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Jansatta Editorial: भारत-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ अमेरिका व कनाडा का कार्रवाई न करना चिंता की बात

अमेरिका के कैलिफोर्निया में शुक्रवार को फिर एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिख कर उसे विरूपित कर दिया गया। इस घटना से पखवाड़ा भर पहले वहीं के स्वामिनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: January 08, 2024 08:43 IST
jansatta editorial  भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ अमेरिका व कनाडा का कार्रवाई न करना चिंता की बात
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। फोटो- (इंडियन एक्‍सप्रेस)।
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कोई भी लोकतांत्रिक देश अपनी जमीन से किसी दूसरे देश के खिलाफ गतिविधियां चलाने, किसी समुदाय की आस्था को चोट पहुंचाने, पूजा स्थलों में तोड़फोड़ करने का समर्थन नहीं करता। मगर पिछले कुछ समय से जिस तरह अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठन खुलेआम भारत-विरोधी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, वहां रह रहे लोगों की हिंदू आस्था पर चोट पहुंचाने का प्रयास करते देखे जा रहे हैं, उससे इन देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों पर ही सवाल गहरे हुए हैं।

अमेरिका के कैलिफोर्निया में शुक्रवार को फिर एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिख कर उसे विरूपित कर दिया गया। इस घटना से पखवाड़ा भर पहले वहीं के स्वामिनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। उसी राज्य के एक मंदिर में चोरी की गई। इस तरह पिछले दो हफ्तों के भीतर तीन बड़ी घटनाएं हो गईं। अब वहां का प्रशासन इन घटनाओं की जांच कर रहा है।

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मगर जांच की औपचारिकताएं तो हर घटना की शिकायत पर निभाई ही जाती हैं। असल सवाल है कि क्या इससे वहां पूजा परिसरों की सुरक्षा का भरोसा बन सकेगा। अगर कैलिफोर्निया की पुलिस सचमुच पूजा स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर होती, तो स्वामिनारायण मंदिर में हुई तोड़फोड़ के बाद ही सतर्क हो गई होती।

मंदिरों पर हुए हमलों में यह तथ्य किसी जांच का विषय नहीं है कि उन्हें किन लोगों ने अंजाम दिया। खालिस्तान समर्थक संगठन अमेरिका और कनाडा में अपनी पूरी पहचान के साथ सक्रिय हैं। भारत इसे लेकर कई बार चिंता जता चुका है। मगर अब लगता है कि अमेरिका और कनाडा के लिए खालिस्तान समर्थक अलगाववादी कोई चिंता का विषय नहीं रह गए हैं।

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निज्जर की हत्या के बाद कनाडा सरकार ने आरोप लगाया था कि उसमें भारतीय खुफिया एजंसी का हाथ था। हालांकि बार-बार मांगे जाने के बाद भी वह भारत के सामने इसका कोई सबूत नहीं पेश कर सका है। उसके बाद अमेरिका ने आरोप लगाया कि भारत के एक अधिकारी ने पन्नू की हत्या की सुपारी दी थी। इस मामले में उसने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया।

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