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भारत को दो वर्ल्ड कप जिताने वाले युवराज सिंह को है किस बात का मलाल, टीम इंडिया से फिर जुड़ने की भी जताई इच्छा

भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने बताया कि वह नए रोल में टीम इंडिया से जुड़ना चाहते हैं।
Written by: खेल डेस्‍क | Edited By: RIYAKASANA
नई दिल्ली | Updated: January 13, 2024 20:25 IST
भारत को दो वर्ल्ड कप जिताने वाले युवराज सिंह को है किस बात का मलाल  टीम इंडिया से फिर जुड़ने की भी जताई इच्छा
मोहाली में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएस बिंद्रा स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच के दौरान पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के साथ बातचीत करते हुए ऋषभ पंत। (सोर्स- फाइल फोटो एएनआई)
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युवराज ने भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभायी है। वह 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द सीरीज भी रहे। वहीं उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैच में एक ओवर में छह छक्के लगाए हैं। कैंसर जैसी गंभीर बिमारी से लड़ने के बाद युवी ने मैदान पर वापसी भी की। करियर में इतना कुछ हासिल करने के बाद भी युवराज सिंह को एक मलाल अब तक है।

युवराज सिंह को ज्यादा टेस्ट न खेलने का है अफसोस

भारतीय ऑलराउंडर ने बताया कि बतौर क्रिकेटर उन्हें एक चीज का पछतावा है कि वह और अधिक टेस्ट मैच खेल सकते थे। पूर्व बायें हाथ के बल्लेबाज को अब भी लगता है कि वह 40 से ज्यादा टेस्ट मैच खेल सकते थे। उन्होंने कहा, ‘‘एक ही पछतावा है कि मैं और अधिक टेस्ट खेल सकता था। मैंने 40 टेस्ट खेले और 45 टेस्ट के लिए 12वां खिलाड़ी था। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह वो युग था जिसमें वीरेंद्र सहवाग को पारी का आगाज करना पड़ा। दादा (सौरव गांगुली) कप्तान थे, फिर वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर खेलते थे। टीम में जगह बनाना मुश्किल था। लेकिन मैंने ‘टीम मैन’ के तौर पर हमेशा अपना शत प्रतिशत दिया, यह मेरे लिए ज्यादा अहम है।’’

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टीम इंडिया के मेंटॉर बनना चाहते हैं युवराज सिंह

विश्व कप विजेता नायक युवराज सिंह ने शनिवार को संकेत दिया कि वह भारतीय क्रिकेट टीम को आने वाली चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए भविष्य में ‘मेंटोर’ की भूमिका निभाना पसंद करेंगे। युवराज ने यहां ‘युवराज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के उद्घाटन के दौरान कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने काफी फाइनल खेले लेकिन एक भी नहीं जीता। 2017 में मैं एक फाइनल का हिस्सा रहा जिसमें हम पाकिस्तान से हार गये थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आगामी वर्षों में हमें निश्चित रूप से इस पर काम करना होगा। बतौर देश और भारतीय टीम के तौर पर दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।’’

दबाव में बिखर जाती है टीम

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कुछ चीज की कमी है, जब कोई बड़ा मैच होता है तो हम शारीरिक रूप से तैयार होते हैं लेकिन मानसिक रूप से हमें मजबूत होने की जरूरत है। ’’ युवराज ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना, उन्हें सिखाना कि दबाव कैसे झेलते हुए अपना खेल दिखायें। यह चुनौती रही है। हमारे पास मैच होते हैं और खिलाड़ी जो दबाव में बल्लेबाजी कर सकें लेकिन पूरी टीम को ऐसा करना चाहिए, एक या दो खिलाड़ियों को नहीं।’’

भाषा इनपुट के साथ

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