scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

संपादकीय: उम्मीदों पर खरा उतरना, माझी के लिए लोगों को नवीन पटनायक के प्रभाव से बाहर निकालना होगी बड़ी चुनौती

लोगों में नवीन पटनायक के कामकाज को लेकर कोई खास नाराजगी नहीं थी, इसलिए भी माझी को कुछ अलग करके दिखाना होगा।
Written by: जनसत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली | Updated: June 13, 2024 06:04 IST
संपादकीय  उम्मीदों पर खरा उतरना  माझी के लिए लोगों को नवीन पटनायक के प्रभाव से बाहर निकालना होगी बड़ी चुनौती
राज्य के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी। (Facebook/Mohan Charan Majhi)
Advertisement

ओड़ीशा में चौबीस वर्ष बाद किसी दूसरे दल की सरकार बनी है। पिछले पांच विधानसभा चुनावों से बीजू जनता दल ही लगातार सत्ता में बनी हुई थी। इस बार भाजपा बीजद से अलग होकर स्वतंत्र चुनाव लड़ी और सत्ता में पहुंच गई। यह निस्संदेह वहां के लोगों की बदलाव की आकांक्षा का ही प्रतिफल है। इस तरह भाजपा को भी पूरब में अपनी जगह बनाने का मौका मिला है। पहली बार ओड़ीशा में उसकी सरकार बनी है।

Advertisement

नए सीएम माझी को बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी

नए मुख्यमंत्री के रूप में आदिवासी समाज के मोहन चरण माझी को राज्य की कमान सौंपी गई है। माझी ने शपथग्रहण से पहले ही आदिवासी समाज के कल्याण का संकल्प लिया था, उम्मीद है, वे इसे पूरा करेंगे। हालांकि उन्हें चौबीस वर्ष लंबे नवीन पटनायक के कार्यकाल के प्रभाव से लोगों को बाहर निकालना एक चुनौती होगी। लोगों में नवीन पटनायक के कामकाज को लेकर कोई खास नाराजगी नहीं थी, इसलिए भी माझी को कुछ अलग करके दिखाना होगा।

Advertisement

माझी के साथ एक अच्छी बात यह है कि केंद्र में भी उनकी पार्टी की सरकार है, इसलिए योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन में किसी अड़चन की गुंजाइश नहीं रहेगी। हालांकि नवीन पटनायक के भी केंद्र सरकार के साथ रिश्ते कभी कड़वे नहीं रहे। नवीन पटनायक ने ओड़ीशा को बीमारू प्रदेशों की श्रेणी से बाहर निकालने, वहां के लोगों की गरीबी दूर करने, शिक्षा और चिकित्सा आदि के क्षेत्र में बेहतरी के लिए जो विकास परिजनाएं चलाईं और प्रदेश का विकास किया, उसकी सभी सराहना करते हैं। मगर विकास परियोजनाओं के चलते नियमगिरी जैसे कुछ इलाकों के आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण को लेकर जो नाराजगी देखी जा रही थी, उन्हें जरूर माझी सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

इसके अलावा, एक चुनौती होगी वहां सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की। नवीन पटनायक सदा एनडीए के साथ रहे, मगर जब कंधमाल में ईसाई मिशनरियों पर हमले हुए तो वे उससे अलग हो गए थे। ओड़िया समाज पर इसका बहुत असर पड़ा था। माझी सरकार उसे कितना सुरक्षित रख पाती है, यह देखने की बात है। अब भी ओड़ीशा की छवि अत्यंत गरीब और पिछड़े प्रदेश की है, उस छवि को माझी कितना बदल पाएंगे, उनकी कामयाबी इसी से आंकी जाएगी।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो