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JNU में संविदा कर्मचारियों ने नियुक्तियों में धांधली के लगाए आरोप, कुलपति शांतिश्री को लिखी चिट्ठी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों ने विभिन्न पदों पर हुई नियुक्तियों में गंभीर धांधली के आरोप लगाए हैं।
Written by: सुशील राघव
नई दिल्ली | Updated: February 06, 2024 17:47 IST
jnu में संविदा कर्मचारियों ने नियुक्तियों में धांधली के लगाए आरोप  कुलपति शांतिश्री को लिखी चिट्ठी
संविदा कर्मचारियों ने नियुक्तियों में धांधली के लगाए आरोप। (इमेज-x.com)
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों ने विभिन्न पदों पर हुई नियुक्तियों में गंभीर धांधली के आरोप लगाए हैं। अपने आरोपों को लेकर इन कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित को एक पत्र भी लिखा है। कुलपति कार्यकाल को यह पत्र 12 दिसंबर, 2023 को लिखा है। इस पत्र को कुलपति कार्यालय ने 14 दिसंबर, 2023 को प्राप्त किया, जिसका डायरी नंबर 1969 है।

इस पत्र के मुताबिक जेएनयू में गैर शैक्षिक पदों के लिए हाल ही में हुई नियुक्तियों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) ने परीक्षाएं आयोजित की थीं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि एनटीए के हरियाणा, पंजाब और राजस्थान स्थित कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाओं के दौरान अनुचित साधनों का उपयोग किया गया। इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसके परिणामस्वरूप कई योग्य उम्मीदवार पीछे छूट गए जबकि अयोग्य उम्मीदवारों को महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति मिल गई है।

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चिट्ठी में लगाए गंभीर आरोप

पत्र में संविदा कर्मचारियों ने जेएनयू कुलपति पंडित को लिखा कि स्थिति की गंभीरता को इस बात से समझा जा सकता है कि नए नियुक्त कर्मचारियों को वही काम नहीं आ रहा है जिसके लिए वे नियुक्त किए गए हैं, जैसे टाइपिंग आदि। इसी तरह ‘मेस’ के कई सहायक और अभियांत्रिकी विभाग में नियुक्त कर्मियों को अपने क्षेत्र का कार्य ही नहीं आता।

पत्र में कर्मचारियों ने लिखा कि इससे केवल भर्ती प्रक्रिया की ही सत्यनिष्ठा पर सवाल नहीं उठते हैं बल्कि इससे हमारे संस्थान की दक्षता और प्रभावशीलता भी कम होती है। कर्मचारियों ने इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि अब समय आ गया है कि प्राधिकरण द्वारा तत्काल मजबूत कदम उठाए जाएं अन्यथा यह भर्ती अभियान आपके कार्यकाल में एक काले धब्बे के रूप में चिह्नित किया जाएगा।

संविदा कर्मचारियों के इस महत्त्वपूर्ण पत्र पर कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित की प्रतिक्रिया के लिए ‘जनसत्ता’ ने उन्हें ई-मेल किया। इसके जवाब में कुलपति के दफ्तर से फोन कर हमें केवल इतना बताया गया कि यह पत्र कुलपति कार्यालय ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव रविकेश के दफ्तर को भेज दिया गया था। कुलपति कार्यालय ने यह नहीं बताया कि कर्मचारियों के पत्र में लगाए गए आरोपों पर उनकी ओर से क्या कार्रवाई की गई।

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विश्वविद्यालय के एक संविदा कर्मचारी ने बताया कि हम विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र संघ से भी इस मामले को उठाने की मांग करते हैं ताकि केवल योग्य कर्मी ही जेएनयू में आए पाएं। यदि जेएनयू प्रशासन उनके आरोपों को लेकर जांच और कार्रवाई नहीं करता है तो वह जल्द ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस संबंध में पत्र लिखेंगे।

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