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Sukha Murder: सुक्खा मर्डर की जिम्मेदारी वाले फेसबुक पोस्ट से लॉरेंस बिश्नोई का वास्ता नहीं, साबरमती जेल अधिकारियों का दावा

कनाडा में कुख्यात बंबीहा गिरोह के कथित सदस्य सुखदूल सिंह गिल उर्फ ​​सुक्खा डुनेके की बुधवार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक दिन बाद, पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के प्रतिद्वंद्वी गिरोहों ने हत्या की जिम्मेदारी लेने के लिए अलग-अलग पोस्ट में फेसबुक का सहारा लिया।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Keshav Kumar
Updated: September 22, 2023 14:47 IST
sukha murder  सुक्खा मर्डर की जिम्मेदारी वाले फेसबुक पोस्ट से लॉरेंस बिश्नोई का वास्ता नहीं  साबरमती जेल अधिकारियों का दावा
अहमदाबाद की विशेष एनआईए अदालत में लॉरेंस बिश्नोई की सुनवाई।(Express File Photo)
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अहमदाबाद में साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने कहा कि अगस्त से जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की सुक्खा हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने से जुड़ी फेसबुक पोस्ट में कोई भूमिका नहीं थी। कनाडा में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर सुखदूल सिंह गिल उर्फ ​​सुक्खा डुनेके की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए गुरुवार को बिश्नोई के गिरोह के नाम से एक फेसबुक पोस्ट सामने आई थी। फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि ड्रग एडिक्ट सुक्खा को उसके किए पापों की सजा मिली है।

पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के गिरोहों ने ली सुक्खा हत्याकांड की जिम्मेदारी

कनाडा में कुख्यात बंबीहा गिरोह के कथित सहयोगी सुक्खा डुनेके की बुधवार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसके एक दिन बाद पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के प्रतिद्वंद्वी गिरोहों ने सुक्खा की हत्या की जिम्मेदारी लेने के लिए फेसबुक पर अलग-अलग पोस्ट का सहारा लिया था। अपने पोस्ट में दोनों की ओर से लिखा गया था कि चाहे दुनिया में कहीं भी चले जाओ, मगर मत सोचना की बच जाओगे। सबको सजा मिलेगी।

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लॉरेंस बिश्नोई के फेसबुक पोस्ट पर बोलीं साबरमती सेंट्रल जेल की सुपरिटेंडेंट श्वेता श्रीमाली

साबरमती सेंट्रल जेल की सुपरिटेंडेंट श्वेता श्रीमाली ने बताया, “ऐसा नहीं है कि लॉरेंस बिश्नोई ने इसे यहाँ (जेल में) से पोस्ट किया है। यह संभव है कि उसके नाम से कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट चल रहे हों। यह संभव है कि यह किसी के द्वारा पोस्ट किया गया हो… सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में मैं आश्वस्त कर सकती हूं कि यह न तो उसके द्वारा पोस्ट किया गया था और न ही उसने इस तरह की सहमति दी थी कि कोई इसे पोस्ट करे। क्योंकि कोई भी उससे मिलने नहीं आया और किसी ने उसकी सहमति नहीं मांगी। यह कोई भी हो सकता है जिसने फेसबुक पर उसकी मंजूरी या सहमति के बिना पोस्ट किया हो।”

आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 268 के प्रावधानों के तहत गृह मंत्रालय का बड़ा आदेश

गृह मंत्रालय ने 30 अगस्त के एक आदेश में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 268 के प्रावधानों के तहत जेल में लॉरेंस बिश्नोई की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। इसके द्वारा सरकार निर्देश दे सकती है कि किसी भी व्यक्ति को उस जेल से नहीं हटाया जाएगा जिसमें वह है। हालांकि, उसे सीमित समय के लिए बुलाया या हिरासत में लिया जा सकता है।

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नई दिल्ली की तिहाड़ जेल के बाद साबरमती जेल अहमदाबाद लाया गया लॉरेंस बिश्नोई

नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को पहली बार सितंबर 2022 में कच्छ के जखाऊ तट से 194.97 करोड़ रुपये मूल्य की 38.994 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती के संबंध में अप्रैल में गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने हिरासत में लिया था। बठिंडा जेल से ट्रांजिट वारंट पर लाने के बाद और उसी हेरोइन जब्ती मामले में उसके खिलाफ यूएपीए के आरोप जोड़े जाने के बाद एटीएस ने अगस्त में उसे दूसरी बार हिरासत में लिया था। चार दिन की एटीएस हिरासत में भेजने के बाद उसे फिर न्यायिक हिरासत में साबरमती सेंट्रल जेल ले जाया गया।

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एटीएस के एक अधिकारी ने कहा, जांच पूरी होने पर मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को ट्रांसफर कर दिया गया। गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश अस्थायी रूप से रद्द किए जाने के बाद लॉरेंस बिश्नोई 14 से 18 सितंबर तक पांच दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में था। वह 18 सितंबर को न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल में वापस आ गया था।

लॉरेंस बिश्नोई के वकील ने कहा- साबरमती जेल में मुझे भी मिलने नहीं दिया जा रहा

इस बीच, लॉरेंस बिश्नोई के वकील आनंद ब्रह्मभट्ट ने कहा कि आरोपी को अपने वकील से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “एनआईए के लोक अभियोजक ने बताया कि सीआरपीसी धारा 268 के तहत केंद्र सरकार का आदेश पारित किया गया है जिसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। मैं उनके वकील के रूप में जेल में उनसे मिलने गया था, लेकिन मुझे उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।”

"गैंगस्टर और आतंकवादी" कहे जाने पर लॉरेंस बिश्नोई ने जताई सख्त आपत्ति

इसके अलावा, बिश्नोई ने उसे "गैंगस्टर और आतंकवादी" कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए 18 सितंबर को अहमदाबाद में एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष दायर एक आवेदन में अदालत से जांच एजेंसी को इस संबंध में आदेश पारित करने का आग्रह किया। बिश्नोई ने अपने आवेदन में कहा, “मेरे पास अपने अतीत और भविष्य को देखने की अपनी धारणा और अवधारणाएं हैं, लेकिन अगर कोई मुझे आतंकवादी या गैंगस्टर के रूप में संबोधित करता है तो मैं कड़ी आपत्ति जताता हूं… मुझे आज तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। फिर भी, मेरे साथ एक सजायाफ्ता कैदी के रूप में व्यवहार किया गया है”।

उसने कहा कि वह एक छात्र संघ का प्रतिनिधि था, लगभग 10 वर्षों से जेल में है और उसे "विभिन्न एजेंसियों द्वारा विभिन्न मामलों में लगातार गलत तरीके से फंसाया गया है।"

Canada India News: Sukha Case की ज़िम्मेदारी, Lawrence Bishnoi ने फेसबुक पर कही ये बात | Video

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