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केरल की मंत्री के निजी स्टाफ पर लगाया था रिश्वत मांगने का आरोप, धरा गया शख्स

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के एक निजी कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत का आरोप लगा है। मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Jyoti Gupta
Updated: October 04, 2023 20:31 IST
केरल की मंत्री के निजी स्टाफ पर लगाया था रिश्वत मांगने का आरोप  धरा गया शख्स
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। ( फोटो-इंडियन एक्‍सप्रेस)।
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केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के एक निजी कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत का आरोप लगा था। इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी बुधवार को दी। यह गिरफ्तारी मंत्री के निजी कर्मचारी अखिल मैथ्यू द्वारा की गई शिकायत के अधार पर की गई है। मैथ्यू ने रिश्वत के आरोपों से इनकार किया है और मामले में विस्तृत जांच की मांग की है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए शख्स का नाम एम. के. रईस है। वह कोझिकोड का रहने वाला है। उस पर ‘आयुष मिशन’ में अस्थायी नियुक्तियों के संबंध में कथित तौर पर एक फर्जी ई-मेल आईडी बनाने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि रईस को कोझिकोड से गिरफ्तार किया गया और उस पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की ट्रेड यूनियन शाखा सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के पूर्व कार्यालय सचिव के साथ कई बार रुपयों के हस्तांतरण करने का संदेह है। रईस पर रिश्वत मामले में भी शामिल होने का आरोप है।

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मैथ्यू की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने बताया कि इस कथित धोखाधड़ी में कौन शामिल है, इसका पता लगाने के लिए जांच जारी है। मलप्पुरम जिले के निवासी हरिदासन ने पिछले सप्ताह इसे उजागर किया था, जिससे राज्य में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। पुलिस ने मैथ्यू की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 419 और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है।

हरिदासन ने आरोप लगाया कि मंत्री के एक निजी कर्मचारी ने सरकारी मेडिकल अधिकारी के तौर पर उनकी बहू की नियुक्ति के लिए बतौर रिश्वत एक लाख रुपये लिए थे। उन्होंने मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि एक बिचौलिए ने उनसे संपर्क किया था और कहा था कि मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति मंत्री के कार्यालय के माध्यम से होगी और उनसे रिश्वत के तौर पर बड़ी राशि को किश्तों में भुगतान करने को कहा था।

हरिदासन ने इसके बाद आरोप लगाया कि पथनमथिट्टा में पूर्व सीटू कार्यालय सचिव ने उक्त नियुक्ति के लिए रिश्वत की राशि ली थी, हालांकि उनकी बहू को यह नौकरी नहीं मिली। पूर्व सीटू कार्यालय सचिव ने कथित तौर पर मामले में बिचौलिए के रूप में कार्य किया था। स्वास्थ्य मंत्री के निजी कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत के आरोपों को ‘गंभीर’ बताते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा था कि राज्य के सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पनप रहा है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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