 4.25 लाख के करीब बताई जाती है। यादवों के बाद यहां शाक्य वोटर भी अहम हैं। मैनपुरी में शाक्य वोटरों की संख्या करीब 3.25 लाख है। इसके अलावा मैनपुरी में 1.10 लाख ब्राह्मण, 1.20 लाख दलित और करीब एक लाख लोधी वोटर्स हैं।

पार्टीलोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी
सपाडिंपल यादव
भाजपाठाकुर जयवीर सिंह
बसपाशिव प्रसाद यादव
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