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समुद्री अर्थव्यवस्था: महासागर की गहराइयां दिलाएंगी रोजगार के क्षेत्र में ऊंची उड़ान

समुद्री अर्थव्यवस्था से संबद्ध क्षेत्रों में नौकरी व स्वरोजगार दोनों के लिए प्रचुर अवसर उपलब्ध हैं। नौकरी के दौरान आरंभिक स्तर पर जहां 20-25 हजार रुपए के वेतन से शुरुआत की जा सकती है वहीं अनुभव बढ़ने के साथ आय लाखों में पहुंच जाती है।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: December 28, 2023 12:02 IST
समुद्री अर्थव्यवस्था  महासागर की गहराइयां दिलाएंगी रोजगार के क्षेत्र में ऊंची उड़ान
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। फोटो- (इंडियन एक्‍सप्रेस)।
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वर्ष 2019 में मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण में एक महत्त्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना का जिक्र किया था। यह योजना थी ब्लू इकोनामी (समुद्री अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देने और उसके माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करने की। हालांकि इस बात की जितनी चर्चा होनी चाहिए थी उतनी हुई नहीं। आइए जानते हैं कि ब्लू इकोनामी (समुद्री अर्थव्यवस्था) क्या है और रोजगार के अवसर पैदा करने की इसमें कितनी संभावनाएं हैं?

समुद्री अर्थव्यवस्था का तात्पर्य समुद्री संसाधनों का टिकाऊ तरीके से उपयोग करना है। इसके तहत समुद्री संसाधनों का उपयोग समुद्री और तटीय क्षेत्रों के पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए बगैर आर्थिक विकास, परिवहन सेवाओं, अन्वेषण, आजीविका के माध्यम सृजित करने के आदि के काम को गति प्रदान करने के लिए किया जाता है।

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समुद्री अर्थव्यस्था के तहत रोजगार के क्षेत्र

अक्सर समुद्री अर्थव्यवस्था के तहत मत्स्य पालन, जलीय कृषि, मरीन जैव प्रौद्योगिकी, मर्चेंट नेवी आदि को ही रोजगार के अवसरों से युक्त माना जाता है लेकिन अलवणीकरण के माध्यम से ताजे जल की प्राप्ति, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, मेरीटाइम परिवहन, मर्चेंट नेवी, बंदरगाह सेवाएं, मेरीटाइम पर्यटन, कार्बन पृथक्करण (ब्लू कार्बन) आदि भी तेजी से बढ़ते और विकसित होते क्षेत्र हैं। इनमें रोजगार प्रदान करने की अथाह संभावनाएं हैं। ये क्षेत्र केवल रोजगार प्राप्त करने और आय के साधन सृजित करने भर के माध्यम नहीं हैं बल्कि इनमें एक बड़ी आबादी के लिए भोजन और ऊर्जा के स्त्रोत उपलब्ध कराने के अवसरों की भरमार है।

पाठ्यक्रम

चूंकि समुद्री अर्थव्यवस्था के तहत विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं इसलिए अलग अलग क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए अपने पसंद के हिसाब से अलग-अलग पाठ्यक्रमों का चयन करना पड़ता है। मरीन इंजीनियरिंग, नाटिकल साइंस, मरीन बायो टेक्नोलाजी, फिसरीज, टूरिज्म, पोर्ट मैनेजमेंट जैसे पाठयक्रमों की पढ़ाई करनी पड़ती है। अधिकांश पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विज्ञान विषय के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

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आय

समुद्री अर्थव्यवस्था से संबद्ध क्षेत्रों में नौकरी व स्वरोजगार दोनों के लिए प्रचुर अवसर उपलब्ध हैं। नौकरी के दौरान आरंभिक स्तर पर जहां 20-25 हजार रुपए के वेतन से शुरुआत की जा सकती है वहीं अनुभव बढ़ने के साथ आय लाखों में पहुंच जाती है। उधर, कम से कम निवेश से शुरू स्वरोजगार के द्वारा भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।

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प्रमुख संस्थान

  • सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर, गुजरात।
  • आंध्रा विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम, आंध्रप्रदेश।
  • गोवा विश्वविद्यालय, गोवा।
  • एनआइटीटीई, मैंगलोर, कर्नाटक।
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय, कुड्डालोर, तमिलनाडु।
  • टीएमसी शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड, पंचकुला, हरियाणा।
  • एवीवी मेमोरियल श्री पुष्पम कालेज, तंजावुर, तमिलनाडु।
  • अविनाश चंद्रा (लोक नीति के मामलों के जानकार)
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