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जय श्री राम बोलने में क्या दिक्कत है… 1000 बार कहो, क्या फर्क पड़ता है? बोले मोहम्मद शमी

मोहम्मद शमी का कहना है कि ‘जय श्री राम’ और ‘अल्लाह हूअकबर’ बोलने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
Written by: खेल डेस्‍क | Edited By: ALOK SRIVASTAVA
Updated: February 09, 2024 12:58 IST
जय श्री राम बोलने में क्या दिक्कत है… 1000 बार कहो  क्या फर्क पड़ता है  बोले मोहम्मद शमी
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 के फाइनल मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर का विकेट लेने के बाद जश्न मनाते मोहम्मद शमी। (पीटीआई)
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टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि हजार बार ‘जय श्री राम’ और ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मोहम्मद शमी ने न्यूज18 से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘हर धर्म में आपको 5 से 10 ऐसे लोग मिल जाएंगे जो विपरीत धर्म के व्यक्ति को पसंद नहीं करेंगे। मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है।’

33 साल के मोहम्मद शमी वर्तमान में एड़ी की चोट से उबर रहे हैं। चोट के कारण ही वह नवंबर 2023 में वनडे वर्ल्ड टूर्नामेंट खत्म होने के बाद से बाहर हैं। मोहम्मद शमी वनडे वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ भारत की जीत में विकेट लेने के बाद सजदा नहीं करने की बात कहने वालों पर भी तीखी टिप्पणी कर चुके हैं।

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‘राम मंदिर बन रहा है तो जय श्री राम बोलने में क्या दिक्कत है’

मोहम्मद शमी ने कहा, ‘जैसे सजदा करने की बात आई… राम मंदिर बन रहा है तो जय श्री राम बोलने में क्या दिक्कत है… 1000 बार कहो। अगर मुझे अल्लाह हू अकबर कहना है तो मैं 1000 बार कहूंगा… इससे क्या फर्क पड़ता है?’ इससे पहले अपने यूट्यूब चैनल पर शमी ने बताया था कि वह दोनों घुटनों के बल जमीन पर क्यों बैठे थे, जिसे सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सजदा करने की कोशिश बताया था।

वर्ल्ड कप 2023 में श्रीलंका के खिलाफ मैच के बाद भी मचा था बवाल

मोहम्मद शमी ने कहा था, ‘मुझे लगता है कि मैं लगातार 5वां ओवर फेंक रहा था और अपनी क्षमता से परे प्रयास के साथ गेंदबाजी कर रहा था। मैं थक गया था। गेंद बार-बार किनारे पर रह रही थी… शायद इसलिए जब मुझे 5वां विकेट मिला तो मैं अपने घुटनों पर बैठ गया। किसी ने मुझे धक्का दिया तो मैं थोड़ा आगे बढ़ गया। वह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लोगों ने सोचा कि मैं सजदा करना चाहता हूं, लेकिन नहीं किया। मेरे पास उनके लिए केवल एक ही सलाह है, कृपया इस तरह की बकवास बंद करें।’

मैं किसी से डरता नहीं: मोहम्मद शमी

शमी विश्व कप में केवल 7 मैचों में 24 विकेट लेकर हाइएस्ट विकेटटेकर बॉलर बने। शमी ने बताया, ‘सबसे पहले… मैं किसी से नहीं डरता इस चीज से। मैं एक मुस्लिम हूं, और मैंने पहले भी कहा है, मुझे एक मुस्लिम होने पर गर्व है। और मुझे भारतीय होने पर भी गर्व है। मेरे लिए देश सबसे पहले है। अगर ये चीजें किसी को परेशान करती हैं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।’

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सोशल मीडिया से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: मोहम्मद शमी

मोहम्मद शमी ने कहा, ‘मैं खुशी से रहता हूं, और मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करता हूं, मेरे लिए इससे ज्यादा कुछ मायने नहीं रखता। जहां तक विवादों की बात है तो जो लोग सिर्फ सोशल मीडिया पर ये गेम खेलने के लिए जीते हैं, मुझे उनकी परवाह नहीं है। जहां तक सजदा का सवाल है, अगर मैं ऐसा करना चाहता तो कर लेता। इसकी चिंता किसी और को नहीं होनी चाहिए।’

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