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एक फोन कॉल जिसकी बदौलत जसप्रीत बुमराह की जिंदगी में आया 'सबसे बड़ा दिन', 6 साल बाद भी जारी है कहानी

भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने साल 2018 में टेस्ट डेब्यू किया था। वह अब टीम इंडिया के सबसे कामयाब टेस्ट गेंदबाजों में शामिल है।
Written by: खेल डेस्‍क | Edited By: Riya Kasana
नई दिल्ली | February 10, 2024 14:24 IST
एक फोन कॉल जिसकी बदौलत जसप्रीत बुमराह की जिंदगी में आया  सबसे बड़ा दिन   6 साल बाद भी जारी है कहानी
जसप्रीत बुमराह ने विशाखापत्तनम टेस्ट में 9 विकेट लिए थे। (Source- AP Photo)
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भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में छाई हुई है। उनकी गेंदों में इंग्लैंड के बैजबॉल का दम निकाल दिया है। बुमराह के टेस्ट करियर की कहानी छह साल पहले एक फोन कॉल से शुरू हुई। टीम इंडिया के फैंस उस फोन कॉल के लिए तब टीम इंडिया के हेड कोच रहे रवि शास्त्री को शुक्रिया कह सकते हैं जिनके कारण देश को रेड बॉल में सुपरस्टार गेंदबाज मिला।

बुमराह खेलना चाहते थे टेस्ट क्रिकेट

शास्त्री ने ‘द टाइम्स’ के लिए लिखने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन को दिए एक इंटरव्यू में बुमराह के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाज बुमराह ने छह साल पहले उनसे कहा था कि टेस्ट खेलना उनकी जिंदगी का ‘सबसे बड़ा दिन’ होगा। शास्त्री ने याद करते हुए कहा, ‘‘मुझे कोलकाता में उनसे पहली बातचीत याद है जिसमें मैंने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें टेस्ट क्रिकेट में दिलचस्पी है? तब उसने कहा था कि यह उसके जीवन का सबसे बड़ा दिन होगा। ’’

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बुमराह में टेस्ट क्रिकेट खेलने की भूख

जसप्रीत बुमराह को सीमित ओवर के खेल का विशेषज्ञ बताया जा रहा था और वह इस तमगे से बहुत खुश नहीं थे। वह टेस्ट करियर खेलना चाहते थे। शास्त्री ने कहा, ‘‘उससे बिना पूछे ही उसे सफेद गेंद का विशेषज्ञ करार दे दिया गया। लेकिन मैं जानता था और देखना चाहता था कि उसमें टेस्ट खेलने को लेकर कितनी भूख है। मैंने उससे कहा, तैयार रहो। मैंने उसे कहा कि मैं उसे साउथ अफ्रीका में खिलाने जा रहा हूं।’

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में छाए हैं बुमराह

उन्होंने कहा, ‘‘वह विराट कोहली के साथ टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए बेताब था। वह जानता है कि कोई भी सफेद गेंद के औसत को याद नहीं रखता है। लोग सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में आपके नंबर हमेशा याद रखेंगे। ’ विशाखापत्तनम टेस्ट में जीत से भारत को श्रृंखला में 1-1 से बराबरी दिलाने वाले मुकाबले में उन्होंने 91 रन देकर नौ विकेट झटके। इससे यह 30 साल का खिलाड़ी सबसे तेज 150 टेस्ट विकेट हासिल करने वाला भारतीय बन गया।

भाषा इनपुट के साथ

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