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भारत के सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर दत्ताजीराव गायकवाड़ का निधन, 95 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

दत्ताजीराव गायकवाड़ ने 1959 में इंग्लैंड के दौरे पर गई भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी की थी। उनका टेस्ट करियर 1952 से 1961 के बीच चला। इस दौरान उन्होंने भारत के लिए 11 टेस्ट मैच खेले थे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: ALOK SRIVASTAVA
Updated: February 13, 2024 13:23 IST
भारत के सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर दत्ताजीराव गायकवाड़ का निधन  95 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर डीके गायकवाड़ का मंगलवार 13 फरवरी 2024 को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
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भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर और पूर्व कप्तान दत्ताजीराव गायकवाड़ का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मंगलवार 13 फरवरी 2024 को निधन हो गया। वह भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और राष्ट्रीय कोच अंशुमान गायकवाड़ के पिता थे। वह 95 साल के थे। परिवार के एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वह पिछले 12 दिनों से बड़ौदा के एक अस्पताल के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) में भर्ती थे। उन्होंने जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार सुबह अंतिम सांस ली।

दत्ताजीराव गायकवाड़ ने 1952 और 1961 के बीच भारत के लिए 11 टेस्ट खेले थे। उन्होंने 1959 में इंग्लैंड दौरे पर राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी की थी। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 1952 में लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण किया। उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1961 में चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ था।

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दत्ताजीराव गायकवाड़ ने रणजी ट्रॉफी में 1947 से 1961 तक बड़ौदा का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 47.56 के औसत से 3139 रन बनाए। इसमें 14 शतक भी शामिल थे। उनका सर्वोच्च स्कोर 1959-60 सत्र में महाराष्ट्र के खिलाफ नाबाद 249 रन था। वह 2016 में भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर बने थे। उनसे पहले पहले दीपक शोधन भारत के सबसे अधिक उम्र वाले टेस्ट क्रिकेट थे। पूर्व बल्लेबाज दीपक शोधन का 87 वर्ष की आयु अहमदाबाद में निधन हुआ था।

12 साल की उम्र से शुरू किया था क्रिकेट खेलना

दत्ताजीराव गायकवाड़ 1948 में भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सीके नायडू के भाई टेस्ट क्रिकेटर सीएस नायडू के स्टूडेंट थे। उन्हें युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए बड़ौदा के महाराजा की ओर से नियुक्त किया गया था। उस समय दत्ताजीराव गायकवाड़ 12 साल के थे और बड़ौदा में सीके नायडू द्वारा शुरू किए गए पहले अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का हिस्सा थे। सीएस नायडू से लेग स्पिन और गुगली गेंदबाजी की रणनीति सीखने वाले दत्ताजीराव गायकवाड़ ने 1948 में बॉम्बे यूनिवर्सिटी (एकीकृत प्रांत के हिस्से के रूप में) के लिए रणजी में पदार्पण किया था।

इरफान पठान ने भी जाहिर किया शोक

दत्ताजीराव गायकवाड़ के निधन पर शोक जाहिर करते हुए इरफान पठान ने एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने X पर लिखा, ‘मोतीबाग क्रिकेट मैदान में बरगद के पेड़ की छाया के नीचे, अपनी नीली मारुति कार से, भारतीय कप्तान डी.के. गायकवाड़ सर ने अथक परिश्रम से बड़ौदा क्रिकेट के लिए युवा प्रतिभाओं की खोज की और हमारी टीम के भविष्य को आकार दिया। उनकी बहुत ज्यादा कमी महसूस की जाएगी। क्रिकेट समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति।’

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