scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

सब्जी, दाल और मसालों की कीमतें बढ़ने से खुदरा वस्तुओं में आई तेजी, इस राज्य में सबसे ज्यादा महंगाई

ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य वस्तुओं की महंगाई शहरी क्षेत्रों के मुकाबले कम रही।
Written by: जनसत्ता
नई दिल्ली | Updated: January 13, 2024 15:23 IST
सब्जी  दाल और मसालों की कीमतें बढ़ने से खुदरा वस्तुओं में आई तेजी  इस राज्य में सबसे ज्यादा महंगाई
तेल और वसा की कीमतों में 14.96 फीसद की गिरावट दर्ज की गई।
Advertisement

खुदरा महंगाई में तेजी का दौर जारी है। सब्जी, दाल और मसालों के महंगे होने से दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति तेजी से बढ़कर चार महीनों के उच्च स्तर 5.69 फीसद पर पहुंच गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) पर आधारित मुद्रास्फीति नवंबर, 2023 में 5.55 फीसद और दिसंबर, 2022 में 5.72 फीसद रही थी। आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में दिल्ली में सबसे कम 2.95 फीसद मुद्रास्फीति रही जबकि सबसे अधिक 8.73 फीसद मुद्रास्फीति ओडिशा में रही।

सब्जियों की महंगाई दिसंबर में सालाना आधार पर 27.64 फीसद रही

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर, 2023 में बढ़कर 9.53 फीसद हो गई जो इससे पिछले महीने 8.70 फीसद और दिसंबर, 2022 में 4.90 फीसद थी। इससे पहले, बीते साल अगस्त में मुद्रास्फीति 6.83 फीसद के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। ताजा आंकड़ों के अनुसार सब्जियों की महंगाई दिसंबर में सालाना आधार पर 27.64 फीसद रही। उसके बाद दाल और मसालों में कीमत वृद्धि क्रमश: 20.73 फीसद और 19.69 फीसद थी। हालांकि, आलोच्य अवधि में तेल और वसा की कीमतों में 14.96 फीसद की गिरावट दर्ज की गई। खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में ग्रामीण क्षेत्रों में 5.93 फीसद रही जबकि शहरी क्षेत्र में यह 5.46 फीसद थी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य वस्तुओं की महंगाई शहरी क्षेत्रों के मुकाबले कम रही।

Advertisement

मुद्रास्फीति में वृद्धि की वजह खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में तेजी है

आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया में इक्रा रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि मासिक आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति में वृद्धि का कारण खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में तेजी है। अन्य उप-समूहों में या तो दाम नरम हुए हैं या फिर सालाना आधार पर लगभग स्थिर हैं।

उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ाने में खाद्य वस्तुओं में उम्मीद के अनुरूप सब्जियों की भूमिका सबसे ज्यादा रही। भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समीक्षा पर विचार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। उसे मुद्रास्फीति दो फीसद घट-बढ़ के साथ चार फीसद पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में दिल्ली में सबसे कम 2.95 फीसद मुद्रास्फीति रही जबकि सबसे अधिक 8.73 फीसद मुद्रास्फीति ओडिशा में रही।

Advertisement

दिल्ली में सबसे कम 2.95 फीसद मुद्रास्फीति रही जबकि सबसे अधिक 8.73 फीसद मुद्रास्फीति ओडिशा में रही। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर, 2023 में बढ़कर 9.53 फीसद हो गई जो इससे पिछले महीने 8.70 फीसद और दिसंबर, 2022 में 4.90 फीसद थी। ताजा आंकड़ों के अनुसार सब्जियों की महंगाई दिसंबर में सालाना आधार पर 27.64 फीसद रही। उसके बाद दाल और मसालों में कीमत वृद्धि क्रमश: 20.73 फीसद और 19.69 फीसद थी। हालांकि, आलोच्य अवधि में तेल और वसा की कीमतों में 14.96 फीसद की गिरावट दर्ज की गई।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो