scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

किसान के बेटे ने जेईई मेन 2024 में किया टॉप, 10वीं के बाद से शुरू कर दी थी तैयारी; 15 घंटे करता था पढ़ाई

जेईई मेन 2024 में टॉप करने वाले नीलकृष्ण गाजरे महाराष्ट्र के अकोला जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने ऑल इंडिया पहली रैंक हासिल की है।
Written by: एजुकेशन डेस्क | Edited By: kapiltiwari
Updated: April 25, 2024 17:36 IST
किसान के बेटे ने जेईई मेन 2024 में किया टॉप  10वीं के बाद से शुरू कर दी थी तैयारी  15 घंटे करता था पढ़ाई
जेईई मेन 2024 में महाराष्ट्र के नीलकृष्ण गाजरे ने ऑल इंडिया पहली रैंक हासिल की है।
Advertisement

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानि कि एनटीए ने गुरुवार को जेईई मेन सीजन 2 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। यह रिजल्ट बुधवार शाम को घोषित किया गया था। सत्र 2 की परीक्षा में 56 उम्मीदवारों को 100 प्रतिशत मार्क्स मिले। 100 प्रतिशत मार्क्स हासिल करने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स तेलांगाना के थे। जेईई की अप्रैल सत्र की परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी अपना रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.ac.in पर देख सकते हैं।

कोटा से कोचिंग लेकर जेईई टॉपर बने नीलकृष्ण

जेईई मेन 2024 सत्र 2 की परीक्षा में महाराष्ट्र के नीलकृष्ण गाजरे ने टॉप किया है। नीलकृष्ण अकोला जिले के बेलखेड़ गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने ऑल इंडिया पहली रैंकिंग हासिल की है। नीलकृष्ण के बारे में बात करें तो उन्होंने 10वीं के बाद से ही जेईई की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके अलावा उन्होंने 15-15 घंटे पढ़ाई करके इस उपलब्धि को हासिल किया है। गाजरे ने जेईई की कोचिंग भी कोटा से ली थी। ये जानकारी उन्होंने न्यूज 18 के साथ बातचीत में बताई है।

Advertisement

किसान के बेटे हैं नीलकृष्ण

नीलकृष्ण गाजरे के पिता पेशे से किसान हैं और कड़े संघर्ष के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। जेईई की तैयारी के दौरान वह सबकुछ भूलकर सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई करते थे। उन्होंने देश के कोचिंग हब कोटा से जेईई की तैयारी की थी। नीलकृष्ण ने जेईई मेन के रिजल्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मैंने 10वीं के बाद से ही तैयारी शुरू कर दी थी। तैयारी के दौरान मैं 10-15 घंटे पढ़ाई करता था।

जनवरी सेशन में आए थे 100 प्रतिशत मार्क्स

गाजरे ने आगे बताया कि मैंने जेईई मेन 2024 के जनवरी सत्र की भी परीक्षा दी थी जिसमें मुझे 100 प्रतिशत मार्क्स मिले थे। उसके बाद मैंने और अधिक तैयारी की और दूसरे सत्र के लिए Unacademy के SRG (स्पेशल रैंकर्स ग्रुप) से कोचिंग ली। बता दें कि 5वीं की पढ़ाई के लिए नीलकृष्ण आगे की पढ़ाई के लिए कंजालाटांडा चले गए, जिसके बाद वह आईआईटी में पढ़ने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कोटा चले गए।

आईआईटी बॉम्बे में सीट चाहते हैं नीलकृष्ण

अपनी सफलता के राज को खोलते हुए उन्होंने बताया है कि वह हमेशा प्रश्न पूछा लिया करते थे। उन्होंने आगे कहा है कि सफलता का राज यही है कि आपको हमेशा तब तक प्रश्न पूछना चाहिए जब तक आप विषय को अच्छी तरह से समझ न लें। उनका कहना है कि वह आईआईटी बॉम्बे में अपनी सीट सुरक्षित रखना चाहते हैं। नीलकृष्ण ने ओबीसी-एनसीएल कैटेगिरी से टॉप किया है।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो