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जिसे पॉलिटिक्स में लाए थे नफे सिंह राठी उसी दोस्त ने रची थी साजिश? जानिए क्यों जमीन विवाद बन गया हत्या की वजह

Nafe Singh Rathee Murder: झज्जर के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा, 'सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है, मामला जल्द ही केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।'
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | February 27, 2024 11:12 IST
जिसे पॉलिटिक्स में लाए थे नफे सिंह राठी उसी दोस्त ने रची थी साजिश  जानिए क्यों जमीन विवाद बन गया हत्या की वजह
जमीन विवाद के रहते हुई है नफे सिंह राठी की हत्या? (फोटो : XNafe Singh)
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हरियाणा में इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या के मामले में कई खुलासे हो रहे हैं। जानकारी सामने आ रही है कि यह दो राठी परिवारों के बीच जमीन की लड़ाई से जुड़ा मामला है। जहां 640 वर्ग गज का एक जमीन के हिस्से को लेकर विवाद है। भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कौशिक पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है और भाजपा नेता करमबीर राठी और उनके परिवार के सदस्यों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

दो राठी परिवारों के बीच की लड़ाई

बहादुरगढ़ के जटवाड़ा गांव में दो प्रमुख राजनीतिक परिवार हैं। इनमें से एक नफे सिंह राठी का परिवार और दूसरा भाजपा नेता करमबीर राठी का परिवार---इन दोनों परिवारों के बीच कई सालों से बना रिश्ता राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के रहते टूट गया था। हालात इतने बदतर हुए कि अब नफे सिंह राठी की हत्या के आरोप में करमबीर राठी और उनके परिवार के सदस्य--जिनमें उनके बेटे और भतीजे को भी हत्या के आरोपों को सामना करना पड़ रहा है।

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सूत्रों की मानें तो नफे सिंह राठी और करमबीर राठी के परिवार पहले एक दूसरे से काफी नजदीक थे। नफे सिंह राठी ने ही करमबीर राठी को को राजनीति में बढ़ाया। यहां तक कि वह स्थानीय नागरिक निकाय प्रमुख भी बन गया। दोनों परिवारों के करीबी सूत्रों ने कहा कि सालों तक नफे और करमबीर के परिवार रियल एस्टेट के क्षेत्र में एक साथ काम करते थे और 1999 में उन्होंने एक पुलिस अधिकारी से 32 बीघे जमीन खरीदी थी। बाद में 32 बीघे में से ज्यादातर जमीन बिक चुकी थी लेकिन बहादुरगढ़ की डीआइजी कॉलोनी में 640 वर्ग गज जमीन का मालिकाना हक दोनों परिवारों के बीच विवाद का कारण बन गया। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि 640 वर्ग गज की कीमत 3 करोड़ रुपये है।

अक्टूबर 2022 में नफे सिंह राठी की पत्नी शीला राठी पर इस इस विवादित जमीन पर बिजली मीटर लगाने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। जनवरी 2023 में नफे के बेटे जितेंद्र राठी को भी इस सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद गहराता चला गया।

झज्जर के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा, "सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है, मामला जल्द ही केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।"

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चल रही जांच के बारे में पूछे जाने पर डिप्टी कमिश्नर ने कहा, “कुछ सुराग मिले हैं और चार टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल कर ली गई है।”

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