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'वोट देना या मत देना कम से कम मेरे अंतिम संस्कार में ज़रूर आना',अपने गृह ज़िले में बोले मल्लिकार्जुन खड़गे

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,'आप भले ही कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहते हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि मैंने आपके लिए काम किया है तो आप कम से कम मेरे अंतिम संस्कार में ज़रूर शामिल होना।'
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | Updated: April 24, 2024 22:46 IST
 वोट देना या मत देना कम से कम मेरे अंतिम संस्कार में ज़रूर आना  अपने गृह ज़िले में बोले मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे। (सोर्स - PTI/File)
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को अपने गृह जिले कलबुर्गी में एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उनकी तरफ से की गई एक इमोशनल अपील काफी चर्चा का विषय बन रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,'आप भले ही कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहते हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि मैंने आपके लिए काम किया है तो आप कम से कम मेरे अंतिम संस्कार में ज़रूर शामिल होना।' जिले के अफजलपुर में एक चुनावी रैली में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर यहां लोगों ने कांग्रेस उम्मीदवार को वोट नहीं दिया, तो उन्हें लगेगा कि कलबुर्गी में अब उनके लिए कोई जगह नहीं है।

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क्या बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आपने इस बार कांग्रेस को वोट नहीं दिया तो मैं सोचूंगा कि मेरे लिए यहां कोई जगह नहीं है और मैं आपका दिल नहीं जीत सका। खड़गे ने यहां 2009 और 2014 में जीत दर्ज की थी लेकिन वह 2019 में हार गए थे।

'आखिरी सांस तक राजनीति में बना रहूंगा'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को हराने के लिए अपनी आखिरी सांस तक राजनीति में बने रहेंगे। खड़गे ने कहा, "मैं राजनीति के लिए ही पैदा हुआ हूं। चाहे मैं चुनाव लड़ूं या नहीं, मैं इस देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी आखिरी सांस तक प्रयास करूंगा। मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगा।" आगे उन्होंने कहा कि पद से रिटायरमेंट होता है लेकिन किसी को अपने सिद्धांतों से रिटायर नहीं होना चाहिए। खड़गे ने कहा, "मैं भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को हराने के लिए पैदा हुआ हूं, न कि उनके सामने आत्मसमर्पण करने के लिए।"

उन्होंने अपने साथ मंच साझा करने वाले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भी उनके सिद्धांतों का पालन करने की सलाह दी और कहा,"मैं सिद्धारमैया से बार-बार कहता हूं कि आप सीएम या विधायक के रूप में सेवानिवृत्त हो सकते हैं, लेकिन आप तब तक राजनीति से संन्यास नहीं ले सकते जब तक आप भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को नहीं हरा देते।"

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