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Lok Sabha Election: अररिया में जनता BJP को देगी फिर मौका या RJD पर करेगी भरोसा, 1984 के बाद से नहीं बना कांग्रेसी सांसद

Araria Lok Sabha Election 2024 Date, Candidates Name, Caste Wise Population: अररिया एक ऐसा लोकसभा क्षेत्र हैं, जहां मुस्लिम वोटरों की संख्या भी काफी ज्यादा है। यहां 56.6 फीसदी हिंदू हैं तो करीब 42.9 फीसदी मुस्लिम भी हैं। यहां जातीय समीकरण बहुत ज्यादा काम नहीं करता है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: March 18, 2024 14:39 IST
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अररिया बिहार का ऐसा जिला है जहां हिंदू और मुस्लिमों की आबादी में बहुत कम अंतर है। (फाइल फोटो)
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Araria Lok Sabha Election 2024 Date, Candidate Name: बिहार के अररिया लोकसभा क्षेत्र का गठन 1967 में हुआ था, हालांकि यह जिला 1990 में बना था। इसमें छह विधानसभा क्षेत्र हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से बीजेपी के प्रदीप कुमार सिंह (618434) ने आरजेडी के सरफराज आलम (481193) को करीब सवा लाख वोटों से पराजित किया था। पूरा चुनाव इन्हीं दोनों दलों के बीच हुआ था। बाकी प्रत्याशियों में कोई भी अपनी जमानत भी नहीं बचा सका था। खास बात यह है कि बीजेपी, आरजेडी के बाद तीसरे स्थान पर नोटा था, जिसे 20618 वोट मिले थे। चौथे स्थान पर बीएसपी के राम नारायण भारती (10294) थे।

अररिया एक ऐसा लोकसभा क्षेत्र हैं, जहां मुस्लिम वोटरों की संख्या भी काफी ज्यादा है। यहां 56.6 फीसदी हिंदू हैं तो करीब 42.9 फीसदी मुस्लिम भी हैं। यहां जातीय समीकरण बहुत ज्यादा काम नहीं करता है।

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शुरू के दो चुनावों में कांग्रेस जीती थी यह सीट

अररिया सीट की जनता ने पहले (1967) और दूसरे (1971) लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को सांसद बनाकर लोकसभा भेजा था। अगले चुनाव 1977 में भारतीय लोकदल के महेंद्र नारायण सरदार ने जीत हासिल की थी। लेकिन 1980 और 1984 के चुनाव में फिर कांग्रेस प्रत्याशी जीत हासिल करने में सफल रहे। उसके बाद तीन चुनावों (1989, 1991 और 1996) में लगातार जनता दल के सुकदेव पासवान को जनता का आशीर्वाद मिलता रहा।

1998 में बीजेपी के रामजी दास ऋषिदेव ने उनका सिलसिला तोड़ा, हालांकि अगले चुनाव में 1999 में सुकदेव पासवान फिर जीत हासिल की। इस बार वे आरजेडी के टिकट पर लोकसभा पहुंचे थे। 2004 में वे बीजेपी में शामिल हो गए और पार्टी के टिकट पर जीत हासिल कर पांचवीं बार सांसद बनने का सौभाग्य प्राप्त किए। 2009 के चुनाव में बीजेपी को फिर यहां से सफलता मिली। इस बार पार्टी ने प्रदीप कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया था। 2014 और 2018 (उपचुनाव) में आरजेडी के क्रमश: मोहम्मद तस्लीमुद्दीन और सरफराज आलम सांसद बने। 2019 में बीजेपी ने प्रदीप कुमार सिंह को फिर मौका दिया और वे जीत हासिल करने में सफल रहे।

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