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राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद का फैसला: संस्थान फिर से शुरू कर सकेंगे एमएड पाठ्यक्रम

देश में अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों में 19 लाख से अधिक सीटें हैं। वहीं, एमएड में 60,730 और एमपीएड में 7,375 सीटें हैं।
Written by: सुशील राघव | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: January 13, 2024 13:57 IST
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद का फैसला  संस्थान फिर से शुरू कर सकेंगे एमएड पाठ्यक्रम
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राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) दोबारा शिक्षा में स्रातकोत्तर (एमएड) और शारीरिक शिक्षा में स्रातकोत्तर (एमपीएड) पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों के लंबित आवेदनों को मंजूरी देगा। हाल ही में आयोजित हुई एनसीटीई की 59वीं आम सभा की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

एनसीटीई की वेबसाइट पर जारी 59वीं आम सभा की बैठक के कार्यवृत के मुताबिक 14 जुलाई, 2022 को एनसीटीई के तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश सकलानी की अध्यक्षता में हुई 55वीं आम सभा की बैठक में तय किया गया था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जो भी पाठ्यक्रम नहीं हैं, उनकी मंजूरी रोक दी जाए।

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इस निर्णय के बाद परिषद के सामने मौजूद एमएड और एमपीएड पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए आए संस्थानों के आवेदनों को तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया। वहीं, एमएड और एमपीएड पाठ्यक्रमों को शुरू करने के आवेदनों की प्रक्रिया को यदि किसी अदालत के आदेश पर आगे बढ़ाया गया है तो ऐसे मामले में क्षेत्रीय समिति अदालत में एनसीटीई के नए आदेश के अनुरूप अपील करेगी।

एनसीटीई के एक अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुताबिक स्रातक स्तर पर चार वर्षीय आइटीईपी शुरू कर दिया गया है।
जहां तक स्रातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम का सवाल है तो इस पाठ्यक्रम का कार्य शुरुआती दौर में है और इसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। इस दौरान एनसीटीई के पास विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से एमएड और एमपीएड पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए लगातार आवेदन आ रहे थे।

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अधिकारी ने बताया कि देश में अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों में 19 लाख से अधिक सीटें हैं। वहीं, एमएड में 60,730 और एमपीएड में 7,375 सीटें हैं। अध्यापक शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की जरूरत के लिए एमएड और एमपीएड पात्रता वाले लोगों की आवश्यकता है। इन सभी तथ्यों को देखते हुए एनसीटीई ने दोबारा एमएड और एमपीएड पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों के लंबित आवेदनों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है।

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