scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Jansatta Editorial: परीक्षाओं में गड़बड़ी पर नकेल कसने के लिए संसद में लाया गया विधेयक, अब होगी सख्त कार्रवाई

अब केंद्र सरकार ने परीक्षाओं में हर तरह की गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए जो विधेयक संसद में पेश किया है, उसके कानून बनने के बाद नकल या अवांछित गतिविधियों पर काबू पाने की उम्मीद बंधी है।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: February 07, 2024 11:05 IST
jansatta editorial  परीक्षाओं में गड़बड़ी पर नकेल कसने के लिए संसद में लाया गया विधेयक  अब होगी सख्त कार्रवाई
प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो -(इंडियन एक्सप्रेस)।
Advertisement

परीक्षाओं में नकल, समय से पहले प्रश्न-पत्रों का बाहर आ जाना और अन्य प्रकार की अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कई तरह की कवायदें की जाती रही हैं। मगर आज भी इस समस्या पर काबू पाना एक मुश्किल काम बना हुआ है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से परीक्षाओं के आयोजन के दौरान बहुस्तरीय निगरानी और सख्ती की वजह से नकल और चोरी जैसी गतिविधियों में कमी देखी गई है, मगर प्रश्न-पत्रों के बाहर आने से लेकर अभ्यर्थी की जगह किसी अन्य को परीक्षा में बिठाने जैसी शिकायतें अब भी आती हैं।

सबसे बड़ी मुश्किल वहां खड़ी होती है, जहां संगठित रूप से किसी गिरोह की ओर से परीक्षाओं में नकल या अन्य गैरकानूनी तौर-तरीके आजमाए जाते हैं, जिसमें कई स्तर पर परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े कुछ लोग भी भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त होते हैं। यही वजह है कि बहुत ज्यादा सख्ती के बावजूद प्रश्न-पत्र लीक होने से लेकर नकल जैसे मामलों पर पूरी तरह रोक लगा पाना संभव नहीं हो सका है।

Advertisement

अब केंद्र सरकार ने परीक्षाओं में हर तरह की गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए जो विधेयक संसद में पेश किया है, उसके कानून बनने के बाद नकल या अवांछित गतिविधियों पर काबू पाने की उम्मीद बंधी है। लोकसभा में पेश लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक, 2024 के तहत मुख्य जोर परीक्षा के लिए तैयार किए गए प्रश्न-पत्रों तक पहुंच हासिल करने और उन्हें उम्मीदवारों तक पहुंचाने के लिए अनुचित तरीकों से शामिल संगठित गिरोहों पर नकेल कसने पर दिया जाएगा।

इसके दायरे में फिलहाल संघ लोकसेवा आयोग, बैंकिंग, नीट, जेईई, एसएसबी, आरआरबी और सीयूईटी आदि परीक्षाएं आएंगी। नए कानून के तहत दस वर्ष तक की कैद और एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। जाहिर है, इस स्तर की सख्ती किसी को भी परीक्षा से संबंधित गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने से रोकेगी।

Advertisement

मगर ध्यान रखने की जरूरत है कि प्रश्न-पत्र लीक कराने से लेकर अन्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले गिरोह दरअसल परीक्षा आयोजन से जुड़े तंत्र में घुसपैठ करके भ्रष्ट गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इसलिए सजा में सख्ती के साथ इस तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए एक ठोस तंत्र की जरूरत है।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो